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Kurukshetra News: मां भगवती के सप्तम स्वरूप मां कालरात्रि की भक्तों ने की पूजा
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कुरुक्षेत्र। मां भद्रकाली मंदिर में हवन के दौरान आहुतियां डालते सेवक। संवाद
कुरुक्षेत्र। प्रदेश के एकमात्र शक्तिपीठ श्रीदेवीकूप मां भद्रकाली मंदिर में सातवें दिन श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के सप्तम स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की। भद्रकाली माता के दिव्य दरबार को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया। भक्तों ने मां भद्रकाली के जोरदार जयकारे लगाए। मंदिर में 505 ज्योतों की भव्य महाआरती की गई।
मंदिर परिसर में वातावरण भक्तिमय हो उठा। बड़ी संख्या में जुटे भक्तों ने अन्नपूर्णा भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। मुख्य पुजारिन शिमला देवी ने मंगला आरती कराई। मां को प्रिय गुड़ का भोग अर्पित किया गया।
पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा ने बताया कि मां दुर्गा का सप्तम स्वरूप कालरात्रि उग्र भाव से युक्त है। इससे तात्पर्य है कि मां कालरात्रि अन्याय पर प्रहार कर दुष्टों का संहार करने वाली हैं। कालरात्रि स्वरूप ने ही शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज का संहार किया था। मां कालरात्रि बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों का नाश कर साहस और निर्भयता प्रदान करती हैं। मुख्य पुजारिन शिमला देवी ने कहा कि मंगला आरती रोहित शर्मा व मुकेश कुमार ने की। प्रातः 10 बजे मंदिर में मनोकामना पूर्ण हवन किया गया। मुख्य यजमान एसके गोयल सहपरिवार शामिल हुए। जौ, नारियल, गुग्गुल, मखाना, काजू, किशमिश, छुहारा, मूंगफली, बेलपत्र, शहद, घी, अक्षत व सुगंधित द्रव्यों सहित विविध पवित्र सामग्रियों की आहुतियां अर्पित की गईं।
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‘’भद्रकाली महाकाली किल-किल फट स्वाहा’’ मंत्र की 108 आहुतियों के साथ गणेश मंत्र, विष्णु मंत्र और महामृत्युंजय मंत्रों के सस्वर उच्चारण से संपूर्ण वातावरण मंत्रमुग्ध हो उठा। वातावरण जय मां भद्रकाली के उद्घोष से गूंजा। दोपहर 12 बजे व्रत भंडारे में मुख्य यजमान सावन कुमार रहे।
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मंदिर परिसर में वातावरण भक्तिमय हो उठा। बड़ी संख्या में जुटे भक्तों ने अन्नपूर्णा भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। मुख्य पुजारिन शिमला देवी ने मंगला आरती कराई। मां को प्रिय गुड़ का भोग अर्पित किया गया।
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पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा ने बताया कि मां दुर्गा का सप्तम स्वरूप कालरात्रि उग्र भाव से युक्त है। इससे तात्पर्य है कि मां कालरात्रि अन्याय पर प्रहार कर दुष्टों का संहार करने वाली हैं। कालरात्रि स्वरूप ने ही शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज का संहार किया था। मां कालरात्रि बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों का नाश कर साहस और निर्भयता प्रदान करती हैं। मुख्य पुजारिन शिमला देवी ने कहा कि मंगला आरती रोहित शर्मा व मुकेश कुमार ने की। प्रातः 10 बजे मंदिर में मनोकामना पूर्ण हवन किया गया। मुख्य यजमान एसके गोयल सहपरिवार शामिल हुए। जौ, नारियल, गुग्गुल, मखाना, काजू, किशमिश, छुहारा, मूंगफली, बेलपत्र, शहद, घी, अक्षत व सुगंधित द्रव्यों सहित विविध पवित्र सामग्रियों की आहुतियां अर्पित की गईं।
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‘’भद्रकाली महाकाली किल-किल फट स्वाहा’’ मंत्र की 108 आहुतियों के साथ गणेश मंत्र, विष्णु मंत्र और महामृत्युंजय मंत्रों के सस्वर उच्चारण से संपूर्ण वातावरण मंत्रमुग्ध हो उठा। वातावरण जय मां भद्रकाली के उद्घोष से गूंजा। दोपहर 12 बजे व्रत भंडारे में मुख्य यजमान सावन कुमार रहे।