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डेढ़ दर्जन से अधिक हथियारबद्व नकाबपोश युवाओं का कैसल मॉल पर हमला
Updated Mon, 22 Jan 2018 12:35 AM IST
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दो मिनट में 20 हथियारबंद तहस नहस कर गए कैसल मॉल, मैनेजर बोले-पद्मावत का विरोध करने वालों की करतूत
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
सेक्टर-17 में स्थित कैसल मॉल में देर शाम करीब 20 हथियारबंद नकाबपोश युवाओं ने हमला बोल दिया। इस दौरान उन्होंने जमकर तोड़फोड़ की। करीब दो मिनट मेें ही आरोपी वारदात को अंजाम देकर भाग गए। इस दौरान रविवार के चलते मॉल में उमड़ी भीड़ में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा कर्मियों ने भी केबिन और अन्य जगहों पर छिपकर जान बचाई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हमलावरों की तलाश की, लेकिन उनका पता नहीं चल सका। मॉल के मैनेजरों के अनुसार हमलावर पद्मावत के रिलीज का विरोध करने वाले हो सकते हैं, क्योंकि इस संबंध में उन्हें तीन दिन पहले धमकी दी गई थी।
जानकारी अनुसार रविवार को मॉल में भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। शाम करीब 6 बजकर 48 मिनट पर करीब दो दर्जन नकाबपोश युवक हाथों में गंडासी, बिंडे, लठ्ठ, हथौड़े आदि लेकर पहुंच गए। मॉल में घुसते ही उन्होंने पहले बाहर के शीशे तोड़े और फिर बॉक्स ऑफिस सहित शोरूम और अन्य शीशे भी तोड़ डाले। करीब दो मिनट तक हमलावर जमकर तोड़फोड़ करते रहे। इस दौरान सुरक्षा कर्मी और अन्य लोगों में दहशत आ गए और जान बचाने के भागने लगे। हमले की सूचना मिलते ही पांचों सिनेमा हॉल के शो बंद कर दिए गए। सुरक्षकर्मी रवि और अनीता ने बताया कि हमले के दौरान गेट पर उनके अलावा सज्जन सिंह भी तैनात थे। हमलावरों के हथियार और तेवर देख उन्होंने भी केबिन और काउंटर में छिपकर जान बचाई। मॉल में आए लोग भी इधर-उधर दौड़ने लगे। इस दरौरान हमलावरों ने किसी भी व्यक्ति को निशाना नहीं बनाया।
पद्मावत फिल्म के विरोध की आंशका, फायर भी किए : सचदेवा
मॉल के मैनेजर रमेश सचदेवा ने बताया कि उन्हें आशंका है कि हमलावर फिल्म पद्मावत का विरोध करने आए हैं और उन्होंने तोड़फोड़ कर करीब 10 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया है। मॉल के बाहर कई हवाई फायर भी किए। आरोपियों ने किसी भी व्यक्ति और कर्मचारी पर हमला नहीं किया और महज दो मिनट में ही हमले को अंजाम देकर फरार हो गए।
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तीन दिन पहले करणी सेना ने दी थी चेतावनी : सुधीर
मॉल में हमले के दौरान पांचों सिनेमाघरों में टाईगर जिंदा है, पंजाब सिंह, मुक्काबाज, 1921 और निर्दोष फिल्मों के शो चल रहे थे। हालांकि, इन शो में भीड़ कम ही थी, लेकिन हमले के बाद सिनेमाघर बंद कर दिए गए। मॉल के मैनेजर रमेश सचदेवा ने बताया कि यहां फिल्म पद्मावत का कोई पोस्टर और सूचना भी नहीं लगाई गई। सिनेमा मैनेजर सुधीर ने बताया कि तीन दिन पहले करणी सेना उन्हें चेतावनी देकर गई थी कि पद्मावत फिल्म न दिखाई जाए।
हमलावर सीसीटीवी में कैद, एक आरोपी बिना नकाब के मिला
हमला करने वाले आरोपी मॉल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गए। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे डीएसपी राज सिंह, सिटी एसएचओ मलकीत सिंह, सुभाष मंडी चौकी इंचार्ज सेवा सिंह आदि पुलिस अधिकारियों ने भी सीसीटीवी फुटेज खंगाली। इसमें एक आरोपी बिना नकाब के पाया गया। इसके आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास कर रही है।
फायरिंग के नहीं मिले सुबूत : एसएचओ
एसएचओ मलकीत सिंह का कहना है कि पुलिस को भी सूचना मिली है कि हमलावरों ने गंडासी, बिंडे, लठों आदि से मॉल पर हमला किया है। फायर भी किए है, लेकिन फायरिंग का अभी कोई सुबूत नहीं मिला है। सीसीटीवी कैमरों के अलावा अन्य तरीके से भी पुलिस जांच में जुटी है। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जल्द काबू कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिल्म पद्मावती का ही विरोध करने के चलते यह हमला किए जाने की आशंका है।
24 घंटे पहले ही एसपी ने सुरक्षा का दिया था आश्वासन
मॉल पर हमले से 24 घंटे पहले ही शनिवार शाम करीब सात बजे ऑपरेशन दुर्गा और यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले लोगों के खिलाफ अभियान का शुभारंभ मॉल से ही किया था। यहां पर एसपी ने लोगों को विशेष रूप से महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा दिया था। भारी पुलिस बल के साथ कई घंटे तक सेक्टर17 और अन्य क्षेत्रों में अभियान भी चलाया था, लेकिन रविवार को जब मॉल पर हमला हुआ तो एक भी पुलिस कर्मी आस-पास तैनान नहीं था। जबकि, मॉल से महज कुछ कदम दूर ही अंबेडकर चौक है। सिटी एसएचओ ने दावा किया कि मॉल पर हमला करने के दौरान पीसीआर अहिल्याबाई चौक पर गश्त कर रही थी। वह मॉल की ओर आने ही वाली थी, लेकिन तब तक हमलावर भाग गए।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
सेक्टर-17 में स्थित कैसल मॉल में देर शाम करीब 20 हथियारबंद नकाबपोश युवाओं ने हमला बोल दिया। इस दौरान उन्होंने जमकर तोड़फोड़ की। करीब दो मिनट मेें ही आरोपी वारदात को अंजाम देकर भाग गए। इस दौरान रविवार के चलते मॉल में उमड़ी भीड़ में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा कर्मियों ने भी केबिन और अन्य जगहों पर छिपकर जान बचाई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हमलावरों की तलाश की, लेकिन उनका पता नहीं चल सका। मॉल के मैनेजरों के अनुसार हमलावर पद्मावत के रिलीज का विरोध करने वाले हो सकते हैं, क्योंकि इस संबंध में उन्हें तीन दिन पहले धमकी दी गई थी।
जानकारी अनुसार रविवार को मॉल में भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। शाम करीब 6 बजकर 48 मिनट पर करीब दो दर्जन नकाबपोश युवक हाथों में गंडासी, बिंडे, लठ्ठ, हथौड़े आदि लेकर पहुंच गए। मॉल में घुसते ही उन्होंने पहले बाहर के शीशे तोड़े और फिर बॉक्स ऑफिस सहित शोरूम और अन्य शीशे भी तोड़ डाले। करीब दो मिनट तक हमलावर जमकर तोड़फोड़ करते रहे। इस दौरान सुरक्षा कर्मी और अन्य लोगों में दहशत आ गए और जान बचाने के भागने लगे। हमले की सूचना मिलते ही पांचों सिनेमा हॉल के शो बंद कर दिए गए। सुरक्षकर्मी रवि और अनीता ने बताया कि हमले के दौरान गेट पर उनके अलावा सज्जन सिंह भी तैनात थे। हमलावरों के हथियार और तेवर देख उन्होंने भी केबिन और काउंटर में छिपकर जान बचाई। मॉल में आए लोग भी इधर-उधर दौड़ने लगे। इस दरौरान हमलावरों ने किसी भी व्यक्ति को निशाना नहीं बनाया।
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पद्मावत फिल्म के विरोध की आंशका, फायर भी किए : सचदेवा
मॉल के मैनेजर रमेश सचदेवा ने बताया कि उन्हें आशंका है कि हमलावर फिल्म पद्मावत का विरोध करने आए हैं और उन्होंने तोड़फोड़ कर करीब 10 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया है। मॉल के बाहर कई हवाई फायर भी किए। आरोपियों ने किसी भी व्यक्ति और कर्मचारी पर हमला नहीं किया और महज दो मिनट में ही हमले को अंजाम देकर फरार हो गए।
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तीन दिन पहले करणी सेना ने दी थी चेतावनी : सुधीर
मॉल में हमले के दौरान पांचों सिनेमाघरों में टाईगर जिंदा है, पंजाब सिंह, मुक्काबाज, 1921 और निर्दोष फिल्मों के शो चल रहे थे। हालांकि, इन शो में भीड़ कम ही थी, लेकिन हमले के बाद सिनेमाघर बंद कर दिए गए। मॉल के मैनेजर रमेश सचदेवा ने बताया कि यहां फिल्म पद्मावत का कोई पोस्टर और सूचना भी नहीं लगाई गई। सिनेमा मैनेजर सुधीर ने बताया कि तीन दिन पहले करणी सेना उन्हें चेतावनी देकर गई थी कि पद्मावत फिल्म न दिखाई जाए।
हमलावर सीसीटीवी में कैद, एक आरोपी बिना नकाब के मिला
हमला करने वाले आरोपी मॉल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गए। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे डीएसपी राज सिंह, सिटी एसएचओ मलकीत सिंह, सुभाष मंडी चौकी इंचार्ज सेवा सिंह आदि पुलिस अधिकारियों ने भी सीसीटीवी फुटेज खंगाली। इसमें एक आरोपी बिना नकाब के पाया गया। इसके आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास कर रही है।
फायरिंग के नहीं मिले सुबूत : एसएचओ
एसएचओ मलकीत सिंह का कहना है कि पुलिस को भी सूचना मिली है कि हमलावरों ने गंडासी, बिंडे, लठों आदि से मॉल पर हमला किया है। फायर भी किए है, लेकिन फायरिंग का अभी कोई सुबूत नहीं मिला है। सीसीटीवी कैमरों के अलावा अन्य तरीके से भी पुलिस जांच में जुटी है। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जल्द काबू कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिल्म पद्मावती का ही विरोध करने के चलते यह हमला किए जाने की आशंका है।
24 घंटे पहले ही एसपी ने सुरक्षा का दिया था आश्वासन
मॉल पर हमले से 24 घंटे पहले ही शनिवार शाम करीब सात बजे ऑपरेशन दुर्गा और यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले लोगों के खिलाफ अभियान का शुभारंभ मॉल से ही किया था। यहां पर एसपी ने लोगों को विशेष रूप से महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा दिया था। भारी पुलिस बल के साथ कई घंटे तक सेक्टर17 और अन्य क्षेत्रों में अभियान भी चलाया था, लेकिन रविवार को जब मॉल पर हमला हुआ तो एक भी पुलिस कर्मी आस-पास तैनान नहीं था। जबकि, मॉल से महज कुछ कदम दूर ही अंबेडकर चौक है। सिटी एसएचओ ने दावा किया कि मॉल पर हमला करने के दौरान पीसीआर अहिल्याबाई चौक पर गश्त कर रही थी। वह मॉल की ओर आने ही वाली थी, लेकिन तब तक हमलावर भाग गए।