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हथियारों के बल पर राहगीरों को लूटने के मामले में दो को सात-सात साल की सजा
Updated Sat, 20 Oct 2018 12:01 AM IST
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हथियारों के बल पर राहगीरों को लूटने के मामलेे में दो को सात-सात साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। मई 2017 में थाना केयूके एरिया में हथियारों के बल पर राहगीरों को लूटने के प्रयास में दो को सात-सात साल की कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं एक अन्य को तीन साल की कैद एवं तीन हजार रुपये की सजा सुनाई गई।
डीएसपी गुरमेल सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में थाना केयूके क्षेत्र में रात के समय राहगीरों के साथ छीनाझपटी की वारदातें होने लगी थी। कहा कि एक मई की रात को सीआईए-2 एसआई सीता राम की टीम पिहोवा रोड पर तारामंडल निकट पर गश्त पर थी। इस दौरान उन्हें गुप्त सूचना मिली कि मुकेश वासी शक्ति नगर कैथल और राजेंद्र वासी ग्योंग कैथल पिस्तौल की नोक पर आने-जाने वालों को लूटने की वारदात करते हैं, जोकि ज्योतिसर से डांड रोड पर खड़े हैं। सूचना पर योजनाबद्घ तरीके से मुख्य सिपाही नरेश को सादी वर्दी में बाइक से उक्त रोड पर भेजा गया, जिसके इशारे पर दोनों आरोपियों को मौके से काबू कर लिया। उनकी तलाशी लेने पर राजेंद्र की जेब से एक पिस्तौल मैगजीन सहित मिली। उसमें चार रोंद एवं मुकेश की जेब से देसी कट्टा एवं दो रौंद मिले। पूछताछ में राजेंद्र ने बताया कि वह पिस्तौल साथी आदर्श वासी नीलोखेड़ी से लेकर आया था, जिसको भी पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। नियमित सुनवाई अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंदर कौर की अदालत में चली। जिला उप न्यायवादी जसबीर सिंह ढांडा ने तथ्यों की पैरवी की तथा आरोपियों के वक्ताओं की बहस के बाद न्यायाधीश ने राजेंद्र एवं मुकेश को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की कैद एवं 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने की सूरत में 1-1 साल की अतिरिक्त सजा होगी। आदर्श को तीन साल की कैद एवं तीन हजार रुपये की सजा सुनाई गई।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। मई 2017 में थाना केयूके एरिया में हथियारों के बल पर राहगीरों को लूटने के प्रयास में दो को सात-सात साल की कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं एक अन्य को तीन साल की कैद एवं तीन हजार रुपये की सजा सुनाई गई।
डीएसपी गुरमेल सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में थाना केयूके क्षेत्र में रात के समय राहगीरों के साथ छीनाझपटी की वारदातें होने लगी थी। कहा कि एक मई की रात को सीआईए-2 एसआई सीता राम की टीम पिहोवा रोड पर तारामंडल निकट पर गश्त पर थी। इस दौरान उन्हें गुप्त सूचना मिली कि मुकेश वासी शक्ति नगर कैथल और राजेंद्र वासी ग्योंग कैथल पिस्तौल की नोक पर आने-जाने वालों को लूटने की वारदात करते हैं, जोकि ज्योतिसर से डांड रोड पर खड़े हैं। सूचना पर योजनाबद्घ तरीके से मुख्य सिपाही नरेश को सादी वर्दी में बाइक से उक्त रोड पर भेजा गया, जिसके इशारे पर दोनों आरोपियों को मौके से काबू कर लिया। उनकी तलाशी लेने पर राजेंद्र की जेब से एक पिस्तौल मैगजीन सहित मिली। उसमें चार रोंद एवं मुकेश की जेब से देसी कट्टा एवं दो रौंद मिले। पूछताछ में राजेंद्र ने बताया कि वह पिस्तौल साथी आदर्श वासी नीलोखेड़ी से लेकर आया था, जिसको भी पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। नियमित सुनवाई अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंदर कौर की अदालत में चली। जिला उप न्यायवादी जसबीर सिंह ढांडा ने तथ्यों की पैरवी की तथा आरोपियों के वक्ताओं की बहस के बाद न्यायाधीश ने राजेंद्र एवं मुकेश को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की कैद एवं 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने की सूरत में 1-1 साल की अतिरिक्त सजा होगी। आदर्श को तीन साल की कैद एवं तीन हजार रुपये की सजा सुनाई गई।
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