{"_id":"66ff3595d96ad38e3a097898","slug":"dharmanagari-colored-in-mothers-colors-on-navratri-5100-kalashdhari-women-led-the-way-kurukshetra-news-c-45-1-sknl1005-125080-2024-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: नवरात्र पर मां के रंग में रंगी धर्मनगरी, 5100 कलशधारी महिलाओं ने की अगुवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: नवरात्र पर मां के रंग में रंगी धर्मनगरी, 5100 कलशधारी महिलाओं ने की अगुवाई
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। प्रदेश के एकमात्र शक्तिपीठ श्री देवीकूप भद्रकाली मंदिर में 14 दिनों तक चलने वाले महोत्सव की शुरूआत वीरवार को हुई। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रही। मंदिर में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां भद्रकाली के दर्शन कर मनोकामनाएं पूरी होने के लिए प्रार्थना की। मान्यता है कि इस मंदिर में घोड़े चढ़ाने की प्रथा भगवान श्री कृष्ण ने शुरू की गई थी और महाभारत में युद्ध विजय करने के पश्चात घोड़े भी भेंट किए थे। इसलिए मनोकामना पूर्ण होने पर घोड़े चढ़ाने की प्रथा प्राचीन है।
नवरात्र के उपलक्ष्य में शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह की धर्मपत्नी आशा हुड्डा ने बतौर मुख्यअतिथि नारियल फोड़कर व हरी झंडी दिखाकर नगर परिक्रमा के लिए रवाना किया। मुख्यअतिथि आशा हुड्डा ने कहा कि मां भद्रकाली शक्तिपीठ में आने पर सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। मां के दर्शनों से सभी मन्नतें पूरी होती हैं। इसके पश्चात उन्होंने मन्नत धागा भी बांधा।
पीठाध्यक्ष सतपाल शर्मा ने बताया कि परंपरा के मुताबिक अध्यक्ष नरेंद्र वालिया ने गणेश द्वार पर और 108 फुट ऊंचे गुंबद पर ध्वजारोहण किया और मां भद्रकाली की विधिवत पूजा अर्चना की। इसके पश्चात मंदिर गर्भगृह से मां भद्रकाली जी की पीतल की प्रतिमा को विशेष पालकी पर बिठाकर ज्योति रथ पर स्थापित कर ज्योति प्रज्ज्वलित की गई साथ ही आठ फुट चौड़े व 10 फुट ऊंचे विशेष 10 स्वर्णिम अश्वों का मां भद्रकाली मंदिर में लोकार्पण किया गया। उमेश शर्मा ने कहा शोभायात्रा में मां भद्रकाली ज्योति रथ, प्रसाद रथ, 5100 कलशधारी महिलाएं, 500 झंडे, 52 शक्तिपीठों के 52 चांदी त्रिशूल, 11 गोल ध्वज पताका, 52 विशेष जय मां छतरी भी शामिल रही। इसके अलावा 21 ढोल, बैंड बाजा, व मां काली के आठ स्वरूप शामिल रहे। यह शोभायात्रा रोटरी चौक, सीकरी चौक, आंबेडकर चौक, सेक्टर 17 मार्किट, पारस सिनेमा, गोल बैंक चौक, न्यू कॉलोनी, अमीन रोड, आंबेडकर चौक, कच्चा घेर ,सीकरी चौक, दर्रा खेड़ा से होते हुए मंदिर पहुंची। इस मौके पर शिमला देवी, नरेंद्र वालिया, डॉ. एमके मौदगिल, जीवन मौदगिल, देवेंद्र गर्ग, संजीव मित्तल, मीना जोशी, डॉ. अन्नु पॉल शर्मा, निकुंज शर्मा, स्नेहिल शर्मा, रामपाल लाठर, सुनील शर्मा, आशीष दीक्षित, सतपाल पीपली, ऋषि तोमर , कृष्ण माटा, रेशमा, हाकम चौधरी, सुरेंद्र द्विवेदी सहित अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। प्रदेश के एकमात्र शक्तिपीठ श्री देवीकूप भद्रकाली मंदिर में 14 दिनों तक चलने वाले महोत्सव की शुरूआत वीरवार को हुई। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रही। मंदिर में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां भद्रकाली के दर्शन कर मनोकामनाएं पूरी होने के लिए प्रार्थना की। मान्यता है कि इस मंदिर में घोड़े चढ़ाने की प्रथा भगवान श्री कृष्ण ने शुरू की गई थी और महाभारत में युद्ध विजय करने के पश्चात घोड़े भी भेंट किए थे। इसलिए मनोकामना पूर्ण होने पर घोड़े चढ़ाने की प्रथा प्राचीन है।
नवरात्र के उपलक्ष्य में शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह की धर्मपत्नी आशा हुड्डा ने बतौर मुख्यअतिथि नारियल फोड़कर व हरी झंडी दिखाकर नगर परिक्रमा के लिए रवाना किया। मुख्यअतिथि आशा हुड्डा ने कहा कि मां भद्रकाली शक्तिपीठ में आने पर सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। मां के दर्शनों से सभी मन्नतें पूरी होती हैं। इसके पश्चात उन्होंने मन्नत धागा भी बांधा।
विज्ञापन
पीठाध्यक्ष सतपाल शर्मा ने बताया कि परंपरा के मुताबिक अध्यक्ष नरेंद्र वालिया ने गणेश द्वार पर और 108 फुट ऊंचे गुंबद पर ध्वजारोहण किया और मां भद्रकाली की विधिवत पूजा अर्चना की। इसके पश्चात मंदिर गर्भगृह से मां भद्रकाली जी की पीतल की प्रतिमा को विशेष पालकी पर बिठाकर ज्योति रथ पर स्थापित कर ज्योति प्रज्ज्वलित की गई साथ ही आठ फुट चौड़े व 10 फुट ऊंचे विशेष 10 स्वर्णिम अश्वों का मां भद्रकाली मंदिर में लोकार्पण किया गया। उमेश शर्मा ने कहा शोभायात्रा में मां भद्रकाली ज्योति रथ, प्रसाद रथ, 5100 कलशधारी महिलाएं, 500 झंडे, 52 शक्तिपीठों के 52 चांदी त्रिशूल, 11 गोल ध्वज पताका, 52 विशेष जय मां छतरी भी शामिल रही। इसके अलावा 21 ढोल, बैंड बाजा, व मां काली के आठ स्वरूप शामिल रहे। यह शोभायात्रा रोटरी चौक, सीकरी चौक, आंबेडकर चौक, सेक्टर 17 मार्किट, पारस सिनेमा, गोल बैंक चौक, न्यू कॉलोनी, अमीन रोड, आंबेडकर चौक, कच्चा घेर ,सीकरी चौक, दर्रा खेड़ा से होते हुए मंदिर पहुंची। इस मौके पर शिमला देवी, नरेंद्र वालिया, डॉ. एमके मौदगिल, जीवन मौदगिल, देवेंद्र गर्ग, संजीव मित्तल, मीना जोशी, डॉ. अन्नु पॉल शर्मा, निकुंज शर्मा, स्नेहिल शर्मा, रामपाल लाठर, सुनील शर्मा, आशीष दीक्षित, सतपाल पीपली, ऋषि तोमर , कृष्ण माटा, रेशमा, हाकम चौधरी, सुरेंद्र द्विवेदी सहित अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन