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ढोल की थाप पर नाचते हुए ओलंपियन सुरेंद्र के घर पहुंचे साथी खिलाड़ी
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कुरुक्षेत्र। ओलंपियन सुरेंद्र पालड़ के घर पिता मलखान को मिठाई खिलाते विधायक सुभाष सुधा।
- फोटो : Kurukshetra
भारतीय हॉकी टीम ने जैसे ही जर्मनी को 5-4 गोल के अंतर से हराया, उसी समय कुरुक्षेत्र के सेक्टर-8 में ढोल धमाकों की गूंज दूर-दूर तक सुनाई देने लगी। इस गूंज को सुनकर आस-पास के सभी लोग ओलंपियन सुरेंद्र कुमार पालड़ के घर पर पहुंचे और सभी लोगों ने परिवार के सदस्यों के साथ भारतीय हॉकी टीम के कांस्य पदक जीतने की खुशियों को सांझा किया। सुरेंद्र के साथी और जूनियर हॉकी खिलाड़ियों ने ढोल की थाप पर नाचकर अपनी खुशी व्यक्त की। इसके साथ ही परिजन भी इन खिलाड़ियों के साथ खुशी में शरीक हुए। भारतीय हॉकी टीम की जीत पर विधायक सुभाष सुधा खुद को रोक नहीं पाए और एक संत सम्मेलन के कार्यक्रम को बीच में छोड़कर सुरेंद्र के सेंक्टर-8 स्थित घर पहुंचकर सुरेंद्र पिता मलखान सिंह व माता नीलम को सेल्यूट किया। उन्होंने सुरेंद्र के भाई मनोज, पिता मलखान और मामा सुलतान सिंह को लड्डू खिलाकर जश्न मनाया तथा पिता मलखान सिंह को गले लगाकर बधाई दी। विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि इस कांस्य पदक जीतने पर देश का बच्चा-बच्चा खुशियां और जश्न मना रहा है। ओलंपियन सुरेंद्र 9 अगस्त को कुरुक्षेत्र में पहुंचेंगे। उनका यहां पहुंचने पर जबरदस्त स्वागत किया जाएगा। वहीं, उन्होंने सुरेंद्र कुमार के गुरु हॉकी कोच गुरविन्द्र सिंह को शॉल व पुष्पगुच्छ भेंट करके सम्मानित किया। विधायक ने साई के सहायक निदेशक सुभाष चंद मसानिया, कुलदीप सिंह वडैच, सतपाल सिंह, सुदेश शर्मा, सुधीर दहिया, सोहन लाल, प्रदीप मोर, जगदीप सिंह, रामानुज, अजायब सिंह, जंग बहादुर सहित अन्य प्रशिक्षकों और स्टाफ को बधाई दी।
छह सेकेंड तक अटकी रही सांसें
इस मैच के अंतिम छह सेकेंड तक सभी की सांसें अटकी रहीं। जैसे ही मैच का समय पूरा हुआ तो सभी लोग खुशी से झूम उठे। ओलंपियन सुरेन्द्र कुमार के परिजनों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाइयां दीं। वहीं, ओलंपियन के प्रशिक्षक गुरविंद्र सिंह अपने प्रशिक्षक साथियों के साथ साई में मैच देखने के बाद खुशियों को साझा किया। इसके साथ ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ओलंपियन सुरेंद्र कुमार के साथ परिजनों ने बातचीत की और पूरी टीम को बधाइयां दी हैं।
विश्व में किया प्रदेश का नाम रोशन : मुकुल मुकुल
ओलंपियन सुरेंद्र के निवास पर पहुंचे डीसी मुकुल कुमार ने परिजनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारतीय हॉकी टीम में खेलते हुए देश को कांस्य पदक जीताकर कुरुक्षेत्र और हरियाणा प्रदेश का नाम पूरे विश्व में रोशन किया है। इस ओलंपियन से युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी, जिससे युवा खिलाड़ी ओर मेहनत करके देश के लिए पदक जीतने का काम करेंगे। जिलावासियों को पूरी उम्मीदों पर खरा उतरते हुए सुरेंद्र ने शानदार प्रदर्शन किया।
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देश की हॉकी का 41 साल बाद शुरू हुआ स्वर्णिम सफर : संदीप सिंह
खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह ने कहा कि देश की हॉकी के लिए 41 सालों के लंबे अरसे के बाद स्वर्णिम सफर शुरू हुआ है। अब हॉकी खेल में खिलाड़ियों को पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं है। इस देश के हॉकी खिलाड़ियों को जिस घड़ी और समय का इंतजार था आज वह समय आ गया है, यहां से हॉकी टीम को आगे की तरफ ही बढ़ना है। यह ऐतिहासिक क्षण हरियाणा के लिए और अधिक यादगार रहेंगे क्योंकि भारतीय हॉकी टीम ने कुरुक्षेत्र के सुरेंद्र कुमार और सोनीपत के सुमित कुमार भी खेल रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से इन खिलाड़ियों को पूरा मान सम्मान देने के साथ भव्य स्वागत भी किया जाएगा।
मिट्टी में खेलकर ओलंपिक तक का सफर तय करने वाला सुरेंद्र एकमात्र खिलाड़ी
सुरेंद्र के कोच एवं गुरु गुरविंद्र सिंह ने कहा कि कर्मभूमि कुरुक्षेत्र के एक छोटे से खेल प्रांगण द्रोणाचार्य की मिट्टी में अभ्यास करने वाला खिलाड़ी एक दिन ओलंपिक के खेल प्रांगण में विरोधियों को धूल चटाएगा ऐसा किसी ने सोचा भी नहीं था, लेकिन कुरुक्षेत्र की इस मिट्टी में दिन-रात मेहनत करने वाले हॉकी खिलाड़ी सुरेंद्र सिंह ने यह दुनिया के समक्ष साबित कर दिया है कि मेहनत करने पर लक्ष्य की प्राप्ति जरूर होती है। सुरेंद्र दुनिया के एकमात्र ऐसे हॉकी खिलाड़ी है, जिन्होंने पिछले दो ओलंपिक खेलों में मिट्टी के खेल मैदान पर खेलकर ओलंपिक तक का सफर तय किया है।
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छह सेकेंड तक अटकी रही सांसें
इस मैच के अंतिम छह सेकेंड तक सभी की सांसें अटकी रहीं। जैसे ही मैच का समय पूरा हुआ तो सभी लोग खुशी से झूम उठे। ओलंपियन सुरेन्द्र कुमार के परिजनों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाइयां दीं। वहीं, ओलंपियन के प्रशिक्षक गुरविंद्र सिंह अपने प्रशिक्षक साथियों के साथ साई में मैच देखने के बाद खुशियों को साझा किया। इसके साथ ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ओलंपियन सुरेंद्र कुमार के साथ परिजनों ने बातचीत की और पूरी टीम को बधाइयां दी हैं।
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विश्व में किया प्रदेश का नाम रोशन : मुकुल मुकुल
ओलंपियन सुरेंद्र के निवास पर पहुंचे डीसी मुकुल कुमार ने परिजनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारतीय हॉकी टीम में खेलते हुए देश को कांस्य पदक जीताकर कुरुक्षेत्र और हरियाणा प्रदेश का नाम पूरे विश्व में रोशन किया है। इस ओलंपियन से युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी, जिससे युवा खिलाड़ी ओर मेहनत करके देश के लिए पदक जीतने का काम करेंगे। जिलावासियों को पूरी उम्मीदों पर खरा उतरते हुए सुरेंद्र ने शानदार प्रदर्शन किया।
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देश की हॉकी का 41 साल बाद शुरू हुआ स्वर्णिम सफर : संदीप सिंह
खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह ने कहा कि देश की हॉकी के लिए 41 सालों के लंबे अरसे के बाद स्वर्णिम सफर शुरू हुआ है। अब हॉकी खेल में खिलाड़ियों को पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं है। इस देश के हॉकी खिलाड़ियों को जिस घड़ी और समय का इंतजार था आज वह समय आ गया है, यहां से हॉकी टीम को आगे की तरफ ही बढ़ना है। यह ऐतिहासिक क्षण हरियाणा के लिए और अधिक यादगार रहेंगे क्योंकि भारतीय हॉकी टीम ने कुरुक्षेत्र के सुरेंद्र कुमार और सोनीपत के सुमित कुमार भी खेल रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से इन खिलाड़ियों को पूरा मान सम्मान देने के साथ भव्य स्वागत भी किया जाएगा।
मिट्टी में खेलकर ओलंपिक तक का सफर तय करने वाला सुरेंद्र एकमात्र खिलाड़ी
सुरेंद्र के कोच एवं गुरु गुरविंद्र सिंह ने कहा कि कर्मभूमि कुरुक्षेत्र के एक छोटे से खेल प्रांगण द्रोणाचार्य की मिट्टी में अभ्यास करने वाला खिलाड़ी एक दिन ओलंपिक के खेल प्रांगण में विरोधियों को धूल चटाएगा ऐसा किसी ने सोचा भी नहीं था, लेकिन कुरुक्षेत्र की इस मिट्टी में दिन-रात मेहनत करने वाले हॉकी खिलाड़ी सुरेंद्र सिंह ने यह दुनिया के समक्ष साबित कर दिया है कि मेहनत करने पर लक्ष्य की प्राप्ति जरूर होती है। सुरेंद्र दुनिया के एकमात्र ऐसे हॉकी खिलाड़ी है, जिन्होंने पिछले दो ओलंपिक खेलों में मिट्टी के खेल मैदान पर खेलकर ओलंपिक तक का सफर तय किया है।