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Kurukshetra News: धनतेरस पर बरसा धन, 550 करोड़ का हुआ कारोबार
Sat, 18 Oct 2025 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 18 Oct 2025 11:52 PM IST
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कुरुक्षेत्र। धनतेरस के दिन दीये खरीदती महिलाएं। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। धनतेरस पर जिले के बाजारों में रौनक छाई रही। धन के देवता कुबेर और आरोग्य के देवता धन्वंतरि की पूजा के बाद लोगों ने शुभ मुहूर्त में जमकर खरीदारी की। वहीं सुबह से देर रात तक झाड़ू, दीये, बर्तन, मिठाई, इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ रही। इसके अलावा सराफा की दुकानों पर काफी संख्या में लोग चांदी की गणेश-लक्ष्मी और सिक्कों को खरीदने के लिए पहुंचे। इस दौरान लोगों ने सोने के आभूषणों की भी खरीदारी की। ग्राहकों की अच्छी संख्या के कारण कारोबारियों के चेहरे खुशी से खिले रहे। व्यापार मंडल के प्रधान फतेह चंद गांधी ने धनतेरस पर जिलेभर में लगभग 550 करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद जताई।
धनतेरस की शुरुआत भक्तों ने भगवान धन्वंतरि और भगवान कुबेर की पूजा से की। घरों में पूजा के बाद परिवारों ने शुभ समय में खरीदारी शुरू की। मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना हुई। लोगों का कहना है कि धनतेरस के दिन की गई खरीदारी पूरे वर्ष घर में समृद्धि और सौभाग्य लेकर आती है। हर वर्ग के लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार खरीदारी की। कोई चांदी का सिक्का लेकर खुश था तो कोई इलेक्ट्रॉनिक वस्तु खरीदकर लाया। दुकानदारों का कहना है कि कोविड के बाद से त्योहारों में आई मंदी के बाद इस बार का धनतेरस कारोबार के लिहाज से बेहद शुभ और संतोषजनक रहा। दुकानदार हरमन कटारिया ने बताया कि ग्राहकों ने पित्तल, तांबा के बर्तन के साथ इंडक्शन चूल्हे, प्रेशर कुकर, स्टील सेट, एलईडी टीवी, वॉशिंग मशीन और मोबाइल फोन जैसी वस्तुओं की जमकर खरीदारी की। उपहार की दुकानों पर भी ग्राहकों की लंबी कतारें लगी रहीं। गिफ्ट पैक, मिठाइयों के डिब्बे, सजावटी दीये और झूमर की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला।
सोना-चांदी की चमक थोड़ी फीकी, पर चांदी के सिक्कों की बढ़ी मांग
धनतेरस पर हर साल की तरह इस बार भी लोगों ने सोने-चांदी की खरीदारी को शुभ माना। हालांकि इस बार सोने और चांदी के दामों में बढ़ोतरी के चलते खरीदारों ने महंगी ज्वेलरी की बजाय छोटे आभूषण और चांदी के सिक्के खरीदने में ज्यादा रुचि दिखाई। सर्राफा बाजार एसोसिएशन के प्रधान मनोज गोयल ने बताया कि पिछले वर्ष जिलेभर में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की सोना-चांदी की खरीदारी हुई थी, जबकि इस बार यह आंकड़ा घटकर करीब 60 लाख रुपये पर सिमट गया। उन्होंने कहा कि महंगाई के बावजूद लोगों में उत्साह बना रहा और खरीदारी के प्रति पारंपरिक भावना स्पष्ट रूप से झलकी।
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झाड़ू और दीयों की दुकानों पर भी भीड़
धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की परंपरा के चलते बाजारों में झाड़ू की जबरदस्त मांग रही। प्रतीकात्मक रूप से यह लक्ष्मी के आगमन का प्रतीक माना जाता है। झाड़ू विक्रेताओं ने बताया कि धनतेरस के दिन अकेले शहर में 15 हजार से अधिक झाड़ू बिकीं। इसके अलावा, मिट्टी के दीयों, बिजली की झालरों और सजावट की वस्तुओं की भी मांग बढ़ी। शाम के समय पूरा शहर दीपों से जगमग हो उठा।
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कुरुक्षेत्र। धनतेरस पर जिले के बाजारों में रौनक छाई रही। धन के देवता कुबेर और आरोग्य के देवता धन्वंतरि की पूजा के बाद लोगों ने शुभ मुहूर्त में जमकर खरीदारी की। वहीं सुबह से देर रात तक झाड़ू, दीये, बर्तन, मिठाई, इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ रही। इसके अलावा सराफा की दुकानों पर काफी संख्या में लोग चांदी की गणेश-लक्ष्मी और सिक्कों को खरीदने के लिए पहुंचे। इस दौरान लोगों ने सोने के आभूषणों की भी खरीदारी की। ग्राहकों की अच्छी संख्या के कारण कारोबारियों के चेहरे खुशी से खिले रहे। व्यापार मंडल के प्रधान फतेह चंद गांधी ने धनतेरस पर जिलेभर में लगभग 550 करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद जताई।
धनतेरस की शुरुआत भक्तों ने भगवान धन्वंतरि और भगवान कुबेर की पूजा से की। घरों में पूजा के बाद परिवारों ने शुभ समय में खरीदारी शुरू की। मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना हुई। लोगों का कहना है कि धनतेरस के दिन की गई खरीदारी पूरे वर्ष घर में समृद्धि और सौभाग्य लेकर आती है। हर वर्ग के लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार खरीदारी की। कोई चांदी का सिक्का लेकर खुश था तो कोई इलेक्ट्रॉनिक वस्तु खरीदकर लाया। दुकानदारों का कहना है कि कोविड के बाद से त्योहारों में आई मंदी के बाद इस बार का धनतेरस कारोबार के लिहाज से बेहद शुभ और संतोषजनक रहा। दुकानदार हरमन कटारिया ने बताया कि ग्राहकों ने पित्तल, तांबा के बर्तन के साथ इंडक्शन चूल्हे, प्रेशर कुकर, स्टील सेट, एलईडी टीवी, वॉशिंग मशीन और मोबाइल फोन जैसी वस्तुओं की जमकर खरीदारी की। उपहार की दुकानों पर भी ग्राहकों की लंबी कतारें लगी रहीं। गिफ्ट पैक, मिठाइयों के डिब्बे, सजावटी दीये और झूमर की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला।
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सोना-चांदी की चमक थोड़ी फीकी, पर चांदी के सिक्कों की बढ़ी मांग
धनतेरस पर हर साल की तरह इस बार भी लोगों ने सोने-चांदी की खरीदारी को शुभ माना। हालांकि इस बार सोने और चांदी के दामों में बढ़ोतरी के चलते खरीदारों ने महंगी ज्वेलरी की बजाय छोटे आभूषण और चांदी के सिक्के खरीदने में ज्यादा रुचि दिखाई। सर्राफा बाजार एसोसिएशन के प्रधान मनोज गोयल ने बताया कि पिछले वर्ष जिलेभर में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की सोना-चांदी की खरीदारी हुई थी, जबकि इस बार यह आंकड़ा घटकर करीब 60 लाख रुपये पर सिमट गया। उन्होंने कहा कि महंगाई के बावजूद लोगों में उत्साह बना रहा और खरीदारी के प्रति पारंपरिक भावना स्पष्ट रूप से झलकी।
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झाड़ू और दीयों की दुकानों पर भी भीड़
धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की परंपरा के चलते बाजारों में झाड़ू की जबरदस्त मांग रही। प्रतीकात्मक रूप से यह लक्ष्मी के आगमन का प्रतीक माना जाता है। झाड़ू विक्रेताओं ने बताया कि धनतेरस के दिन अकेले शहर में 15 हजार से अधिक झाड़ू बिकीं। इसके अलावा, मिट्टी के दीयों, बिजली की झालरों और सजावट की वस्तुओं की भी मांग बढ़ी। शाम के समय पूरा शहर दीपों से जगमग हो उठा।

कुरुक्षेत्र। धनतेरस के दिन दीये खरीदती महिलाएं। संवाद

कुरुक्षेत्र। धनतेरस के दिन दीये खरीदती महिलाएं। संवाद

कुरुक्षेत्र। धनतेरस के दिन दीये खरीदती महिलाएं। संवाद