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Kurukshetra News: महिला हिंसा के उन्मूलन पर की चर्चा
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कार्यक्रम में मंचासीन निदेशक प्रो. बीवीआर रेड्डी व अन्य। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया गया। आंतरिक शिकायत समिति ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें महिलाओं के खिलाफ भेदभाव पर पखवाड़ा की शुरुआत भी हुई।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए, प्रोफेसर सरस्वती सेतिया, अध्यक्ष, आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) ने महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न और उल्लंघन की रोकथाम के लिए संस्थागत ढांचे को साझा किया। निदेशक प्रो बीवीआर रेड्डी ने टिप्पणी की कि भारत एक ऐसी भूमि है जहां महिलाओं का हमेशा सम्मान किया जाता है और हमें एक ऐसा वातावरण बनाने की आवश्यकता है जो हर इंसान की पूर्ण क्षमता का विकास सुनिश्चित करे।
प्रथम वक्ता सुश्री अरुंधति कुलश्रेष्ठ, अधिवक्ता, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय चंडीगढ़ ने यौन उत्पीड़न निवारण अधिनियम की मुख्य विशेषताओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने शिकायत दर्ज करने और जांच करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। वक्ता प्रोफेसर नीरा वर्मा, अध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग, गुरुग्राम विश्वविद्यालय, गुरुग्राम ने महिलाओं के खिलाफ हिंसा के प्रचलित मामलों पर चर्चा की और इसे कम करने के लिए सात बिंदु प्रस्तुत किए। इस अवसर पर प्रो अनीता दुआ, प्रो एसएम गुप्ता, प्रो दीक्षित गर्ग, प्रो. विकास चौधरी, प्रो. हरि सिंह, प्रो. ज्योति ओहरी, डॉ वृंदा गोयल, जीआर सामंतराय, पंकज बयाती आदि उपस्थित रहे।
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कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया गया। आंतरिक शिकायत समिति ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें महिलाओं के खिलाफ भेदभाव पर पखवाड़ा की शुरुआत भी हुई।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए, प्रोफेसर सरस्वती सेतिया, अध्यक्ष, आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) ने महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न और उल्लंघन की रोकथाम के लिए संस्थागत ढांचे को साझा किया। निदेशक प्रो बीवीआर रेड्डी ने टिप्पणी की कि भारत एक ऐसी भूमि है जहां महिलाओं का हमेशा सम्मान किया जाता है और हमें एक ऐसा वातावरण बनाने की आवश्यकता है जो हर इंसान की पूर्ण क्षमता का विकास सुनिश्चित करे।
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प्रथम वक्ता सुश्री अरुंधति कुलश्रेष्ठ, अधिवक्ता, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय चंडीगढ़ ने यौन उत्पीड़न निवारण अधिनियम की मुख्य विशेषताओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने शिकायत दर्ज करने और जांच करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। वक्ता प्रोफेसर नीरा वर्मा, अध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग, गुरुग्राम विश्वविद्यालय, गुरुग्राम ने महिलाओं के खिलाफ हिंसा के प्रचलित मामलों पर चर्चा की और इसे कम करने के लिए सात बिंदु प्रस्तुत किए। इस अवसर पर प्रो अनीता दुआ, प्रो एसएम गुप्ता, प्रो दीक्षित गर्ग, प्रो. विकास चौधरी, प्रो. हरि सिंह, प्रो. ज्योति ओहरी, डॉ वृंदा गोयल, जीआर सामंतराय, पंकज बयाती आदि उपस्थित रहे।
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