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नहाय-खाय से शुरू हुआ छठ पर्व, स्नान करके महिलाओं ने रखा वर्त
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नहाय-खाय के साथ सोमवार से चार दिवसीय छठ पर्व शुरू हो गया। सुबह के समय पूर्वांचल समाज की महिलाएं ब्रह्मसरोवर में स्नान करने पहुंची। स्नान के बाद नए वस्त्र धारण किए और पूजा पाठ करके व्रत रखा। ब्रह्मसरोवर में दोपहर तक स्नान जारी रहा। वहीं सरोवर के बाहर पूजा के सामान की खरीदारी के लिए दुकानों पर भीड़ लगी रही। छठ पूजा के दूसरे दिन कार्तिक शुक्ल पंचमी, 9 नवंबर को खरना किया जाएगा। इस दिन परंपरानुसार गुड़ डालकर खीर बनाई जाएगी और प्रसाद के रूप में उसी को ग्रहण किया जाएगा। इस दिन भी व्रती केवल एक ही समय भोजन शाम को करेंगे और भोजन बिना नमक का बनाया जाएगा। घर में पान के पत्ते और सुपारी रखकर सूर्यदेव की स्थापना की जाएगी। शाम के समय रोटी और खीर का प्रसाद लिया जाएगा। इसके बाद छठ का निर्जला व्रत प्रारंभ हो होगा। आज सूर्योदय 6:51 और सूर्यास्त 5:33 पर होगा। उधर ब्रह्मसरोवर के बाहर मुख्य कार्यक्रम के लिए पंडाल सजाए जा रहे हैं, जिनमें 10 नवंबर को कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 24 भोजपुरी कलाकार यहां शानदार प्रस्तुतियां देंगे। गौड़िया मठ के सामने श्री पूर्वांचल छठ पर्व महासभा की और से विशाल भजन संख्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम में भोजपुरी सिंगर रोहित प्रधान, अमृता गौतम, सनी पांडेय, अर्चना तिवारी, संजीत सागर, कॉमेडियन भूटानी मैन, डांसर सोनाक्षी, काजल सिंह व प्रीति सिंह की खास प्रस्तुति रहेगी। वहीं छठ पर्व सेवा समिति की ओर से केडीबी दफ्तर के पास पंडाल लगाया जाएगा, यहां पर केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर मुख्य अतिथि होंगे। वहां सांसद नायब सिंह सैनी भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इस पंडाल में 15 भोजपूरी कलाकार प्रस्तुति देंगे।
कॉस्मिक एस्ट्रो के डायरेक्टर व श्री दुर्गा देवी मंदिर पिपली के अध्यक्ष डॉ. सुरेश मिश्रा ने बताया कि छठ का पर्व हर वर्ष कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को बहुत ही धूमधाम से पूरे भारतवर्ष में मनाया जाता है। यह व्रत संतान के सुखी जीवन की कामना के लिए किया जाता है। छठ पर्व षष्ठी तिथि से दो दिन पहले अर्थात चतुर्थी से नहाय-खाय से आरंभ हो चुका है और इसका समापन 11 नवंबर को सप्तमी तिथि को पारण करके किया जाएगा। छठ पर्व पूरे चार दिनों तक चलता है। इस पर्व में मुख्य सूर्य देव को अर्घ्य देने का सबसे ज्यादा महत्व माना गया है।
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कॉस्मिक एस्ट्रो के डायरेक्टर व श्री दुर्गा देवी मंदिर पिपली के अध्यक्ष डॉ. सुरेश मिश्रा ने बताया कि छठ का पर्व हर वर्ष कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को बहुत ही धूमधाम से पूरे भारतवर्ष में मनाया जाता है। यह व्रत संतान के सुखी जीवन की कामना के लिए किया जाता है। छठ पर्व षष्ठी तिथि से दो दिन पहले अर्थात चतुर्थी से नहाय-खाय से आरंभ हो चुका है और इसका समापन 11 नवंबर को सप्तमी तिथि को पारण करके किया जाएगा। छठ पर्व पूरे चार दिनों तक चलता है। इस पर्व में मुख्य सूर्य देव को अर्घ्य देने का सबसे ज्यादा महत्व माना गया है।
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