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Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   11 people of the same village sentenced to seven years rigorous imprisonment for attempt to murder

कुरुक्षेत्र: हत्या के प्रयास में एक ही गांव के 11 लोगों को सात-सात साल कठोर कारावास की सजा, जुर्माना भी लगाया

Thu, 16 Mar 2023 02:33 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 16 Mar 2023 02:33 PM IST
सार

वारदात 10 साल पहले की थी, दोषियों पर 11-11 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। दोषियों में शामिल कईं लोग एक ही परिवार के हैं।

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11 people of the same village sentenced to seven years rigorous imprisonment for attempt to murder
court demo - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हरियाणा के कुरुक्षेत्र में अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ. अमित कुमार गर्ग की अदालत ने हत्या के प्रयास मामले में एक ही गांव के 11 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 11-11 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। दोषी विजयकुमार, रिंकु उर्फ राकेश, विक्रम, सुरेंद्र, कर्मबीर उर्फ कर्मू, सुलेख चंद उर्फ सुलेखी, सतबीर, गजेसिंह, रवि कुमार, धनपत राम व पाला राम गांव मिर्जापुर के रहने वाले हैं।

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सरकारी अधिवक्ता संदीप सिंगला ने बताया कि दो जून 2012 को थाना केयूके पुलिस को दिए अपने ब्यान में ईश्वर सिंह वासी मिर्जापुर ने आरोप लगाते हुए बताया था कि वह मेहनत मजदूरी का काम करता है। वे पांच भाई है जो पांचों अलग-अलग रहते हैं। करीब एक वर्ष पहले उसके भाई रघबीर का पाला राम व उसके लड़कों के साथ झगड़ा हो गया था, जिसका पंचायती फैसला हो गया था।
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31 मई 2012 को रात को करीब 9.30 बजे उसके भाई बलबीर के साथ विक्रम के साथ झगड़ा होने पर चोटें आई थी। जिसको लेकर वह उसके भाई रघबीर व बलबीर सिंह पुलिस में शिकायत करने की बातचीत कर रहे थे। उसी समय धनपत व उसके लड़के अजय व विजय, भाई पाला राम व उसके लड़के सुरेंद्र, कर्मबीर, रवि के अलावा गजे सिंह व उसके लड़के सतबीर व रिंकु, तारा चंद व उसका लड़का अनिल कुमार, पाला राम व उसके लड़के विक्रम व सुलेखी डंडे, तलवार व गंडासी लेकर आ गए और हमला कर दिया।
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आरोपियों ने उसके भाई रमेश के सिर में गंडासी मारकर उसे घायल कर दिया। रमेश कुमार को एलएनजेपी अस्पताल से बाद में पीजीआई रेफर कर दिया गया था। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच सहायक उपनिरीक्षक दयानंद को सौंपी गई थी। 14 फरवरी 2015 को ईलाज के दौरान रमेश कुमार की मौत हो गई थी, जिसके चलते मामले में धारा 302 आईपी भी शामिल की गई थी। बाद में मामले की जांच डीएसपी अशोक कुमार राज्य अपराध शाखा हिसार द्वारा की गई। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्त में ले लिया था।

बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने आरोपी विजय कुमार, रिंकु उर्फ राकेश , विक्रम , सुरेंद्र ,कर्मबीर उर्फ कर्मू, सुलेख चंद उर्फ सुलेखी, सतबीर, गजेसिंह , रवि कुमार, धनपत राम व पाला राम को दोषी करार देते हुए विभिन्न धाराओं के तहत उक्त सजा सुनाई।


11 माह में सुनाई 44 केसों में सजा
सरकारी अधिवक्ता संदीप सिंगला के मुताबिक 11 महीने के दौरान ही अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ. अमित कुमार गर्ग की अदालत द्वारा अलग-अलग मामलों के 44 केसों में विभिन्न आरोपियों को सजा सुनाई जा चुकी है।

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