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जज के सामने बच्चा बोला, मां के साथ मिलकर अंकल ने मेरे पापा को मारा
ब्यूरो/अंबाला,अमर उजाला
Updated Wed, 25 May 2016 12:23 AM IST
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10 माह बाद साढ़े पांच साल के बेटे ने अपने पिता को इंसाफ तो दिलाया ही साथ ही उनके कातिल मां और उसके प्रेमी को सलाखों के पीछे भी पहुंचा दिया। दोनों प्रेमियों को बच्चे की गवाही पर अदालत ने उम्र कैद के साथ ही 10-10 हजार रुपये जुर्माने का सजा भी सुनाई।
अगस्त 2015 में नारायणगढ़ के जटवाड़ में राधेश्याम हत्याकांड की गुत्थी को साढ़े पांच साल के बच्चे की गवाही से सुलझाया गया। हालांकि पुलिस इस मामले में अपनी जांच में ये बात स्पष्ट कर ली थी कि व्यक्ति की हत्या सुनियोजित ढंग से की गई है। पुलिस ये भी जांच में साफ कर चुकी थी कि ये हत्या भी प्रेम प्रसंग के चलते हुई है।
लेकिन अदालत में जब इस केस का ट्रायल चला तो पहले अदालत में 164 के बयानों में और फिर जज के सामने गवाही देकर मृतक के साढ़े पांच साल के बच्चे ने तस्वीर साफ कर दी। इस बच्चे ने अदालत में न्यायधीश के सामने बताया कि उसके माता ने एक व्यक्ति के साथ मिलकर उसके पिता की निमर्म हत्या की है। अदालत ने अब इस मामले में मृतक राधेश्याम उर्फ बंटी की हत्या के आरोप में उसकी पत्नी रानी व रूप सिंह को उम्रकैद व दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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बच्चे की गवाही बनी अहम, दस माह में आया फैसला
अंबाला के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश डा. संजीव आर्य की अदालत ने ये फैसला सुनाया है। इस फैसले में साढ़े पांच साल के बच्चे की गवाही को अहम माना जा रहा है और इसी की बदौलत अदालत में ट्रायल के बाद केवल दस महीने में ही इस केस का फैसला आ गया है।
अधिवक्ता जसवंत सिंह ने बताया कि ये मामला प्रेम प्रसंग का था। अधिवक्ता के अनुसार दोषी पत्नी अपने दोषी प्रेमी व दो छोटे बच्चों के साथ मध्यप्रदेश के मुरैना जिले से भागकर यहां नारायणगढ़ के जटवाड़ में आ गई थी और अपने प्रेमी संग किराए पर रहने लगी थी।
पत्नी को ढूंढता हुआ उसका पति भी किसी तरह जटवाड़ पहुंच गया। पति ने बिल्कुल पास ही एक अन्य कमरा किराए पर लिया और रहने लगा। अधिवक्ता ने बताया कि मामला जब खुल गया तो प्रेमी और पत्नी ने बंटी को बुलाया और बैठकर बातचीत की और खाना भी खिलाया। उसके बाद पति राधेश्याम वहीं सो गया। उसके बाद आधी रात को पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर राधेश्याम की हत्या कर दी।
अधिवक्ता के अनुसार पत्नी ने तो अपने पति का मुंह दबाया और प्रेमी ने चारपाई पर सो रहे पति के गले में रस्सी डालकर गला घोंट दिया। उसके बाद आरोपी पत्नी व प्रेमी बच्चे लेकर वहां से फरार हो गए।
अगले दिन मकान मालिक ने मृतक को चारपाई पर देखा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। अधिवक्ता के अनुसार इस पूरे मामले में जब आरोपियों को शक की बिनाह पर काबू किया गया तो बच्चे ने इस केस के रहस्य से पर्दा उठाया।
साढ़े पांच साल के बच्चे ने बताया कि उसकी मां ने दोषी व्यक्ति के साथ मिलकर कैसे उसके पापा को मारा। अदालत ने अब इस गवाही व अन्य साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए दोषियों को उम्रकैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।
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अगस्त 2015 में नारायणगढ़ के जटवाड़ में राधेश्याम हत्याकांड की गुत्थी को साढ़े पांच साल के बच्चे की गवाही से सुलझाया गया। हालांकि पुलिस इस मामले में अपनी जांच में ये बात स्पष्ट कर ली थी कि व्यक्ति की हत्या सुनियोजित ढंग से की गई है। पुलिस ये भी जांच में साफ कर चुकी थी कि ये हत्या भी प्रेम प्रसंग के चलते हुई है।
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लेकिन अदालत में जब इस केस का ट्रायल चला तो पहले अदालत में 164 के बयानों में और फिर जज के सामने गवाही देकर मृतक के साढ़े पांच साल के बच्चे ने तस्वीर साफ कर दी। इस बच्चे ने अदालत में न्यायधीश के सामने बताया कि उसके माता ने एक व्यक्ति के साथ मिलकर उसके पिता की निमर्म हत्या की है। अदालत ने अब इस मामले में मृतक राधेश्याम उर्फ बंटी की हत्या के आरोप में उसकी पत्नी रानी व रूप सिंह को उम्रकैद व दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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बच्चे की गवाही बनी अहम, दस माह में आया फैसला
अंबाला के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश डा. संजीव आर्य की अदालत ने ये फैसला सुनाया है। इस फैसले में साढ़े पांच साल के बच्चे की गवाही को अहम माना जा रहा है और इसी की बदौलत अदालत में ट्रायल के बाद केवल दस महीने में ही इस केस का फैसला आ गया है।
अधिवक्ता जसवंत सिंह ने बताया कि ये मामला प्रेम प्रसंग का था। अधिवक्ता के अनुसार दोषी पत्नी अपने दोषी प्रेमी व दो छोटे बच्चों के साथ मध्यप्रदेश के मुरैना जिले से भागकर यहां नारायणगढ़ के जटवाड़ में आ गई थी और अपने प्रेमी संग किराए पर रहने लगी थी।
पत्नी को ढूंढता हुआ उसका पति भी किसी तरह जटवाड़ पहुंच गया। पति ने बिल्कुल पास ही एक अन्य कमरा किराए पर लिया और रहने लगा। अधिवक्ता ने बताया कि मामला जब खुल गया तो प्रेमी और पत्नी ने बंटी को बुलाया और बैठकर बातचीत की और खाना भी खिलाया। उसके बाद पति राधेश्याम वहीं सो गया। उसके बाद आधी रात को पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर राधेश्याम की हत्या कर दी।
अधिवक्ता के अनुसार पत्नी ने तो अपने पति का मुंह दबाया और प्रेमी ने चारपाई पर सो रहे पति के गले में रस्सी डालकर गला घोंट दिया। उसके बाद आरोपी पत्नी व प्रेमी बच्चे लेकर वहां से फरार हो गए।
अगले दिन मकान मालिक ने मृतक को चारपाई पर देखा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। अधिवक्ता के अनुसार इस पूरे मामले में जब आरोपियों को शक की बिनाह पर काबू किया गया तो बच्चे ने इस केस के रहस्य से पर्दा उठाया।
साढ़े पांच साल के बच्चे ने बताया कि उसकी मां ने दोषी व्यक्ति के साथ मिलकर कैसे उसके पापा को मारा। अदालत ने अब इस गवाही व अन्य साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए दोषियों को उम्रकैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।