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ब्रह्मसरोवर में जलीय जीवों की चोरी का खुलासा,केडीबी की नाक तले लगा हुआ था जाल
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ब्रह्मसरोवर में रहने वाले अलग-अलग प्रजातियों के जलीय जीवों पर शिकायरियों की नजर है। शिकारी उन्हें अपना निशाना बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। मंगलवार को करीब 100 फीट लंबा जाल जीवों को पकड़ने के लिए लगाया हुआ था। हैरानी की बात यह है कि इस जाल की भनक ब्रह्मसरोवर पर स्थापित केडीबी कार्यालय के अधिकारियों को भी नहीं लगी। ब्रह्मसरोवर के जिस घाट से यह जाल निकाला गया है, उसके ठीक सामने कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड का बचाव दल का कक्ष, यानी गोताखोरों का दफ्तर है, जबकि इसके ठीक पीछे केडीबी आफिस है। वहीं कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के चीफ एग्जीक्यूटिव आफिसर अनुभव मेहता का इस बारे में कहना है कि इसकी जानकारी नहीं थी। मामले की जांच कराई जाएगी। बतादें कि 1832 में ब्रिटिश साम्राज्य के गवर्नर जनरल ने हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस ना पहुंचे इसलिए ब्रह्मसरोवर मछली पकड़ने और शिकार पर प्रतिबंध लगाने का फरमान जारी किया था।
बहुत बुरा हुआ, केडीबी सीईओ से करेंगी बात : डीसी
डीसी शरणदीप कौर बराड़ को जब इस बारे में बताया गया तो उन्होंने माना कि यह स्थल धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है, अगर ऐसा हुआ है तो यह बहुत बुरा हुआ है, जबकि केडीबी ने यहां सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध भी किए हैं। उन्होंने कहा कि वह इस संदर्भ में केडीबी सीईओ से बात करेंगे।
पुलिस को अभी तक नहीं मिली है शिकायत : एसएचओ
यह मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाए जाने के बावजूद रात करीब आठ बजे तक इसकी शिकायत केडीबी द्वारा पुलिस थाना में दर्ज नहीं कराई थी। ब्रह्मसरोवर तट पर स्थित केयू थाना के प्रभारी सूरज चावला ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि अभी तक उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है।
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धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ है : तीर्थोद्धार सभा
श्रीब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के अध्यक्ष पंडित पवन शर्मा शास्त्री ने चिंता जताते हुए कहा कि सन्निहित और ब्रह्मसरोवर विश्व प्रसिद्ध तीर्थ हैं,अगर यहां केडीबी के आफिस के पास ही ऐसा हो रहा है तो यह धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि
जाल में मछली फंसी थी, जाल केडीबी में है : टूरिज्म पुलिस
टूरिज्म पुलिस के प्रभारी राजेंद्र सिंह की जगह ड्यूटी संभाल रहे एसआई सूबे सिंह ने कहा कि लगता है किसी शरारती तत्व ने जाल फैंका था, यह कोई बड़ा मामला नहीं है। अब जाल कहां है ? इसके जवाब में टूरज्मि पुलिस के एसआई ने कहा कि वह केडीबी आफिस में रखा गया है। उसमें कुछ मछली थी,उसे वापिस सरोवर में डाला गया है।
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बहुत बुरा हुआ, केडीबी सीईओ से करेंगी बात : डीसी
डीसी शरणदीप कौर बराड़ को जब इस बारे में बताया गया तो उन्होंने माना कि यह स्थल धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है, अगर ऐसा हुआ है तो यह बहुत बुरा हुआ है, जबकि केडीबी ने यहां सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध भी किए हैं। उन्होंने कहा कि वह इस संदर्भ में केडीबी सीईओ से बात करेंगे।
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पुलिस को अभी तक नहीं मिली है शिकायत : एसएचओ
यह मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाए जाने के बावजूद रात करीब आठ बजे तक इसकी शिकायत केडीबी द्वारा पुलिस थाना में दर्ज नहीं कराई थी। ब्रह्मसरोवर तट पर स्थित केयू थाना के प्रभारी सूरज चावला ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि अभी तक उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है।
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धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ है : तीर्थोद्धार सभा
श्रीब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के अध्यक्ष पंडित पवन शर्मा शास्त्री ने चिंता जताते हुए कहा कि सन्निहित और ब्रह्मसरोवर विश्व प्रसिद्ध तीर्थ हैं,अगर यहां केडीबी के आफिस के पास ही ऐसा हो रहा है तो यह धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि
जाल में मछली फंसी थी, जाल केडीबी में है : टूरिज्म पुलिस
टूरिज्म पुलिस के प्रभारी राजेंद्र सिंह की जगह ड्यूटी संभाल रहे एसआई सूबे सिंह ने कहा कि लगता है किसी शरारती तत्व ने जाल फैंका था, यह कोई बड़ा मामला नहीं है। अब जाल कहां है ? इसके जवाब में टूरज्मि पुलिस के एसआई ने कहा कि वह केडीबी आफिस में रखा गया है। उसमें कुछ मछली थी,उसे वापिस सरोवर में डाला गया है।