कुरुक्षेत्र। ट्यूकर बॉर्डर पर भाकियू शादीपुर के नेतृत्व में चल रहा पंजाब के किसानों का आंदोलन जारी है। रविवार को किसानों ने दिल्ली चलो के बैनर लेकर रोष प्रदर्शन किया। सुबह करीब 10 बजे आसपास के गांव के और किसान भी धरनास्थल पर पहुंचे और हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसान लगातार शंभू बॉर्डर पर एसकेएम और किसान नेताओं की कॉल के इंतजार में बैठे हैं। भाकियू शादीपुर के प्रधान बूटा सिंह ने बताया कि अभी शंभू बॉर्डर से उनको कोई कॉल और आह्वान नहीं हुआ है। फिलहाल उनका धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। अगर शंभू बॉर्डर से उनको किसी भी तरह की सूचना मिलेगी तो उसे आदेश मानकर लागू किया जाएगा। उनकी संपर्क कमेटी पंजाब में किसान जत्थेबंदी और किसानों को ट्यूकर बॉर्डर पर पहुंचने का आह्वान कर रही है।
बताया कि शंभू बॉर्डर की कॉल उनके लिए सर्वमान्य होगी। अगर ट्यूकर बॉर्डर से दिल्ली कूच का आदेश मिला तो उनकी जत्थेबंदी आगे रहकर बॉर्डर क्रॉस करने का प्रयास करेगी। पिछले करीब 16 दिन से उनकी जत्थेबंदी बॉर्डर पर धरनारत है। उनका प्रदर्शन शांतिपूर्वक चल रहा है। किसी भी तरह की अनुशासनहीनता नहीं की गई। सरकार ही किसानों को परेशान कर रही है। बताया कि सरकार ने अभी भी हरियाणा-पंजाब सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कर रास्ते बंद किए हैं, जबकि हरियाणा के अंदर से रास्ते खोल दिए गए। सरकार ने यह सब सिर्फ दिखावे के लिए किया है। अगर सरकार लोगों को राहत देना चाहती तो बॉर्डर पर किए इंतजाम भी ध्वस्त करने थे, मगर सरकार सिर्फ किसानों और लोगों को गुमराह कर रही है।