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Kurukshetra News: दाखिले घटने से इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट गहरे आर्थिक संकट में फंसा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Aug 2025 01:39 AM IST
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Due to decrease in admissions, Institute of Hotel Management is in deep financial crisis
कुरुक्षेत्र। इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट। संवाद
कुरुक्षेत्र। देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में गिना जाने वाला इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) कुरुक्षेत्र इन दिनों आर्थिक संकट से गुजर रहा है। पिछले करीब डेढ़ साल से फंड की भारी कमी के चलते यहां स्टाफ को नियमित वेतन तक नहीं मिल पा रहा।
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पिछले एक साल में महज तीन से चार महीने का ही वेतन मिल पाया है जिससे कर्मचारियों में असंतोष और चिंता का माहौल है। यह संस्थान सेल्फ फाइनेंस मॉडल पर संचालित होता है।
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इसके संचालन के लिए मुख्य आय का स्रोत विद्यार्थियों से मिलने वाली फीस है लेकिन कोविड महामारी के बाद से यहां दाखिलों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। संस्थान 2008 से संचालित है और अग्रणी होटल प्रबंधन संस्थानों में से एक रहा है लेकिन वर्तमान में फंड की कमी और घटते दाखिलों की वजह से यह संस्थान अपने अस्तित्व को बचाने की जद्दोजहद में लगा हुआ है।
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हालांकि संस्थान में 100 प्रतिशत प्लेसमेंट है लेकिन कोविड के बाद घटते दाखिले संस्थान के फंड के लिए चुनौती बन गए हैं। प्राचार्य प्रभारी डॉ. अनिल लखेड़ा का कहना है कि दाखिले कम होने के कारण संस्थान की आय पर सीधा असर पड़ा है जिससे फंड की कमी महसूस की जा रही है।

कुरुक्षेत्र। इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट। संवाद

कुरुक्षेत्र। इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट। संवाद

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