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Kurukshetra News: ब्रह्मसरोवर की सुंदरता में रंगीन फव्वारे लगाएंगे चार चांद
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कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर पर लगेगें फव्वारे।
कुरुक्षेत्र। लोगों की गहरी आस्था के प्रतीक ब्रह्मसरोवर की सुंदरता को देखकर हर कोई ठहर सा जाता है। इसी सुंदरता में और भी चार-चांद लगने वाले हैं। ब्रह्मसरोवर के दोनों घाटों के बीच से गुजर रही मुख्य सड़क के दोनों ओर करोड़ों रुपये की लागत से रंगीन फव्वारे लगाए जाएंगे, जिसके लिए न केवल केंद्र सरकार ने बजट को मंजूरी दी है बल्कि इस पर जल्द काम भी शुरू किया जाने वाला है।
उल्लेखनीय है कि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की ओर से चार साल पहले ब्रह्मसरोवर पर रंगीन फव्वारे लगाए जाने व अन्य कार्यों को लेकर 14 करोड़ रुपये का प्रपोजल तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा था, लेकिन कुछ समय बाद ही कोरोना महामारी आ जाने के चलते यह प्रपोजल अटक गया था। अब केंद्र सरकार ने सरोवर पर फव्वारे लगाए जाने का प्रपोजल स्वीकार कर लिया तो वहीं ढाई करोड़ की राशि भी मंजूर कर दी है, जिसके चलते संभावना जताई जा रही है कि इस पर जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
ब्रह्मसरोवर का कृष्णा सर्कट के तहत कोराना काल से पहले ही 2017-18 में कायाकल्प किया गया था। इस पर केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से करीब 38 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इसके बाद यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है तो वहीं अब रंगीन फव्वारे लगाए जाने के बाद यह पर्यटकों को और भी आकर्षित करेगा।
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50 किलोवाट का लगेगा सोलर पैनल
ब्रह्मसरोवर को रोशन रखने के लिए भविष्य में बिजली निगम पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यहां सोलर पैनल लगाया जाएगा। पहले चरण में 50 किलोवाट का पैनल लगाया जाना है। इस पर भी अंतिम मोहर लग चुकी है। उल्लेखनीय है कि शाम होते ही ब्रह्मसरोवर आकर्षक रोशनी से जगमग हो उठता है। पूरे परिसर में लाइटें लगाई हुई है तो वहीं मेले के दौरान यहां सरोवर रंगीन रोशनी में नहाया दिखाई देने लगता है।
देश के 30 आईकोनिक केंद्रों में शामिल है ब्रह्मसरोवर
केंद्र सरकार ने वर्ष 2018-19 में देश के 30 आईकोनिक केंद्रों की सूची जारी की थी, जिसमें ब्रह्मसरोवर को भी प्रमुखता से शामिल किया गया। केंद्र व प्रदेश सरकार के प्रयास के चलते ही चार हजार फीट लंबे व दो हजार फीट चौड़ाई एवं 14 मीटर गहराई वाले इस सरोवर का जीर्णोद्धार हो पाया है। ब्रह्मसरोवर को ब्रह्मांड के निर्माता भगवान ब्रह्मा से जोड़ा जाता है। सूर्य ग्रहण के दौरान इस पवित्र सरोवर में डुबकी लगाना हजारों अश्वमेधा यज्ञों के बराबर माना जाता है। सरोवर पर एक प्राचीन द्रौपदी कूप है। उत्तरी तट पर सर्वेश्वर महादेव मंदिर है परंपरा के अनुसार, यहां भगवान ब्रह्मा द्वारा शिवलिंग स्थापित है।
रंगीन फव्वारे लगने पर बढ़ेगी सुंदरता : छाबड़ा
केडीबी के निवर्तमान मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा का कहना है फव्वारे लगाने को लेकर केंद्र सरकार ने बजट मंजूर किया है और जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है। ये फव्वारे लगाए जाने के बाद ब्रह्मसरोवर की सुंदरता और भी बढ़ जाएगी।
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उल्लेखनीय है कि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की ओर से चार साल पहले ब्रह्मसरोवर पर रंगीन फव्वारे लगाए जाने व अन्य कार्यों को लेकर 14 करोड़ रुपये का प्रपोजल तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा था, लेकिन कुछ समय बाद ही कोरोना महामारी आ जाने के चलते यह प्रपोजल अटक गया था। अब केंद्र सरकार ने सरोवर पर फव्वारे लगाए जाने का प्रपोजल स्वीकार कर लिया तो वहीं ढाई करोड़ की राशि भी मंजूर कर दी है, जिसके चलते संभावना जताई जा रही है कि इस पर जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
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ब्रह्मसरोवर का कृष्णा सर्कट के तहत कोराना काल से पहले ही 2017-18 में कायाकल्प किया गया था। इस पर केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से करीब 38 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इसके बाद यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है तो वहीं अब रंगीन फव्वारे लगाए जाने के बाद यह पर्यटकों को और भी आकर्षित करेगा।
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50 किलोवाट का लगेगा सोलर पैनल
ब्रह्मसरोवर को रोशन रखने के लिए भविष्य में बिजली निगम पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यहां सोलर पैनल लगाया जाएगा। पहले चरण में 50 किलोवाट का पैनल लगाया जाना है। इस पर भी अंतिम मोहर लग चुकी है। उल्लेखनीय है कि शाम होते ही ब्रह्मसरोवर आकर्षक रोशनी से जगमग हो उठता है। पूरे परिसर में लाइटें लगाई हुई है तो वहीं मेले के दौरान यहां सरोवर रंगीन रोशनी में नहाया दिखाई देने लगता है।
देश के 30 आईकोनिक केंद्रों में शामिल है ब्रह्मसरोवर
केंद्र सरकार ने वर्ष 2018-19 में देश के 30 आईकोनिक केंद्रों की सूची जारी की थी, जिसमें ब्रह्मसरोवर को भी प्रमुखता से शामिल किया गया। केंद्र व प्रदेश सरकार के प्रयास के चलते ही चार हजार फीट लंबे व दो हजार फीट चौड़ाई एवं 14 मीटर गहराई वाले इस सरोवर का जीर्णोद्धार हो पाया है। ब्रह्मसरोवर को ब्रह्मांड के निर्माता भगवान ब्रह्मा से जोड़ा जाता है। सूर्य ग्रहण के दौरान इस पवित्र सरोवर में डुबकी लगाना हजारों अश्वमेधा यज्ञों के बराबर माना जाता है। सरोवर पर एक प्राचीन द्रौपदी कूप है। उत्तरी तट पर सर्वेश्वर महादेव मंदिर है परंपरा के अनुसार, यहां भगवान ब्रह्मा द्वारा शिवलिंग स्थापित है।
रंगीन फव्वारे लगने पर बढ़ेगी सुंदरता : छाबड़ा
केडीबी के निवर्तमान मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा का कहना है फव्वारे लगाने को लेकर केंद्र सरकार ने बजट मंजूर किया है और जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है। ये फव्वारे लगाए जाने के बाद ब्रह्मसरोवर की सुंदरता और भी बढ़ जाएगी।

कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर पर लगेगें फव्वारे।