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Kurukshetra News: धान खरीद से जुड़ी मांगेें हल करने पर बनी सहमति, किसानों का टकराव टला
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शाहाबाद। पंचायत के दौरान लठ लेकर बैठे गुरनाम चढूनी व अन्य किसान। विडियोग्रैब
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र/ शाहाबाद। प्रदेश सरकार की ओर से किसानों को धान खरीद से जुड़ी मांगें मान लेने का आश्वासन मिलने के बाद सोमवार को टकराव टल गया। प्रदेश की खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग की एसीएस अमनीत पी कुमार ने किसान नेताओं के करीब दो घंटे लंबी बैैठक की। बैठक में धान खरीद, उठान, भुगतान और पोर्टल पर किसानों के आंकड़ों के सत्यापन सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
एसीएस अमनीत पी कुमार ने कहा कि धान के उठान में तेजी लाई जाएगी। संबंधित ट्रांसपोर्टर्स की सूची पोर्टल पर अपलोड कर दी गई है और उठान को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। कुरुक्षेत्र और करनाल जिलों का करीब 100 प्रतिशत डाटा पोर्टल पर सत्यापित किया जा चुका है, जबकि अंबाला जिले का कुछ डाटा अभी लंबित है, जिसे अगले कुछ घंटों में सत्यापित कर लिया जाएगा। किसानों को धान का भुगतान करने के लिए 44 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है, जिसमें से 13 करोड़ रुपये किसानों के खातों में जमा भी करवाए जा चुके हैं।
इससे पहले धान खरीद से जुड़ी मांगों को लेकर किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने महापंचायत बुलाई थी। शहीद ऊधम सिंह स्मारक में भारतीय किसान यूनियन की महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान लठ लेकर पहुंचे थे। किसान व जवान अपने-अपने मोर्चे पर डटे रहे। पुलिस ने भी किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन, आंसू गैस के गोले व अन्य पुख्ता प्रबंध किए थे। दोपहर करीब 12 बजे किसानों के प्रतिनिधिमंडल की अंदरूनी बैठक शुरू हुई। बैठक के बाद भाकियू अध्यक्ष चढूनी ने किसानों को बताया कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की एसीएस अमनीत पी. कुमार दोपहर दो बजे उनके बीच पहुंचेंगी, जिसके साथ ही फैसला लिया कि उनके साथ बातचीत अनुसार आंदोलन बढ़ाया जाएगा।
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चढूनी बोले, अपने हक के लिए लठ उठाने पड़े
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि किसानों को अपने हक और मांगों के लिए आज लट्ठ उठाने पड़े। किसानों की मांग सिर्फ इतनी थी कि उनकी धान बिना किसी परेशानी के मंडियों में खरीदी जाए। एसीएस अमनीत पी कुमार ने किसानों के बीच पहुंचकर उनके समाधान का भरोसा दिया है।
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कुरुक्षेत्र/ शाहाबाद। प्रदेश सरकार की ओर से किसानों को धान खरीद से जुड़ी मांगें मान लेने का आश्वासन मिलने के बाद सोमवार को टकराव टल गया। प्रदेश की खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग की एसीएस अमनीत पी कुमार ने किसान नेताओं के करीब दो घंटे लंबी बैैठक की। बैठक में धान खरीद, उठान, भुगतान और पोर्टल पर किसानों के आंकड़ों के सत्यापन सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
एसीएस अमनीत पी कुमार ने कहा कि धान के उठान में तेजी लाई जाएगी। संबंधित ट्रांसपोर्टर्स की सूची पोर्टल पर अपलोड कर दी गई है और उठान को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। कुरुक्षेत्र और करनाल जिलों का करीब 100 प्रतिशत डाटा पोर्टल पर सत्यापित किया जा चुका है, जबकि अंबाला जिले का कुछ डाटा अभी लंबित है, जिसे अगले कुछ घंटों में सत्यापित कर लिया जाएगा। किसानों को धान का भुगतान करने के लिए 44 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है, जिसमें से 13 करोड़ रुपये किसानों के खातों में जमा भी करवाए जा चुके हैं।
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इससे पहले धान खरीद से जुड़ी मांगों को लेकर किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने महापंचायत बुलाई थी। शहीद ऊधम सिंह स्मारक में भारतीय किसान यूनियन की महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान लठ लेकर पहुंचे थे। किसान व जवान अपने-अपने मोर्चे पर डटे रहे। पुलिस ने भी किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन, आंसू गैस के गोले व अन्य पुख्ता प्रबंध किए थे। दोपहर करीब 12 बजे किसानों के प्रतिनिधिमंडल की अंदरूनी बैठक शुरू हुई। बैठक के बाद भाकियू अध्यक्ष चढूनी ने किसानों को बताया कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की एसीएस अमनीत पी. कुमार दोपहर दो बजे उनके बीच पहुंचेंगी, जिसके साथ ही फैसला लिया कि उनके साथ बातचीत अनुसार आंदोलन बढ़ाया जाएगा।
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चढूनी बोले, अपने हक के लिए लठ उठाने पड़े
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि किसानों को अपने हक और मांगों के लिए आज लट्ठ उठाने पड़े। किसानों की मांग सिर्फ इतनी थी कि उनकी धान बिना किसी परेशानी के मंडियों में खरीदी जाए। एसीएस अमनीत पी कुमार ने किसानों के बीच पहुंचकर उनके समाधान का भरोसा दिया है।