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सूखे पड़े हैं तट, कैसे मनेगा छठ
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नहाय-खाय के साथ छठ पर्व सोमवार से शुरू हो जाएगा, लेकिन इस बार पूर्वांचल समाज के लोगों को उनके इस मुख्य पर्व पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि ब्रह्मसरोवर के तट अभी सूखे पड़े हैं। कल से पर्व शुरू हो जाएगा, ऐसे सूखे तटों के कारण पूर्वांचल समाज के लोगों की चिंता बढ़ गई है। पिछली बार जहां कोरोना के चलते ब्रह्मसरोवर पर मात्र 300 लोगों के प्रवेश की अनुमति मिलने पर कई लोगों ने अपने घरों के बाहर बड़े-बड़े गड्ढे कर उनमें पानी भरकर पर्व की परंपरा को निभाया था वहीं इस बार प्रशासन की लापरवाही के कारण फिर से लोगों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। कई जगह गंदगी भी फैली हुई है। यहां की साफ सफाई और पानी भरने की मांग दो बार समाज के लोगों द्वारा उठाई गई, लेकिन अभी तक इस ओर किसी भी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया।
छठ पर्व सेवा समिति हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष संतोष पासवान ने शनिवार को कार्यकारिणी सहित 11वें छठ महोत्सव की तैयारियों को लेकर कुरुक्षेत्र ब्रह्मसरोवर का जायजा लिया। ब्रह्मसरोवर के घाटों की साफ- सफाई में एक तरफ न होने पर असंतोष जताया व कुरुक्षेत्र प्रशासन से मांग की कि जल्द ब्रह्मसरोवर में पानी भरा जाए। संतोष पासवान ने जिला प्रशासन व केडीबी प्रशासन से मांग की है कि पूर्वांचल समाज के लोगो की आस्था को देखते हुए दोनों तालाब में पानी भरवाया जाए, जिससे कि सभी श्रद्धालु पूजा कर सके।
पहला दिन (नहाय-खाय): छठ पूजा का पहला दिन नहाय-खाय होता है, जोकि सोमवार को है। इस दिन सूर्योदय सुबह 6:50 बजे और सूर्यास्त शाम को 5:34 बजे होगा। व्रत रखने वाली महिलाएं सरोवर में सुबह स्नान करेंगी।
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दूसरा दिन (खरना): दूसरे दिन खरना व्रत रखा जाएगा। दूसरे दिन खरना व्रत कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को होता है। इस दिन सूर्योदय सुबह 6:51 बजे और सूर्यास्त शाम को 05:33 बजे होगा।
तीसरा दिन (सूर्य को अर्घ्य): तीसरा दिन छठ पूजा के पर्व का महत्वपूर्ण दिन होता है।यह मुख्य दिन कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि बुधवार, 10 नवंबर को है। इस दिन ही छठ पूजा होगी। इस दिन शाम को सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इस दिन सूर्योदय 6:52 बजे और सूर्यास्त शाम 5:32 बजे होगा।
चौथा दिन (समापन): चौथे दिन छठ पर्व का समापन होगा। इस दिन सूर्योदय के समय सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया जाएगा। उसके बाद पारण कर व्रत को पूरा किया जाएगा। छठ पूजा का सूर्योदय अर्घ्य तथा पारण 11 नवंबर को होगा। इस दिन सूर्योदय सुबह 6:53 बजे और सूर्यास्त शाम 5:31 बजे होगा।
छठ पर्व धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में भी पूर्वांचल समाज के लोगों द्वारा सोमवार से शुरू हो जाएगा। इसके लिए छठ पर्व सेवा समिति हरियाणा व पूर्वांचल समाज महासभा हरियाणा ने सभी तैयारियां भी पूरी कर ली हैं। समिति के प्रदेशाध्यक्ष संतोष पासवान ने बताया कि कार्यक्रम की रूपरेखा भी तैयार कर ली गई है। पर्व पर कोरोना महामारी को लेकर सभी हिदायतों का पालन किया जाएगा। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र, कैथल, ढांड, शाहाबाद, बराड़ा, तरावड़ी, नीलोखेड़ी, अंबाला, करनाल व असंध के प्रतिनिधियों सहित ढांड के प्रधान सर्वेश राय, कैथल के प्रधान गौरी शंकर, बराड़ा के प्रधान दिनेश कुमार, नीलोखेड़ी के प्रधान रवि पासवान, लाडवा के प्रधान बद्री पासवान व बाबैन के प्रधान गोकुल सहित कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सीईओ अनुभव मेहता ने बताया कि ब्रह्मसरोवर में पहले जिस तरफ छठ पर्व मनाया जाता था उस तरफ एक प्रोजेक्ट पर कार्य चल रहा है। इस बार केयूके थाना की तरफ पर्व को लेकर प्रबंध किए गए हैं। यहां साफ सफाई भी कराई जा रही है। पूर्वांचल समाज के लोगों को किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
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छठ पर्व सेवा समिति हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष संतोष पासवान ने शनिवार को कार्यकारिणी सहित 11वें छठ महोत्सव की तैयारियों को लेकर कुरुक्षेत्र ब्रह्मसरोवर का जायजा लिया। ब्रह्मसरोवर के घाटों की साफ- सफाई में एक तरफ न होने पर असंतोष जताया व कुरुक्षेत्र प्रशासन से मांग की कि जल्द ब्रह्मसरोवर में पानी भरा जाए। संतोष पासवान ने जिला प्रशासन व केडीबी प्रशासन से मांग की है कि पूर्वांचल समाज के लोगो की आस्था को देखते हुए दोनों तालाब में पानी भरवाया जाए, जिससे कि सभी श्रद्धालु पूजा कर सके।
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पहला दिन (नहाय-खाय): छठ पूजा का पहला दिन नहाय-खाय होता है, जोकि सोमवार को है। इस दिन सूर्योदय सुबह 6:50 बजे और सूर्यास्त शाम को 5:34 बजे होगा। व्रत रखने वाली महिलाएं सरोवर में सुबह स्नान करेंगी।
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दूसरा दिन (खरना): दूसरे दिन खरना व्रत रखा जाएगा। दूसरे दिन खरना व्रत कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को होता है। इस दिन सूर्योदय सुबह 6:51 बजे और सूर्यास्त शाम को 05:33 बजे होगा।
तीसरा दिन (सूर्य को अर्घ्य): तीसरा दिन छठ पूजा के पर्व का महत्वपूर्ण दिन होता है।यह मुख्य दिन कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि बुधवार, 10 नवंबर को है। इस दिन ही छठ पूजा होगी। इस दिन शाम को सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इस दिन सूर्योदय 6:52 बजे और सूर्यास्त शाम 5:32 बजे होगा।
चौथा दिन (समापन): चौथे दिन छठ पर्व का समापन होगा। इस दिन सूर्योदय के समय सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया जाएगा। उसके बाद पारण कर व्रत को पूरा किया जाएगा। छठ पूजा का सूर्योदय अर्घ्य तथा पारण 11 नवंबर को होगा। इस दिन सूर्योदय सुबह 6:53 बजे और सूर्यास्त शाम 5:31 बजे होगा।
छठ पर्व धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में भी पूर्वांचल समाज के लोगों द्वारा सोमवार से शुरू हो जाएगा। इसके लिए छठ पर्व सेवा समिति हरियाणा व पूर्वांचल समाज महासभा हरियाणा ने सभी तैयारियां भी पूरी कर ली हैं। समिति के प्रदेशाध्यक्ष संतोष पासवान ने बताया कि कार्यक्रम की रूपरेखा भी तैयार कर ली गई है। पर्व पर कोरोना महामारी को लेकर सभी हिदायतों का पालन किया जाएगा। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र, कैथल, ढांड, शाहाबाद, बराड़ा, तरावड़ी, नीलोखेड़ी, अंबाला, करनाल व असंध के प्रतिनिधियों सहित ढांड के प्रधान सर्वेश राय, कैथल के प्रधान गौरी शंकर, बराड़ा के प्रधान दिनेश कुमार, नीलोखेड़ी के प्रधान रवि पासवान, लाडवा के प्रधान बद्री पासवान व बाबैन के प्रधान गोकुल सहित कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सीईओ अनुभव मेहता ने बताया कि ब्रह्मसरोवर में पहले जिस तरफ छठ पर्व मनाया जाता था उस तरफ एक प्रोजेक्ट पर कार्य चल रहा है। इस बार केयूके थाना की तरफ पर्व को लेकर प्रबंध किए गए हैं। यहां साफ सफाई भी कराई जा रही है। पूर्वांचल समाज के लोगों को किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी।