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अस्थमा की बीमारी से पीड़ित थे डॉ. रविकांत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 06 May 2021 12:58 AM IST
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Dr. Ravikant was suffering from asthma disease, Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. रविकांत की कोरोना संक्रमण से मौत मामले में जिला स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। डॉ. रविकांत क्रोनिक डिजीज से पीड़ित थे। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी ने जिला सिविल सर्जन को पत्र लिखकर डॉ. रविकांत को रिलीव करने का अनुरोध किया था, लेकिन यह जानते हुए भी स्वास्थ्य विभाग कोरोना काल से ही डॉ. रविकांत से आइसोलेशन वार्ड और कोविड केयर सेंटर में सेवाएं ले रहा था।
बताया गया कि पिछले कई वर्षों से डॉ. रविकांत को अस्थमा की दिक्कत थी। वे खुद भी जिला सिविल सर्जन से मुलाकात करके अपनी अस्थमा बीमारी संबंधित अवगत करवा चुके थे और उन्होंने यहां से रिलीव करने की गुहार भी लगाई थी। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. सुदेश जाटियान की ओर से 19 अगस्त 2020 को लिखे गए पत्र में डॉ. रविकांत को क्रोनिक डिजीज और एएमओ डॉ. प्रवीण शर्मा को हाइपरटेंशन और शुगर से पीड़ित बताया गया था। इसके अलावा भी जिला आयुर्वेदिक अधिकारी ने 28 अप्रैल 2020, 06 मई 2020, 15 अक्तूबर 2020 और 4 जनवरी 2021 को जिला सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह के नाम पत्र लिखकर आयुष विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कोरोना ड्यूटी से हटाने की अपील की थी। लेकिन इन पत्रों पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। उल्लेखनीय है कि सोमवार की रात को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में कोरोना संक्रमण से मृत्यु हो गई थी।
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पापा ने ड्यूटी हटवाने के लिए कई बार लिखे थे पत्र: प्रियंका
डॉ. रविकांत की पुत्री प्रियंका ने बताया कि पिछले तीन साल से उनके पापा को अस्थमा की दिक्कत थी और कोरोना संक्रमण की दस्तक के बाद उनके पापा की ड्यूटी आइसोलेशन वार्ड में लगाई गई थी। इस दौरान उनके पापा ने कई बार संबंधित अधिकारियों को ड्यूटी हटवाने को लेकर पत्र लिखे थे। प्रियंका ने बताया कि उनके पापा 13 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव हुए थे, लेकिन गंभीर हालत के चलते शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल किया गया था। 26 अप्रैल को अंतिम बार उनकी डॉ. रविकांत से बात हुई थी।
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कई बार सीएमओ को लिखे पत्र, नहीं लिया संज्ञान: डॉ. सुदेश
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. सुदेश जाटियान का कहना है कि डॉ. रविकांत को अस्थमा की दिक्कत थी। उन्होंने कई बार जिला सिविल सर्जन को पत्र लिखकर अनुरोध भी किया था कि एएमओ डॉ. रविकांत सहित कई डॉक्टर को क्रोनिक डिजीज है। उन्होंने सीएमओ को फोन करके बोला भी था कि आयुर्वेदिक विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यहां से रिलीव किया जाए, ताकि उनका कार्य भी प्रभावित न हो, लेकिन कोई संज्ञान नहीं लिया गया।

सीएमओ से मांगी जाएगी रिपोर्ट: एसडीएम
एसडीएम अखिल पिलानी का कहना है कि कोरोना संक्रमण से एएमओ डॉ. रविकांत की मौत का मामला उनके संज्ञान में नहीं थी। इस मामले में जिला सिविल सर्जन से रिपोर्ट मांगी जाएगी। उसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
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