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अस्पताल परिसर में नवजात के शव को नोंच रहे थे कुते, वीटा बूथ कर्मी ने शोर मचाया तो पता चला

Sat, 10 Feb 2018 12:53 AM IST
Updated Sat, 10 Feb 2018 12:53 AM IST
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अस्पताल परिसर में नवजात के शव को नोंच रहे थे कुते, वीटा बूथ कर्मी ने शोर मचाया तो पता चला
अस्पताल परिसर में नवजात के शव को नोंच रहे थे कुत्ते, वीटा बूथ कर्मी ने शोर मचाया तो पता चला
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल परिसर में ही नवजात के शव को दो स्ट्रे डॉग ने नोंच डाला। जिला अस्पताल परिसर में वीटा बूथ से महज 20 कदम की दूरी यह भयानक दृश्य देख वहां तैनात एक निजी कर्मी ने शोर मचा दिया। इसके बाद लोगों को कुत्तों के नवजात के शव को नोंचने की जानकारी मिली। कुछ ही देर में वहां भीड़ जमा हो गई। भीड़ में से ही किसी ने अस्पताल प्रशासन को इस बारे में सूचित कर दिया। अस्पताल परिसर में नवजात के शव को कुत्तों द्वारा खाने की सूचना मिलते ही चिकित्सा अधिकारियों ने आनन-फानन में एक महिला स्टाफ कर्मी को मौके पर भेजा और शव को वहां से उठवा लिया। हालांकि, तब तक घटनास्थल पर मौजूद लोगों की मदद से शव को नोंच रहे कुत्तों को वहां से भगाया जा चुका था। तब तक स्ट्रे डाग मृत शिशु के नीचे हिस्से को खा चुके थे। सूचना पर पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई।
अस्पताल से पहुंचे स्टाफ ने नवराज शिशु का शव एक ट्रे में रखकर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचाया। वहां एसएमओ डॉ. एसएस अरोड़ा और चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपाली ने नवजात के शव की जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने इसके बाद मामले की जानकारी संबंधित पुलिस चौकी को दी। सूचना पर केयू थाना के प्रभारी नायब सिंह, थर्ड गेट पुलिस के चौकी प्रभारी जयकरण पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच की। देर रात तक यह यह पता नहीं चला था कि नवजात लड़का है या लड़की। अस्पताल स्टाफ से मिली जानकारी के अनुसार पिछले तीन दिनों में कोई मृत शिशु की डिलीवरी अस्पताल में नहीं हुई है।
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नवजात की नाल पर लगी हुई थी चिमटी
सीएमओ डॉ. एसके नैन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शाम करीब छह बजे अस्पताल परिसर में नवजात शिशु का शव मिलने की सूचना स्टाफ ने दी थी। इसकी जांच की जा रही है कि शिशु का यह शव यहां तक कैसे पहुंचा। एसएमओ डॉ. एसएस अरोड़ा ने बताया कि नवजात शिशु 24 से 48 घंटे का प्रतीत हो रहा है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया है। वहां शनिवार को पोस्टमार्टम और आगामी कार्रवाई की जाएगी। बताया गया है कि नवजात शिशु का जो शव मिला है, उसकी नाल पर चिमटी बंधी हुई है। सामान्यत: ऐसी चिमटी डिलीवरी के दौरान अस्पतालों में उपयोग में लायी जाती है।
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सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड की हो रही जांच
पुलिस ने घटनास्थल की जांच के बाद जिला अस्पताल प्रशासन से जानकारी ली। इसके साथ ही प्रसूति विभाग के रिकॉर्ड की भी जांच की गई। पुलिस यह पता लगा रही है कि पिछले चार दिनों में सरकारी अस्पताल के प्रसूति विभाग में कितनी और किसकी डिलीवरी हुई। पता चला है कि पुलिस अगले दिनों में इन तमाम डिलीवरी केस की जानकारी जुटाएगी, ताकि यह पता लग सके कि डिलीवरी के बाद कौन सा ऐसा केस है, जिनके पास अभी नवजात शिशु नहीं है।
स्ट्रे डॉग एलएनजेपी के निर्माणाधीन भवन की ओर से खींच कर लाए थे शव
नवजात शिशु का शव जहां मिला, उससे प्रसूति केंद्र चंद कदम की दूरी पर है। अस्पताल के वीटा बूथ के आसपास मौजूद लोगों से पता चला है कि दो स्ट्रे डाग नवजात शिशु के शव को जहां नोंच रहे थे, वहां कुछ देर पहले कुछ भी नहीं था। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि स्ट्रे डॉग नवजात का शव निर्माणाधीन भवन के पास से खींच कर लाए थे। गौरतलब है कि अस्पताल के नए भवन का निर्माण कई महीनों से जारी है। यह हिस्सा प्रसूति केंद्र के बेहद नजदीक है।

शव बाहर से लाने की भी संभावना
यह संभावना जताई जा रही है कि स्ट्रे डॉग नवजात का शव कहीं बाहर से उठाकर लाए हों। हालांकि, अभी तक अस्पताल प्रशासन यह मान कर चल रहा है कि संभव है कि स्ट्रे डाग कहीं बाहर से नवजात शिशु का शव उठाकर लाए हों। बहरहाल पुलिस की आगामी जांच में ही यह स्पष्ट होगा कि नवजात का शव यहां तक कैसे पहुंचा। शिशु को जन्म देने वाली मां की भी तलाश की जा रही है। यह संभावना अधिक है कि इस नवजात की डिलीवरी लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल में ही हुई हो।
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