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Kurukshetra News: श्रद्धालुओं ने पवित्र ब्रह्मसरोवर में लगाई आस्था की डुबकी
Tue, 03 Sep 2024 07:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 03 Sep 2024 07:35 AM IST
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कुरुक्षेत्र। सोमवती अमावस्या पर सोमवार को हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र ब्रह्मसरोवर पर आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान उन्होंने सूर्य भगवान को जल अर्पित कर पितरों की शांति के लिए तर्पण भी किया। सोमवती अमावस्या होने के कारण दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब व हिमाचल प्रदेश से हजारों श्रद्धालु अल सुबह ही ब्रह्मसरोवर पर पहुंचना शुरू हो गए थे। जिससे बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर भीड़ का आलम रहा। कुरुक्षेत्र पहुंचे श्रद्धालुओं ने पवित्र ब्रह्मसरोवर और पिहोवा के सरस्वती तीर्थ पर स्नान कर पूजा-अर्चना की।
शहर की कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने सोमवती अमावस्या के अवसर पर कार्यक्रमों का आयोजन भी किया। शहर के कई मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान व भंडारों का आयोजन किया गया, जहां पहुंचकर श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं के कारण पवित्र ब्रह्मसरोवर व पिहोवा के सरस्वती तीर्थ पर दिन भर भारी भीड़ के चलते मेले जैसा माहौल बना रहा। प्रशासन की ओर से भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए थे। यात्रियों की सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
तीर्थ स्थलों में स्नान करने से मिलता हैं कई गुणा फल : प्रेम कुमार शर्मा
पंडित प्रेम कुमार शर्मा का कहना है कि सोमवती अमावस्या पर तीर्थ स्थलों में स्नान, ध्यान और दान करने से सौभाग्य में वृद्धि होती हैं। इस दिन पितरों के लिए पिंडदान, तर्पण व दान किया जाता है। इससे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन पितरों की शांति के लिए दूध से बनी वस्तुओं का दान करने से विशेष फल मिलता है। सोमवती अमावस्या के दिन तीर्थ स्थलों पर स्नान करने से कई गुणा फल मिलता है।
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शहर की कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने सोमवती अमावस्या के अवसर पर कार्यक्रमों का आयोजन भी किया। शहर के कई मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान व भंडारों का आयोजन किया गया, जहां पहुंचकर श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं के कारण पवित्र ब्रह्मसरोवर व पिहोवा के सरस्वती तीर्थ पर दिन भर भारी भीड़ के चलते मेले जैसा माहौल बना रहा। प्रशासन की ओर से भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए थे। यात्रियों की सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
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तीर्थ स्थलों में स्नान करने से मिलता हैं कई गुणा फल : प्रेम कुमार शर्मा
पंडित प्रेम कुमार शर्मा का कहना है कि सोमवती अमावस्या पर तीर्थ स्थलों में स्नान, ध्यान और दान करने से सौभाग्य में वृद्धि होती हैं। इस दिन पितरों के लिए पिंडदान, तर्पण व दान किया जाता है। इससे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन पितरों की शांति के लिए दूध से बनी वस्तुओं का दान करने से विशेष फल मिलता है। सोमवती अमावस्या के दिन तीर्थ स्थलों पर स्नान करने से कई गुणा फल मिलता है।
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