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देर शाम को गांव पहुंची एम्स के चिकित्सकों की टीम
Updated Tue, 13 Feb 2018 12:38 AM IST
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-झांसा प्रकरण, देर शाम को गांव पहुंची एम्स के चिकित्सकों की टीम
अमर उजाला ब्यूरो
इस्माईलाबाद।
झांसा प्रकरण की जांच में अभी तक छात्रा और छात्र की मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। इसी सिलसिले में सोमवार देर शाम दिल्ली एम्स के चिकित्सकों की एक टीम झांसा पहुंची। टीम डॉ. डीएन भारद्वाज की अध्यक्षता में देर शाम गांव झांसा पहुंची। इनमें प्रोफेसर आदर्श कुमार, डॉ. अभिषेक यादव शामिल थे।
बताया जा रहा है कि यह टीम सबसे पहले पूरी स्थिति का जायजा लेगी। उसके बाद छात्र और छात्रा की एफएसएल रिपोर्ट पर अपनी ओपिनियन देगी। टीम ने सबसे पहले गांव झांसा की उस जगह का दौरा किया, जहां पर छात्र और छात्रा को अंतिम बार देखा गया था। उसके बाद टीम भाखड़ा नहर पर पहुंची। डॉक्टरों ने मृतक छात्र और छात्रा के परिजनों से भी बात की। इस दौरान यह भी जाना कि दोनों बच्चों ने घर से बाहर जाने से पहले अंतिम बार क्या-क्या खाया था। उन्होंने कहा कि फाइनल रिपोर्ट में यह बात अहम है कि छात्रों ने अंतिम बार क्या खाया था। इसलिए परिजन उन्हें पूरा सहयोग करें। इस अवसर पर थाना प्रभारी दलीप सिंह ने कहा कि डॉक्टरों की टीम सोमवार और मंगलवार को गांव झांसा में ही रहेगी। इस दौरान वह सभी स्थानों का बारीकी से जायजा लेगी। उन्होंने बताया कि टीम उन स्थानों का भी मुआयना करेगी, जहां से छात्रा और छात्र के शव मिले थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टर मौके का जायजा लेने आए हैं।
बता दें कि गांव झांसा निवासी छात्र और छात्रा की मौत के मामले में पिछले दिनों रोहतक पीजीआई के डॉक्टरों ने एफएसएल रिपोर्ट पर अपनी ओपिनियन दी थी। एफएसएल की रिपोर्ट के बाद पीजीआई के डॉक्टरों ने इस मामले को आत्महत्या माना था। ग्रामीण और परिजन इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। इसको लेकर परिवार और गांव के लोग एसपी अभिषेक गर्ग से भी मिल चुके हैं। जांच से असंतुष्ट गांव निवासी धरना प्रदर्शन की रणनीति भी बना रहे हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
इस्माईलाबाद।
झांसा प्रकरण की जांच में अभी तक छात्रा और छात्र की मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। इसी सिलसिले में सोमवार देर शाम दिल्ली एम्स के चिकित्सकों की एक टीम झांसा पहुंची। टीम डॉ. डीएन भारद्वाज की अध्यक्षता में देर शाम गांव झांसा पहुंची। इनमें प्रोफेसर आदर्श कुमार, डॉ. अभिषेक यादव शामिल थे।
बताया जा रहा है कि यह टीम सबसे पहले पूरी स्थिति का जायजा लेगी। उसके बाद छात्र और छात्रा की एफएसएल रिपोर्ट पर अपनी ओपिनियन देगी। टीम ने सबसे पहले गांव झांसा की उस जगह का दौरा किया, जहां पर छात्र और छात्रा को अंतिम बार देखा गया था। उसके बाद टीम भाखड़ा नहर पर पहुंची। डॉक्टरों ने मृतक छात्र और छात्रा के परिजनों से भी बात की। इस दौरान यह भी जाना कि दोनों बच्चों ने घर से बाहर जाने से पहले अंतिम बार क्या-क्या खाया था। उन्होंने कहा कि फाइनल रिपोर्ट में यह बात अहम है कि छात्रों ने अंतिम बार क्या खाया था। इसलिए परिजन उन्हें पूरा सहयोग करें। इस अवसर पर थाना प्रभारी दलीप सिंह ने कहा कि डॉक्टरों की टीम सोमवार और मंगलवार को गांव झांसा में ही रहेगी। इस दौरान वह सभी स्थानों का बारीकी से जायजा लेगी। उन्होंने बताया कि टीम उन स्थानों का भी मुआयना करेगी, जहां से छात्रा और छात्र के शव मिले थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टर मौके का जायजा लेने आए हैं।
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बता दें कि गांव झांसा निवासी छात्र और छात्रा की मौत के मामले में पिछले दिनों रोहतक पीजीआई के डॉक्टरों ने एफएसएल रिपोर्ट पर अपनी ओपिनियन दी थी। एफएसएल की रिपोर्ट के बाद पीजीआई के डॉक्टरों ने इस मामले को आत्महत्या माना था। ग्रामीण और परिजन इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। इसको लेकर परिवार और गांव के लोग एसपी अभिषेक गर्ग से भी मिल चुके हैं। जांच से असंतुष्ट गांव निवासी धरना प्रदर्शन की रणनीति भी बना रहे हैं।
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