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नहीं थम रहा फानों में आग लगाने का सिलसिला, आंखों में जलन कर रहा धुंआ

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 07 Nov 2021 12:24 AM IST
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फानों में आग लगाने न लगाने को लेकर कृषि विभाग द्वारा लगातार किसानों को जागरूक करने का दावा किया जा रहा है। बावजूद इसके यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। अभी भी रात के समय मौका पाकर कई किसान फानों को आग के हवाले कर रहे हैं। इससे एक ओर जहां पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी ये हानिकारक साबित हो रहा है। सुबह शाम आंखों में इस धुंए के कारण जलन महसूस हो रही है। विभाग द्वारा जिले में फसल अवशेषों में आग लगाने वाले किसानों के खिलाफ जुर्माना लगाने के साथ साथे एफआईआर भी दर्ज की जा रही है, लेकिन इस कार्रवाई का भी खास असर देखने को नहीं मिल रहा। कृषि विभाग द्वारा अब तक 335 किसानों के चालान कर 7 लाख 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। रसेक के माध्यम से 485 और अन्य माध्यमों से 69 सहित कुल 554 आग लगाने से संबंधित घटनाएं सामने आई है। इन सभी लोकेशन पर कृषि विभाग की टीमें पहुंची। विभाग की टीमों ने कृषि भूमि पर 381 जगहों पर आग लगने की पुष्टि की है। विभाग का कहना है कि सभी टीमें दिन-रात फानों में आग लगाने वालों पर नजर रखे हुए है। सभी का प्रयास है कि कुरुक्षेत्र में फानों में आग ना लगाने दी जाए और जो आग लगाने का प्रयास करे उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाए।
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उपायुक्त मुकुल कुमार ने कहा कि किसानों को फसल के अवशेषों का प्रबंधन करने के लिए कृषि यंत्रों का उपयोग करना चाहिए। इन यंत्रों को उपलब्ध कराने के लिए कस्टमर हायरिंग सेंटरों के साथ साथ व्यक्तिगत किसानों को अनुदान राशि पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए है। इसलिए किसानों को इन यंत्रों का प्रयोग करके पर्यावरण को बचाने व भूमि के मित्र कीटों को भी बचाया जा सकता है।उपायुक्त ने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर जिला के गांव-गांव में पहुंचकर किसानों को खेतों में फसल अवशेष न जलाने बारे जागरूक किया जा रहा है। उपायुक्त ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़े कृषि यंत्रों पर सरकार द्वारा 50 प्रतिशत से लेकर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। इतना ही नहीं पराली की गांठ बनाने पर प्रति एकड़ 1 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।
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