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Kurukshetra News: महिलाओं की कम उपस्थिति पर सीएम ने जताया एतराज
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महिलाओं की कम उपस्थिति पर सीएम ने जताया एतराज
रोहतक से तीन माह के बच्चे के साथ पहुंची थीं सरपंच अनीता
कुरुक्षेत्र। पंचायतों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान होने के बावजूद भी राज्यस्तरीय सरपंच सम्मेलन में महिलाओं की संख्या नाममात्र रही, हालांकि महिला सरपंच प्रतिनिधि कार्यक्रम में मौजूद रहे। महिला सरपंचों की कार्यक्रम में बेहद कम संख्या होना चर्चा का विषय बना रहा तो वहीं मंच से मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान ही महिलाओं की मौजूदगी की हकीकत जाननी चाही।
उन्होंने महिला सरपंचों की जगह आए पतियों के हाथ खड़े कराए तो वहीं एतराज जताते हुए कहा कि जब सरकार ने महिलाओं को आगे बढ़ाने व सशक्त बनाने के प्रयास के चलते 50 फीसदी का मौका दिया है तो उन्हें भी यहां होना चाहिए था।
रोहतक के गांव मोखरा रोज की सरपंच अनीता कटारिया 144 किलोमीटर की यात्रा तय कर तीन माह के बेटे को गोद में लिए हुए सम्मेलन में पहुंचीं। जब वह सम्मेलन से घोषणाओं की सौगात लेकर निकलीं तो भीषण गर्मी में भी उनका हौसला दोगुना हो उठा। उनके बोल थे कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रदान की गई सौगातों से ग्रामीणों को बहुत सहायता मिलेगी। अब सरपंच भी अपने स्तर पर विकास कार्यों की रुपरेखा तैयार कर सकेंगे। पंचायतों को डिजिटल करने का अहम निर्णय है जो मुख्यमंत्री द्वारा लिया गया है।
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रोहतक से तीन माह के बच्चे के साथ पहुंची थीं सरपंच अनीता
कुरुक्षेत्र। पंचायतों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान होने के बावजूद भी राज्यस्तरीय सरपंच सम्मेलन में महिलाओं की संख्या नाममात्र रही, हालांकि महिला सरपंच प्रतिनिधि कार्यक्रम में मौजूद रहे। महिला सरपंचों की कार्यक्रम में बेहद कम संख्या होना चर्चा का विषय बना रहा तो वहीं मंच से मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान ही महिलाओं की मौजूदगी की हकीकत जाननी चाही।
उन्होंने महिला सरपंचों की जगह आए पतियों के हाथ खड़े कराए तो वहीं एतराज जताते हुए कहा कि जब सरकार ने महिलाओं को आगे बढ़ाने व सशक्त बनाने के प्रयास के चलते 50 फीसदी का मौका दिया है तो उन्हें भी यहां होना चाहिए था।
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रोहतक के गांव मोखरा रोज की सरपंच अनीता कटारिया 144 किलोमीटर की यात्रा तय कर तीन माह के बेटे को गोद में लिए हुए सम्मेलन में पहुंचीं। जब वह सम्मेलन से घोषणाओं की सौगात लेकर निकलीं तो भीषण गर्मी में भी उनका हौसला दोगुना हो उठा। उनके बोल थे कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रदान की गई सौगातों से ग्रामीणों को बहुत सहायता मिलेगी। अब सरपंच भी अपने स्तर पर विकास कार्यों की रुपरेखा तैयार कर सकेंगे। पंचायतों को डिजिटल करने का अहम निर्णय है जो मुख्यमंत्री द्वारा लिया गया है।
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