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Kurukshetra News: मारकंडा से अभी भी बना खतरा, बह रहा 24 हजार 708 क्यूसिक पानी
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शाहाबाद। मारकंडा नदी में जलस्तर 49 हजार से कम होकर 24,708 क्यूसिक रह गया है, लेकिन अभी खतरा टला नहीं है। जब तक जलस्तर 15 हजार क्यूसेक से कम नहीं हो जाता, तब तक राहत नहीं मिलेगी। वही सिंचाई विभाग शाहाबाद में आई बाढ़ के वास्तविक कारणों का पता नहीं कर सका है। शहर में पानी अभी भी आ रहा है और वह तब तक बंद नहीं होगा जब तक मारकंडा नदी का स्तर 15 हजार क्यूसेक से नीचे नहीं आता।
जानकारी के अनुसार अंबाला के गांव हेमामाजरा और गेल्हड़ी मारकंडा नदी के किनारे हैं। ग्रामीणों ने खेतों में जाने के लिए बांध को काटकर रास्ता बना रखा है। जब पानी की मात्रा अधिक बढ़ गई तो इन गांवों खेत पानी डूबने शुरू हो गए। बताया जाता है कि यह पानी तंदवाल और तंदवाली के खेतो की तरफ मोड़ दिया गया। यह पानी शाहाबाद के गांव डाडलू और पाडलू से हाेता हुआ रावा, जोगी माजरा और अनाजमंडी के रास्ते शाहाबाद की अटारी कॉलोनी और हुडा में प्रवेश कर गया और बाढ़ का कारण बना। फिलहाल आधा शहर जलभराव की चपेट में आने के बाद अब पानी ने गांव चढूनी, हरिपुर बड़ाम, शरीफगढ़, धन्तोड़ी, चनारथल, गुमटी, दयालनगर और कठवा सहित कई गांव को अपनी जद में ले लिया है।
इस संबंध में सिंचाई विभाग के एसडीओ राहिल सैनी का कहना है कि जहां से पानी शाहाबाद तक पहुंचा है, वह क्षेत्र अंबाला जिला का है और वे कुछ नही कर सकते। उधर एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने बताया कि उन्हें यह नहीं पता है कि गांव पाडलू में पानी कहां से आ रहा है और सिंचाई विभाग को बांध से संबंधित कार्रवाई पहले करनी चाहिए थी। उधर जिला उपायुक्त का कहना है कि अंबाला के उपायुक्त को पत्र लिखा जाएगा, ताकि बांध दुरूस्त किए जा सकें।
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जानकारी के अनुसार अंबाला के गांव हेमामाजरा और गेल्हड़ी मारकंडा नदी के किनारे हैं। ग्रामीणों ने खेतों में जाने के लिए बांध को काटकर रास्ता बना रखा है। जब पानी की मात्रा अधिक बढ़ गई तो इन गांवों खेत पानी डूबने शुरू हो गए। बताया जाता है कि यह पानी तंदवाल और तंदवाली के खेतो की तरफ मोड़ दिया गया। यह पानी शाहाबाद के गांव डाडलू और पाडलू से हाेता हुआ रावा, जोगी माजरा और अनाजमंडी के रास्ते शाहाबाद की अटारी कॉलोनी और हुडा में प्रवेश कर गया और बाढ़ का कारण बना। फिलहाल आधा शहर जलभराव की चपेट में आने के बाद अब पानी ने गांव चढूनी, हरिपुर बड़ाम, शरीफगढ़, धन्तोड़ी, चनारथल, गुमटी, दयालनगर और कठवा सहित कई गांव को अपनी जद में ले लिया है।
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इस संबंध में सिंचाई विभाग के एसडीओ राहिल सैनी का कहना है कि जहां से पानी शाहाबाद तक पहुंचा है, वह क्षेत्र अंबाला जिला का है और वे कुछ नही कर सकते। उधर एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने बताया कि उन्हें यह नहीं पता है कि गांव पाडलू में पानी कहां से आ रहा है और सिंचाई विभाग को बांध से संबंधित कार्रवाई पहले करनी चाहिए थी। उधर जिला उपायुक्त का कहना है कि अंबाला के उपायुक्त को पत्र लिखा जाएगा, ताकि बांध दुरूस्त किए जा सकें।
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