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Kurukshetra News: 56 हजार एमटी यूरिया की आपूर्ति का दावा, फिर भी केंद्रों पर लग रही कतार
Sun, 20 Jul 2025 03:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 20 Jul 2025 03:11 AM IST
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कुरुक्षेत्र। यूरिया खाद के संकट पर किसान व प्रशासन आमने-सामने हैं। पिछले कईं दिनों से गुस्साए किसान लगातार खाद की किल्लत बताते हुए कड़ा रोष जाहिर कर रहे हैं और कालाबाजारी होने की आशंका जता रहे हैं। जबकि अधिकारियों का दावा है कि अब तक खाद की कालाबाजारी का एक भी मामला सामने नहीं आया है।
धान सीजन के लिए 70 हजार एमटी खाद की जरूरत है, जिसमें से 56 हजार एमटी खाद किसानों तक पहुंच चुका है। बाकी की भी पूर्ति जल्द होने के दावे किए जा रहे हैं। इसके बाद भी शनिवार को भी खाद बिक्री केंद्रों पर किसानों की भारी भीड़ रही। गांव रामशरण माजरा, संघौर सहित कईं जगह सुबह से ही किसान खाद के लिए कतार में लगे रहे।
जैसे की रामसरन माजरा, संघौर की सहकारी समितियों में यूरिया खाद के ट्रक आने की सूचना किसानों को लगी भारी संख्या में किसान यूरिया खाद लेने के लिए सहकारी समितियों के कार्यालयों पर पहुंच गए। कई बार तो किसानों में एक दूसरे से पहले खाद लेने की होड़ को लेकर आपस में ही नोक-झोंक हो गई। किसान रामपाल, जीत सिंह, पवन कुमार, जयपाल, सत्यपाल, जसविंदर कुमार आदि का कहना है कि यूरिया खाद की उपलब्धता कम होने के कारण उन्हें खाद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा हैं। उन्हाेंने कहा कि यूरिया खाद के बिना धान और गन्ने की फसल को नुकसान होने का डर है। आरोप लगाया कि बाबैन क्षेत्र में प्राइवेट खाद विक्रेता यूरिया खाद को लेकर टालमटोल कर रहे हैं और कुछ दुकानदार कालाबाजारी भी कर रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि यूरिया खाद की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और खाद की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। किसानों का कहना है कि अगर समय रहते खाद नहीं मिली तो फसलों की उत्पादकता पर बुरा असर पड़ेगा।
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36 फर्मों के किए जा चुके चालान : उपनिदेशक के मुताबिक जिले में 70 पैक्स सहित 300 खाद विक्रेता है, जिनमें से स्टॉक का सही मिलान न होने पर गडबड़ी की आशंका के चलते 36 के लाइसेंस सस्पेंड किए जा चुके हैं। विभाग के अधिकारियों की निगरानी में किसानों को खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। संवाद
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धान सीजन के लिए 70 हजार एमटी खाद की जरूरत है, जिसमें से 56 हजार एमटी खाद किसानों तक पहुंच चुका है। बाकी की भी पूर्ति जल्द होने के दावे किए जा रहे हैं। इसके बाद भी शनिवार को भी खाद बिक्री केंद्रों पर किसानों की भारी भीड़ रही। गांव रामशरण माजरा, संघौर सहित कईं जगह सुबह से ही किसान खाद के लिए कतार में लगे रहे।
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जैसे की रामसरन माजरा, संघौर की सहकारी समितियों में यूरिया खाद के ट्रक आने की सूचना किसानों को लगी भारी संख्या में किसान यूरिया खाद लेने के लिए सहकारी समितियों के कार्यालयों पर पहुंच गए। कई बार तो किसानों में एक दूसरे से पहले खाद लेने की होड़ को लेकर आपस में ही नोक-झोंक हो गई। किसान रामपाल, जीत सिंह, पवन कुमार, जयपाल, सत्यपाल, जसविंदर कुमार आदि का कहना है कि यूरिया खाद की उपलब्धता कम होने के कारण उन्हें खाद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा हैं। उन्हाेंने कहा कि यूरिया खाद के बिना धान और गन्ने की फसल को नुकसान होने का डर है। आरोप लगाया कि बाबैन क्षेत्र में प्राइवेट खाद विक्रेता यूरिया खाद को लेकर टालमटोल कर रहे हैं और कुछ दुकानदार कालाबाजारी भी कर रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि यूरिया खाद की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और खाद की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। किसानों का कहना है कि अगर समय रहते खाद नहीं मिली तो फसलों की उत्पादकता पर बुरा असर पड़ेगा।
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36 फर्मों के किए जा चुके चालान : उपनिदेशक के मुताबिक जिले में 70 पैक्स सहित 300 खाद विक्रेता है, जिनमें से स्टॉक का सही मिलान न होने पर गडबड़ी की आशंका के चलते 36 के लाइसेंस सस्पेंड किए जा चुके हैं। विभाग के अधिकारियों की निगरानी में किसानों को खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। संवाद