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Kurukshetra News: ग्लोबल वाॅर्मिंग के दुष्प्रभाव पर की चर्चा
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र में विश्व जल दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जल संरक्षण व जल की गुणवत्ता आैर महत्त्व के बारे में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की जिला सलाहकार डेलिया बातिश ने विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि विश्व जल दिवस की थीम ग्लेशियरों को बचाएं।
इस मौके पर उन्होंने ग्लोबल वाॅर्मिंग के दुष्प्रभाव पर चर्चा की और कहा कि वनों की रक्षा करें, पेड़ लगाएं ताकि ग्लोबल वार्मिंग न हो वरना पीने योग्य मीठे पानी के स्रोत ग्लेशियर पिघल कर खत्म होने लगेंगे और इससे बाढ़ आदि कई प्रकार के खतरे हो जाएंगे। ग्लेशियरों के पिघलने से सागर का जलस्तर बढ़ जाएगा और इससे समुद्री तट के नजदीक के इलाकों को भी भारी दिक्कत का सामना पड़ सकता है।
केंद्र के परियोजना समन्वयक सुरेश कुमार सोनी ने कहा कि ग्लेशियर पृथ्वी पर जीवन के लिए बहुत आवश्यक है, वे ग्रह को ठंडा रखते हैं तथा विश्व के मीठे पानी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा संग्रहीत करते है, वे झीलों व नदियों हेतु जल का मुख्य स्रोत हैं तथा पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखते हैं।
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इस मौके पर उन्होंने ग्लोबल वाॅर्मिंग के दुष्प्रभाव पर चर्चा की और कहा कि वनों की रक्षा करें, पेड़ लगाएं ताकि ग्लोबल वार्मिंग न हो वरना पीने योग्य मीठे पानी के स्रोत ग्लेशियर पिघल कर खत्म होने लगेंगे और इससे बाढ़ आदि कई प्रकार के खतरे हो जाएंगे। ग्लेशियरों के पिघलने से सागर का जलस्तर बढ़ जाएगा और इससे समुद्री तट के नजदीक के इलाकों को भी भारी दिक्कत का सामना पड़ सकता है।
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केंद्र के परियोजना समन्वयक सुरेश कुमार सोनी ने कहा कि ग्लेशियर पृथ्वी पर जीवन के लिए बहुत आवश्यक है, वे ग्रह को ठंडा रखते हैं तथा विश्व के मीठे पानी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा संग्रहीत करते है, वे झीलों व नदियों हेतु जल का मुख्य स्रोत हैं तथा पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखते हैं।
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