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अमावस पर श्रद्धालु हुए निराश, बाल्टी से पानी निकाल किया स्नान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Mar 2022 01:50 AM IST
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Devotees disappointed on Amavas, took bath with water from bucket
Devotees disappointed on Amavas, took bath with water from bucket - फोटो : Kurukshetra
कुरुक्षेत्र। अमावस पर दूर-दराज से श्रद्धालु कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केडीबी) की अनदेखी के चलते पवित्र ब्रह्मसरोवर में आस्था की डुबकी नहीं लगा सके। ब्रह्मसरोवर के पूर्वी घाट पर सिर्फ गहरे हिस्से में जल है। वहीं, पश्चिमी छोर पर रेलिंग तक घुटनों से नीचे तक जल है। चेतावनी को देखते हुए किसी भी श्रद्धालुओं ने गहराई वाले हिस्से में स्नान करना मुनासिब नहीं समझा।
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ब्रह्मसरोवर में रेलिंग तक जल न होने के कारण कई श्रद्धालु बगैर स्नान किए ही लौट गए। कुछ ने पुरोहितों से बाल्टी लेकर गहरे वाले हिस्से से जल खींचकर स्नान किया तथा उसके बाद अपने पितरों के निमित्त पिंडदान और पूजा अर्चना की। इससे न सिर्फ श्रद्धालुओं में रोष देखने को मिला, बल्कि पुरोहितों ने भी अव्यवस्था के लिए केडीबी को जिम्मेदार ठहराया। रोपड़ (पंजाब) से आए श्रद्धालु फकीर चंद ने बताया कि वह पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर पिंडदान के बाद पवित्र ब्रह्मसरोवर में स्नान करने के लिए कुरुक्षेत्र आया था। यहां आकर पता चला कि ब्रह्मसरोवर में जलस्तर बेहद कम है। पश्चिमी छोर पर घुटनों से नीचे तक जल था, जिसमें डुबकी लगाना संभव ही नहीं था। वहीं आरोप लगाया कि पानी में पॉलिथीन और पिंडदान की सामग्री फैली हुई थी। लिहाजा उन्होंने दूसरे घाट पर बाल्टी के जरिए गहरे हिस्से से पानी लेकर स्नान किया।
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बनानी चाहिए व्यवस्था
रोशन लाल ने बताया कि वह ब्रह्मसरोवर में स्नान करने के लिए आया था। उनका परिवार भी उनके साथ आया था। वे पहली बार कुरुक्षेत्र आए थे। उन्होंने ब्रह्मसरोवर की काफी महत्ता सुन रखी है। इसी के चलते वे अपने परिवार के साथ स्नान करने आए थे, मगर ब्रह्मसरोवर पर कम जलस्तर देखकर उन्होंने बाल्टी से पानी लेकर स्नान किया। वहीं उनके परिवार के लोगों को ब्रह्मसरोवर में बिना स्नान किए ही लौटना पडे़गा।
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हर अमावस पर केडीबी का यही रवैया : आशुतोष शर्मा
ब्रह्मसरोवर पर पूजा पाठ करने वाले पं. आशुतोष शर्मा ने बताया कि हर बार केडीबी का अमावस और खास अवसर पर यही रवैया होता है। अमावस से पहले केडीबी को सरोवर की व्यवस्था करनी चाहिए थी ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।
नहीं हो रही साफ सफाई : राकेश गोस्वामी
पं. राकेश गोस्वामी ने बताया कि ब्रह्मसरोवर पर सफाई व्यवस्था भी चरमरा गई है। घाटों के साथ-साथ ब्रह्मसरोवर परिसर में भी गंदगी पसरी है। वहीं सरकार व केडीबी ब्रह्मसरोवर में निरंतर बहते जल का दावा करते हैं, मगर अब तक यह व्यवस्था नहीं है। अब भी पंप के जरिए पूर्वी घाट का पानी पश्चिमी घाट में डाला जा रहा है।

चल रहा सफाई का कार्य : अनुभव मेहता
केडीबी के सीईओ अनुभव मेहता ने बताया कि ब्रह्मसरोवर पर सफाई के साथ फाउंटेन लगाने का कार्य चल रहा है। इस कारण पूर्वी घाट से जल पश्चिमी घाट में डाला जा रहा है। वहीं, ब्रह्मसरोवर और परिसर में सफाई व्यवस्था की जांच कराई जाएगी।
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