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हरियाणा में अनाज मंडियों के बिगड़े हालात: सड़कों से लेकर धर्मशालाओं के द्वारों तक पहुंचा धान, प्रशासन बेबस
Wed, 07 Oct 2026 10:06 AM IST
Naveen
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
Published by: Naveen
Updated Wed, 07 Oct 2026 10:06 AM IST
सार
कुरुक्षेत्र की अनाजमंडियों में मंगलवार तक एक लाख 77 हजार 261 एमटी धान की खरीद हो चुकी है जबकि उठान महज 14 फीसदी 28006 एमटी ही हो सका। उठान का थानेसर अनाजमंडी सहित कईं अनाजमंडियों में कोई खास असर दिखाई नहीं दिया और किसान परेशानी झेलते रहे।
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सड़कों का पड़ा किसानों का धान
- फोटो : संवाद
विस्तार
धान की बंपर आवक के बीच जिले की अनाज मंडियों में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। मंडियों में जगह कम पड़ने के बाद धान सड़कों तक पहुंच गया है। शहर की सड़कों से लेकर धर्मशालाओं के द्वार तक धान की ढेरियां नजर आ रही हैं। मंडियों में फसल का उठान धीमी गति से होने के कारण किसानों और आढ़तियों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं, केडीबी रोड व ब्रह्मसरोवर के आसपास सड़कों पर धान के ढेरों व वाहनों की कतार लगने से दिन-रात जाम की स्थिति बनी हुई है।
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मौसम में आगामी दिनों में बदलाव की आशंका के चलते किसानों ने धान की कटाई तेज कर दी है। इसके साथ ही मंडियों में फसल की आवक भी अचानक बढ़ गई है। आवक के मुकाबले उठान की गति धीमी होने से मंडियों में जगह का संकट गहरा गया है। प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं संभालने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन मौजूदा आवक के आगे ये इंतजाम छोटे पड़ते दिखाई दे रहे हैं।
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धान की बढ़ती आवक को देखते हुए प्रशासन की ओर से सात नए खरीद केंद्रों को मंजूरी दी गई है। उम्मीद थी कि इससे मुख्य मंडियों पर दबाव कम होगा और किसानों को अपनी फसल उतारने के लिए पर्याप्त जगह मिल सकेगी। इसके बावजूद मौजूदा हालात में अपेक्षित राहत नहीं मिल पाई है। मंडियों में पहले से पड़ा धान उठ नहीं पा रहा और लगातार नई आवक जारी है।
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किसान बोले, करना पड़ रहा दो से तीन दिन इंतजार
मंडी में धान लेकर पहुंच रहे किसानों को फसल उतारने और खरीद की प्रक्रिया पूरी होने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। मंडियों में जगह की कमी और उठान धीमा होने के कारण स्थिति और गंभीर होती जा रही है। धान लेकर गांव लुखी से पहुंचे किसान जगीर सिंह का कहना था कि सरकार व प्रशासन पूरी तैयारी नहीं कर पाया, जिस कारण ही उठान नहीं हो रहा और उन्हें थानेसर अनाजमंडी में धान डालने की जगह नहीं मिली। मजबूरी में ब्रह्मसरोवर के पास ही डालनी पड़ी। किसान मौसम खराब होने की आशंका के चलते जल्द से जल्द फसल बेचकर सुरक्षित करना चाहते हैं, लेकिन मंडियों में भीड़ व धान में नमी बताने के कारण उन्हें दो से तीन दिन भी इंतजार करना पड़ रहा है।
डीएफएससी बोले, मिलर्स के पंजीकरण न होने से बिगड़ी स्थिति
डीएफएससी नरेश कुमार का कहना है कि अपनी मांगों को लेकर मिलर्स सरकार से चर्चा करते रहे, जिसके चलते कईं दिनों तक पंजीकरण नहीं करवा पाए। ऐसे में उठान नहीं हो सका और स्थिति बिगड़ी। अब उठान में तेजी लाई जा रही है, जिसका असर भी दिखाई पड़ने लगा है।
महज 14 फीसदी हो पाया उठान, एक लाख 77 हजार 261 एमटी धान की हो चुकी खरीद
जिले की अनाजमंडियों में मंगलवार तक एक लाख 77 हजार 261 एमटी धान की खरीद हो चुकी है जबकि उठान महज 14 फीसदी 28006 एमटी ही हो सका। उठान का थानेसर अनाजमंडी सहित कईं अनाजमंडियों में कोई खास असर दिखाई नहीं दिया और किसान परेशानी झेलते रहे। जिला में हैफेड व खाद् एवं पूर्ति विभाग को खरीद का जिम्मा सौंपा हुआ है।