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पुस्तकों की गहराई और अनुशासन अधिक प्रभावी : प्रो धीमान
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कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में कार्यक्रम के दौरान विचार रखते कुलपति वैद्य करतार
- फोटो : विद्यालय
कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय की ओर से शिक्षकों की मौजूदगी में विश्व पुस्तक दिवस मनाया गया। इस दौरान पुस्तकालय में नई पुस्तकों का प्रदर्शन करके विद्यार्थियों और शिक्षकों को विविध विषयों की नवीन जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के तहत पुस्तकों को ज्ञान का सबसे प्रामाणिक और स्थायी स्रोत बताया गया।
कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि डिजिटल युग में इंटरनेट पर जानकारी सहज उपलब्ध है लेकिन पुस्तकों में निहित गहराई, विश्वसनीयता और अध्ययन का अनुशासन कहीं अधिक प्रभावी होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से पुस्तकालय आने और किताबों के अध्ययन की आदत विकसित करने के बारे में प्रेरित किया।
कुलसचिव डॉ. कृष्ण कांत के अनुसार पुस्तकालय किसी भी शैक्षणिक संस्थान का हृदय होता है। पुस्तकों के माध्यम से ज्ञानार्जन के साथ व्यक्तित्व का समग्र विकास संभव है। पढ़ने की रुचि बढ़ाने और बौद्धिक वातावरण को सुदृढ़ करने में पुस्तकालय की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस अवसर पर आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता, प्रॉक्टर प्रो. सतीश वत्स, पूर्व कुलसचिव प्रो. ब्रिजेंद्र सिंह तोमर, संहिता सिद्धांत विभाग के अध्यक्ष डॉ. कृष्ण, डॉ. नेहा लांबा तथा विनोद सहित अन्य मौजूद रहे।
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कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि डिजिटल युग में इंटरनेट पर जानकारी सहज उपलब्ध है लेकिन पुस्तकों में निहित गहराई, विश्वसनीयता और अध्ययन का अनुशासन कहीं अधिक प्रभावी होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से पुस्तकालय आने और किताबों के अध्ययन की आदत विकसित करने के बारे में प्रेरित किया।
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कुलसचिव डॉ. कृष्ण कांत के अनुसार पुस्तकालय किसी भी शैक्षणिक संस्थान का हृदय होता है। पुस्तकों के माध्यम से ज्ञानार्जन के साथ व्यक्तित्व का समग्र विकास संभव है। पढ़ने की रुचि बढ़ाने और बौद्धिक वातावरण को सुदृढ़ करने में पुस्तकालय की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस अवसर पर आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता, प्रॉक्टर प्रो. सतीश वत्स, पूर्व कुलसचिव प्रो. ब्रिजेंद्र सिंह तोमर, संहिता सिद्धांत विभाग के अध्यक्ष डॉ. कृष्ण, डॉ. नेहा लांबा तथा विनोद सहित अन्य मौजूद रहे।
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