फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Devotees take a dip of faith in the holy Brahmasarovar on Amavasya.

Kurukshetra News: अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने पवित्र ब्रह्मसरोवर में लगाई आस्था की डुबकी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 02 Nov 2024 03:43 AM IST
विज्ञापन
Devotees take a dip of faith in the holy Brahmasarovar on Amavasya.
कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर के तट पर  पितृपक्ष अमावस्या पर पूजा अर्चना करती स्वामी मुक्तानंद साथ म
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र/पिहोवा। अमावस्या पर शुक्रवार को पवित्र ब्रह्मसरोवर और पिहोवा स्थित सरस्वती तीर्थ पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा की तो आस्था की डुबकी भी लगाई। दोनों ही स्थलों पर अल सुबह ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी, जहां उन्होंने तट पर अपने पितरों को समर्पित पूजा-पाठ कर अनुष्ठान किए तो इससे पहले स्नान भी किया। श्रद्धालुओं ने पितरों की आत्मा शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और तीर्थ का पवित्र जल अर्पित किया। श्रद्धालुओं ने पितरों की आत्मा संतोष और मोक्ष प्राप्ति के लिए दान किया।
जिले के अन्य तीर्थ स्थलों पर भी भीड़ लगी रही। कई धार्मिक संस्थाओं की ओर से कार्यक्रमों का आयोजन किया गया और श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया। तीर्थ स्थलों पर दूर-दराज से लोगों ने आकर पिंडदान कर स्नान किया। दिनभर पवित्र ब्रह्मसरोवर मेले जैसा माहौल बना रहा। श्रद्धालु ध्यान, दान और स्नान करते दिखाई दिए। पितृपक्ष अमावस्या को लेकर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए। स्नान करने पहुंचे श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पूरे इंतजाम किए गए थे तथा पुलिसकर्मियों ने दिनभर सरोवर तट के चारों ओर अपनी नजरें बनाई रखी।
विज्ञापन



अमावस्या पर प्रसाद ग्रहण करने से मिलती है शांति : डॉ. नीलिमा
ज्योतिसर स्थित श्री गीता कुंज आश्रम बद्रीनारायण मंदिर से पधारे स्वामी मुक्तानंद एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंज्यूमर कोर्ट डॉ. नीलिमा शांगला ने ब्रह्मसरोवर पर अमावस्या पर पूजा की और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। डॉ. नीलिमा शांगला ने कहा कि पूर्वज किसी न किसी रूप में आकर परिजनों को आशीर्वाद देते हैं। उन्होंने कहा कि सभी के साथ प्रसाद ग्रहण करने पर आत्मा को शांति मिलती है। पूर्वजों को याद करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। स्वामी मुक्तानंद ने कहा कि किए हुए कर्मों का शुभ-अशुभ फल अवश्य भुगतना पड़ता है। विधि का ये विधान अटल है इसे कोई टाल नहीं सकता। उन्होंने कहा कि भगवान तो भक्तों के वश में होते हैं। इस मौके पर आचार्य योगेन्द्र मिश्रा ने वेद मंत्रों उच्चारण सहित पूजा कराई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed