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Kurukshetra News: जर्जर और लटकती तारें बन रहीं हादसों का सबब

Mon, 02 Mar 2026 03:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Mon, 02 Mar 2026 03:28 AM IST
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Dilapidated and hanging wires are becoming the cause of accidents
शाहाबाद।  घरों के ऊपर से गुजर  रही हाईटेशन तारें।  संवाद
कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। जिल के विभिन्न क्षेत्रों में जर्जर और लटकती तारे हादसों का सबब बनीं हुई हैं। इन लाइनों की चपेट में आने से करीब 15 लोगों की जान जा चुकी है। शनिवार को भी एक मासूम की मौत होने के बाद लोगों में विभाग के खिलाफ रोष है। तीन साल पहले बिजली निगम ने जिलेभर में व्यापक सर्वे अभियान चलाकर 208 खतरनाक स्थानों की पहचान की थी, जहां लटकती या जर्जर विद्युत लाइनें आमजन के लिए गंभीर खतरा बनी हुई थीं। इसके बाद भी बिजली निगम ने कई स्थानों पर इन तारों की सुध नहीं ली
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जिले में ऐसे कई अन्य स्थान हैं, जहां तारें छतों के साथ होकर गुजर रही है, जिससे लोग डर के साये में जीने को मजबूर हैं। इन क्षेत्रों के लोगों ने कई बार निगम के अधिकारियों को इन तारों को हटाने के लिए लिखित में शिकायत दी है, लेकिन इसके बाद भी इन क्षेत्रों में हालात जस के तस बने हुए हैं। इस मामले में बिजली निगम अधिकारियों का कहना उन्होंने तीन साल पहले करवाए गए सर्वे को प्राथमिकता देते हुए कार्य योजना तैयार की और दो वर्षों के भीतर सभी 208 चिन्हित स्थानों पर सुधार कार्य पूरा कर लिया। खतरनाक एवं जर्जर लाइनों को हटाकर सुरक्षित व्यवस्था स्थापित की गई, जिससे संभावित हादसों पर रोक लगाई जा सके।
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बिजली निगम के एसई मदन गोपाल जिंदल ने बताया कि विभाग ने सभी खतरनाक लाइनों को हटाने का कार्य पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा कि जहां भी किसी क्षेत्र में प्लास्टिक कवर (एबी केबल) या नई सुरक्षित लाइन डालने की आवश्यकता सामने आती है, वहां प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के बाद चरणबद्ध तरीके से लाइनों को बदला जा रहा है। वहीं शाहाबाद की लक्की कालोनी के ऊपर से गुजर रही 66 केवी हाई टेंशन लाइन घनी आबादी के बीच मौत का जाल प्रतीत हो रही है। यह वायर वर्षों से लोगों के लिए डर का कारण बनी हुई हैं, जो घरों की छतों पर चढ़ते ही हर पल अनहोनी का अहसास कराती है। इससे लोगों में डर का साया बना हुआ है। इन्हें हटाने के लिए कई बार निगम को लिखित शिकायतें दी गई, लेकिन निगम ने हर बार औपचारिकता निभाकर मामला टाल दिया। संवाद
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लोहे की वस्तुओं को छूने पर होती है झनझनाहट महसूस
पार्षद जसबीर सैनी, राकेश कुमार, जितेंद्र, विक्की, विकास और सरनाम का कहना है कि इन तारों का प्रभाव इतना है कि घरों की लोहे की वस्तुओं को छूने पर झनझनाहट महसूस होती है। इन तारों के कारण लोग 24 घंटे मौत के साए में जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि निगम एक 11 वर्षीय मासूम की जान लेने के बाद भी आंख मूंदे हुए हैं और अभी तक निगम की ओर कोई भी अधिकारी परिवार से मिलने नहीं पहुंचा है। कालोनीवासियों ने कहा कि अगर जल्द ही निगम इस लाइन को यहां से नहीं हटाया तो उन्हें मजबूरी में धरने पर बैठना पड़ेगा।


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बिजली निगम केशव कांड से ले सबक

कॉलोनीवासी मांग कर रहे हैं कि केशव कांड से सबक लेते हुए 66 केवी की लाइन को तुरंत आबादी से बाहर शिफ्ट किया जाए। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो और परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। केशव की मौत सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही का आईना है। एक मासूम, जो शायद एक कबूतर को करंट से बचाना चाहता था, खुद करंट की भेंट चढ़ गया।


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मासूम का परिजनों की सहमति पर बिना पोस्टमार्टम किया अंतिम संस्कार
लक्की कालोनी के ऊपर से गुजर रही 66 केवी हाई टेंशन लाइन की चपेट में आए मासूम का अंतिम संस्कार परिजनों की सहमति से पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम ही करवा दिया। अभी तक परिजनों ने पुलिस को बिजली निगम के खिलाफ कोई लिखित शिकायत नहीं दी है। 11 वर्षीय मृतक मासूम के पिता मिथलेश और मां रिंकी का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि अगर यह जानलेवा 66 केवी हाई टेंशन लाइन यहां न होती तो आज हमारा बेटा जिंदा होता।
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