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प्राचीन सरस्वती मंदिर के घाट में सरस्वती नदी से आ रही थी गंदगी, बंद करना पड़ा घाट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Dec 2021 02:15 AM IST
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Dirt was coming from Saraswati river in the Ghat of ancient Saraswati temple, Ghat had to be closed
सरकार भले ही सरस्वती नदी पर करोड़ों रुपये खर्च कर नियमित स्वच्छ जल प्रवाह के साथ नौका विहार की योजना को सिरे चढ़ाने का दावा कर रही हो, मगर स्थिति बिल्कुल विपरीत है। प्राचीन सरस्वती मंदिर के सामने ही उसकी बेकद्री हो रही है। सरस्वती नदी में शौचालय का गंदा पानी डाला जा रहा है। सरस्वती हेरिटेज बोर्ड की ओर से नोटिस देने के बाद भी हालात में सुधार नहीं है, बल्कि दिन-प्रतिदिन सरस्वती नदी के हालात बदतर हो रहे हैं। स्थिति को देखते हुए अब घाट को नदी के सिरे से बंद करना पड़ा है।
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सरकार की ओर से सरस्वती नदी के पुनरुत्थान और जीर्णोद्धार के लिए बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर नदी में स्वच्छ जल प्रवाह की जगह सीवरेज की गंदगी डाली जा रही है। गांव खेड़ी मारकंडा की डीडी और राणा कॉलोनी में सरस्वती नदी के आसपास रह रहे लोग उसमें गंदगी डाल रहे हैं। इन लोगों ने सरस्वती के किनारे पर शौचालय बनाए हुए हैं। इन शौचालय के पाइप नदी में छोड़े गए हैं, जिससे निकली गंदगी सरस्वती में गिर रही है। इन लोगों को रोकने के लिए हेरिटेज बोर्ड की ओर कदम भी उठाया गया था। बोर्ड ने किनारे पर शौचालय बनाने वाले लोगों को नोटिस दिए थे, मगर बोर्ड केवल नोटिस देने तक ही सीमित रहा। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। न ही इस पर रोक लगाई जा सकी। उधर, राणा कालोनी में सरस्वती नदी के किनारे स्थित प्राचीन सरस्वती मंदिर भी गंदगी से अछूता नहीं रहा। नदी में आ रही गंदगी के कारण न केवल मंदिर का वातावरण दूषित हो रहा, बल्कि मंदिर में बने घाट में भी गंदगी आ रही। लिहाजा, मंदिर के घाट में आ रही गंदगी को देखते हुए घाट को नदी के सिरे से बंद करना पड़ा। वहीं उस घाट में पानी डालने का कोई साधन भी उपलब्ध नहीं है, जिस कारण घाट में मौजूद पानी गंदा हो चुका है। इस घाट का पानी स्नान के लिए तो दूर आचमन के लायक भी नहीं रहा।
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सरकार तुरंत बंद कराए अशुभ कार्य : महंत बंसी पुरी
भारत साधु समाज के हरियाणा अध्यक्ष महंत बंसी पुरी ने कहा कि सरकार और हेरिटेज बोर्ड तुरंत इस अशुभ कार्य को रोके। इससे न केवल नदी, मंदिर और तीर्थ की पवित्रता भंग हो रही है, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था भी प्रभावित हो रही है। बोर्ड के सदस्य से अनुरोध है कि ऐसे लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें और अशुभ कार्य को बंद कराएं।
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एसटीपी योजना पर चल रहा काम, गंदगी गिराने वालों पर होगी कार्रवाई : धुम्मन सिंह किरमिच
सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच ने बताया कि बोर्ड की ओर से सरस्वती में गिर रहे गंदे पानी को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के माध्यम से स्वच्छ करने की योजना पर काम चल रहा है। खेड़ी मारकंडा पंचायत की ओर से जमीन अलॉट हो गई है। शीघ्र ही इस योजना पर काम पूरा करने का प्रयास रहेगा। कहा कि नदी में गंदगी छोड़ने वाले लोगों को एनजीटी की ओर से नोटिस दिए गए हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी जाएगी।
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