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कुरुक्षेत्र: सरस्वती तीर्थ पर श्रद्धालुओं ने किया पिंडदान
Tue, 21 Feb 2023 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 21 Feb 2023 01:21 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पिहोवा । सोमवती अमावस्या पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु सरस्वती तीर्थ पर पहुंचे, जहां अपने पूर्वजों की आत्मिक शांति के लिए पिंडदान किया और उनकी आत्मा की शांति के लिए पाठ करवाया। इस दौरान कई श्रद्धालुओं को अव्यवस्था से भी जूझना पड़ा।
सोमवती अमावस्या पर सरस्वती तीर्थ पर व्यवस्था को लेकर कई श्रद्धालु असंतुष्ट नजर आए। हिमाचल प्रदेश,पंजाब व प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए श्रद्धालुओं ने कहा कि सरस्वती घाट पर गंदगी का अंबार लगा हुआ था, जिस कारण उनकी धार्मिक आस्था आहत हुई है, लेकिन अपने पूर्वजों की आत्मिक शांति के लिए वे पूजा अर्चना करने आते हैं । उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा ट्रैफिक को कंट्रोल करने के लिए किसी भी तरह का प्रबंध नहीं किया गया था, जिसके चलते उन्हें आने जाने में परेशानी उठानी पड़ी । हिमाचल से आए यात्री रामपाल ठाकुर, सुरेश कुमार, कृष्ण कुमार, रोशन लाल ने बताया कि उनके पूर्वजों की आत्मिक शांति के लिए वे दो दिनों से चले हुए थे। यहां पर उन्हें ठहरने में भी दिक्कत उठानी पड़ी है । उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा यहां पर ठहरने के लिए उचित प्रबंध करने चाहिए, ताकि दूर दराज से आने वालों को कोई परेशानी न हो ।
उन्होंने इस बात पर भी एतराज दर्ज करवाया कि लोग पूजा के बाद सामग्री सरस्वती नदी में ही डाल देते हैं। जिस कारण पानी गंदा हो जाता है। ऐसे लोगों पर अंकुश लगाना चाहिए। भीड़ ज्यादा होने के कारण शहर में जगह जगह गाड़ियों की लंबी लंबी लाइनें लग गईं। इस कारण आने जाने में काफी बाधा उत्पन्न हुई। पिडदान व पूजा के बाद लोगों ने प्रसिद्ध प्रेत पीपल पर जल चढ़ाया और स्वामी कार्तिकेय मंदिर में तेल अर्पित किया ।
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पिहोवा । सोमवती अमावस्या पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु सरस्वती तीर्थ पर पहुंचे, जहां अपने पूर्वजों की आत्मिक शांति के लिए पिंडदान किया और उनकी आत्मा की शांति के लिए पाठ करवाया। इस दौरान कई श्रद्धालुओं को अव्यवस्था से भी जूझना पड़ा।
सोमवती अमावस्या पर सरस्वती तीर्थ पर व्यवस्था को लेकर कई श्रद्धालु असंतुष्ट नजर आए। हिमाचल प्रदेश,पंजाब व प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए श्रद्धालुओं ने कहा कि सरस्वती घाट पर गंदगी का अंबार लगा हुआ था, जिस कारण उनकी धार्मिक आस्था आहत हुई है, लेकिन अपने पूर्वजों की आत्मिक शांति के लिए वे पूजा अर्चना करने आते हैं । उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा ट्रैफिक को कंट्रोल करने के लिए किसी भी तरह का प्रबंध नहीं किया गया था, जिसके चलते उन्हें आने जाने में परेशानी उठानी पड़ी । हिमाचल से आए यात्री रामपाल ठाकुर, सुरेश कुमार, कृष्ण कुमार, रोशन लाल ने बताया कि उनके पूर्वजों की आत्मिक शांति के लिए वे दो दिनों से चले हुए थे। यहां पर उन्हें ठहरने में भी दिक्कत उठानी पड़ी है । उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा यहां पर ठहरने के लिए उचित प्रबंध करने चाहिए, ताकि दूर दराज से आने वालों को कोई परेशानी न हो ।
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उन्होंने इस बात पर भी एतराज दर्ज करवाया कि लोग पूजा के बाद सामग्री सरस्वती नदी में ही डाल देते हैं। जिस कारण पानी गंदा हो जाता है। ऐसे लोगों पर अंकुश लगाना चाहिए। भीड़ ज्यादा होने के कारण शहर में जगह जगह गाड़ियों की लंबी लंबी लाइनें लग गईं। इस कारण आने जाने में काफी बाधा उत्पन्न हुई। पिडदान व पूजा के बाद लोगों ने प्रसिद्ध प्रेत पीपल पर जल चढ़ाया और स्वामी कार्तिकेय मंदिर में तेल अर्पित किया ।
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