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साधकों को कराई शंख प्रक्षालन क्रिया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 17 Oct 2022 01:45 AM IST
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Conch washing process done to the seekers, Kurukshetra
भारतीय योग संस्थान के शंख प्रक्षालन कार्यक्रम में योग करते साधक। संवाद - फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। भारतीय योग संस्थान की प्रांत इकाई ने साधकों के लिए सामूहिक शंख प्रक्षालन क्रिया का आयोजन किया । राजेंद्र नगर स्थित नंगली वाली कुटिया में आयोजित इस कार्यक्रम में लाडवा, पेहवा, धुराला, पानीपत इत्यादि से आए साधकों ने भी हिस्सा लिया।
कृष्ण योग जिला के संरक्षक गोविंद लाल सेतिया ने शंख प्रक्षालन क्रिया के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि यह क्रिया बदलते मौसम में वर्ष में दो बार मार्च-अप्रैल व सितंबर-अक्तूबर में की जाती है। जिस प्रकार शंख को पानी से धोकर साफ किया जाता है, उसी प्रकार शंख प्रक्षालन में उदर-आंत की पूर्ण धुलाई की जाती है। शंख प्रक्षालन के लिए ताड़ासन, तिर्यक ताड़ासन, कटिचक्रासन, तिर्यक भुजंगासन व उदराकर्षणासन की पांच पांच आवृत्तियों की जाती हैं। आसनों का अभ्यास इसी क्रम से किया जाता है।
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इसके अतिरिक्त सर्पासन, भुजंगासन, मर्कटासन, पवनमुक्तासन इत्यादि का अभ्यास भी किया जा सकता है । इसके पश्चात उकड़ूं बैठकर नींबू और नमक मिला एक से दो गिलास पानी पिया जाता है । इस प्रकार पांच सेट आसन करने व प्रत्येक सेट के पश्चात एक गिलास पानी पीकर शौच के लिए जाना होता है। पहली बार शौच जाने पर अंतड़ियों मैं जमा मल टुकड़ों के रूप में बाहर निकलता है। दूसरी, तीसरी व चौथी आवृत्ति में यह मल और पतला होता जाता है। आसन करने व पानी पीने का क्रम कब तक जारी रखा जाता है जब तक शौच में पानी जैसा तरल न निकलने लगे। जब ऐसी स्थिति आ जाए तो साधक को आधे घंटे तक शवासन में लेट कर विश्राम करना होता है।
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इसके बाद देसी घी से तर खिचड़ी खिलाई जाती है, जो अंतड़ियों में एक सुरक्षित कोटिंग का काम करती है। पहले दिन खिचड़ी का ही सेवन करना श्रेष्ठ रहता है । अगले दो दिन हल्के भोजन का सेवन करना होता है। तीन दिन तक दूध या उससे बने पदार्थों का सेवन करना निषिद्ध होता है । क्रिया के 3 घंटे पश्चात तक सोना वह भारी काम करना मना होता है। भीष्म योग जिला के संरक्षक हरि राम जोशी ने योगासनों का क्रमवार अभ्यास करवाया।

उन्होंने साधकों को शंख प्रक्षालन में बरती जाने वाली सावधानियों एवं निषेधों के बारे में भी अवगत करवाया । कृष्ण योग जिला के कुटिया जोन के प्रधान जितेंद्र तलवार ने योगासनों का प्रदर्शन किया । अधिकारी श्याम पराशर ने संचालन किया । संस्थान की हरियाणा प्रांत इकाई के प्रधान ओम प्रकाश, प्रांतीय मंत्री मान सिंह व प्रांतीय प्रेस प्रवक्ता गुलशन कुमार ग्रोवर सहित कई जिला व जोन प्रधानों, मंत्रियों व अधिकारियों ने शंख प्रक्षालन क्रिया की ।
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