फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   civic,kishan andolan

11 जगह चक्का जाम, वैकल्पिक रास्तों से निकले वाहन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 07 Feb 2021 12:28 AM IST
विज्ञापन
civic,kishan andolan
विभिन्न किसान संगठनों द्वारा तीन नए कानून रद करने की मांग को लेकर शनिवार को नेशनल व स्टेट हाइवे पर चक्का जाम किया गया। किसान संगठनों ने 11 जगह एनएच 44 पर दो जगह पिपली चिड़ियाघर के निकट, शाहाबाद रतनगढ, पिहोवा-इस्माईलाबाद में छह जगह नेशनल हाइवे 65 पर थाना टोल प्लाजा, सैनी माजरा टोल प्लाजा, गांव मलिकपुर, गंगहेडी बस स्टैंड के अलावा पंजाब बॉर्डर ट्यूकर टोल प्लाजा, गांव भौर सैदां, कराह साहिब, लाडवा में लाडवा-यमुनानगर रोड व बाबैन में गांव खैरा में किसानों ने चक्का जाम किया था। किसानों द्वारा प्रायोजित चक्का जाम को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा 11 डयूटी मैजिस्ट्रैट नियुक्त किए गए थे। वहीं जिला पुलिस प्रशासन द्वारा छह डीएसपी, 17 इंस्पेक्टर/थाना प्रभारी सहित करीब 600 पुलिस कर्मचारियों की नियुक्त थे। इसके अलावा जिलेभर में ट्रैफिक व्यवस्था के लिए 22 पुलिस नाके लगाए गए थे। जीटी रोड साढ़े 11 बजे विभिन्न गांव से आए किसान एकत्रित होना शुरू हो गए। किसानों 11:55 पर पिपली चिड़ियाघर के निकट चक्का जाम कर दिया। किसानों ने हाइवे के दोनों ओर ट्रैक्टर-ट्राली कार, बाइक लगाकर हाइवे जाम कर दिया। देखते ही देखते आसपास के किसान भी मौके पर पहुंच गए। किसानों ने पेड़ से टहनियां तोड़कर यूनियन के झंडे में डालकर सरकार के खिलाफ खूब भड़ास निकाली। हालांकि चक्का जाम को देखते हुए पुलिस के जवान अन्य रूट से वाहनों को निकाल रहे थे। जाम के दौरान किसानों ने एंबुलेंस व पुलिस के वाहनों को रास्ता दिया। वहीं 1 बजे गांव रामगढ़ की ओर से लंगर लगाया गया। तीन बजकर 5 मिनट पर किसानों ने जाम खोल दिया, जिसके बाद प्रशासन व जाम में फंसे लोगों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन

चक्का जाम को कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर समर्थन देने पहुंचे। तंवर तीन घंटे तक चले चक्का जाम के दौरान किसान के बीच ही रहे। तंवर ने किसानों के बीच बैठकर उनसे बातचीत की। उन्होंने कहा कि सरकार जबरन किसानों पर कृषि कानून थोप रही है। जब किसान उन कानून को स्वीकार नहीं कर रहा है तो सरकार को कानून वापस लेने चाहिए।
विज्ञापन

शाहाबाद के साथ-साथ बाबैन, झांसा, अजराना सहित कई जगह से किसान शामिल हुए। इस दौरान किसानों ने भाजपा के साथ-साथ गुरनाम सिंह चढूनी पर गलत टिप्पणी करने पर दिग्विजय चोटाला के खिलाफ भी नारेबाजी की। वहीं चक्का जाम के अंत में तीन मिनट तक सभी वाहन चालकों ने हॉर्न बजाकर कृषि कानूनों को वापिस लिए जाने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन

सैनीमाजरा टोल टैक्स पर किसानों ने किसान यूनियन के ब्लॉक प्रधान गुरनाम सिंह चम्मूकलां व किसान नेता मनजीत सिंह के नेतृत्व में नेशनल हाईवे को जाम करके विरोध प्रदर्शन किया। किसानों द्वारा तीन घंटे के चक्का जाम में पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्क दिखाई दिया। टोल पर एंबूलेंस, फायर ब्रिगेड गाड़ी तथा काफी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा है। वहीं यातायात को पुलिस प्रशासन द्वारा अन्य मार्गों से निकाला गया। किसानों का चक्का जाम पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से रहा।

किसानों को समर्थन देने पहुंचे कांग्रेस विधायक मेवा ने कहा कि सरकार सत्ता के नशे में चूर होकर अंधी-बहरी बनी बैठी है। सरकार को किसानों की आवाज सुनाई नहीं दे रही है। वहीं धरना स्थल पर पहुंचे कांग्रेस पार्टी के युवा जिलाध्यक्ष हरप्रीत सिंह चीमा ने भी समर्थन दिया। किसानों के जाम के दौरान थाना प्रभारी प्रेम सिंह कस्बे के व्यस्तम इंद्री चौक पर ट्रैफिक व्यस्था को संभालते नजर आए। पहले से ही तय रूट के मुताबिक यमुनानगर जाने वाले सवारियों को वाया मुस्तफाबाद व खरकाली से होते हुए रादौर की तरफ भेजा गया। तीन घंटे के जाम के बाद पुलिस अधिकारियों व जनता ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed