{"_id":"65bac77abaedd47d270b5e74","slug":"dayal-singh-college-team-dominated-in-chess-matches-kurukshetra-news-c-45-1-sknl1005-112951-2024-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: शतरंज मुकाबलों में छाई रही दयाल सिंह कॉलेज की टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: शतरंज मुकाबलों में छाई रही दयाल सिंह कॉलेज की टीम
विज्ञापन
लाडवा।इंदिरा गांधी नेशनल कॉलेज में आयोजित शतरंज प्रतियोगिता में हिस्सा लेते खिलाड़ी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लाडवा। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की अंतर महाविद्यालय शतरंज पुरुष प्रतियोगिता का आयोजन इंदिरा गांधी नेशनल कॉलेज लाडवा में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले महाविद्यालयों कि शतरंज पुरुष वर्ग की टीमों ने अपना दमखम दिखाया। ग्रुप ए में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से शिक्षण विभाग की टीम ने अपने मुकाबले जीतकर अगले चरण में प्रवेश किया। ग्रुप बी के मुकाबले में दयाल सिंह कॉलेज करनाल की टीम ने अगले चरण में प्रवेश किया। ग्रुप डी में कड़े मुकाबले में गुरु नानक खालसा कॉलेज, यमुनानगर की टीम ने जेएमआईटी रादौर की टीम को हराकर अगले चरणों में प्रवेश किया। प्रारंभिक दौर के मुकाबलों में दयाल सिंह कॉलेज करनाल पहले स्थान पर गुरु नानक खालसा कॉलेज यमुनानगर दूसरे स्थान और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग तीसरे स्थान पर रहा। इन तीनों महाविद्यालयों ने प्रतियोगिता के अगले चरण में प्रवेश किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कुशल पाल ने कहा कि शारीरिक शिक्षा विभाग विद्यार्थियों को शारीरिक दक्षता ही नहीं अपितु मानसिक कसरत के भी भरपूर अवसर प्रदान करता है। वर्तमान समय की चुनौतियों को देखते हुए विद्यार्थियों पर मानसिक तनाव, दबाव और अवसाद के खतरे दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं जिनको शतरंज जैसा खेल ही मात दे सकता है यह खेल बच्चे के मानसिक सतर्कता और सहन क्षमता को बढ़ाता है। खेल मुकाबलों का आयोजन डॉ. कुलदीप सिंह (विभागाध्यक्ष शारीरिक शिक्षा विभाग), अक्षय सैनी (शतरंज निर्णायक अधिकारी) और कोमल (शिक्षिका शारीरिक शिक्षा विभाग) की देखरेख में संपन्न हुए।
विज्ञापन
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कुशल पाल ने कहा कि शारीरिक शिक्षा विभाग विद्यार्थियों को शारीरिक दक्षता ही नहीं अपितु मानसिक कसरत के भी भरपूर अवसर प्रदान करता है। वर्तमान समय की चुनौतियों को देखते हुए विद्यार्थियों पर मानसिक तनाव, दबाव और अवसाद के खतरे दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं जिनको शतरंज जैसा खेल ही मात दे सकता है यह खेल बच्चे के मानसिक सतर्कता और सहन क्षमता को बढ़ाता है। खेल मुकाबलों का आयोजन डॉ. कुलदीप सिंह (विभागाध्यक्ष शारीरिक शिक्षा विभाग), अक्षय सैनी (शतरंज निर्णायक अधिकारी) और कोमल (शिक्षिका शारीरिक शिक्षा विभाग) की देखरेख में संपन्न हुए।
विज्ञापन