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शहर में गंदगी फैला रहे नगर परिषद के टिप्पर
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कूड़ा कचरा ढोने वाले नगर परिषद के टिप्पर उलटा शहर में गंदगी फैलाने का काम कर रहे हैं। टिप्परों में बिना ढके ही रोजाना कूड़ा कचरा ढोया जा रहा है। गंतव्य की ओर जाते हुए कई बार यह उछलकर सड़क पर गिर जाती है तो कई बार टिप्पर के ज्यादा गति से चलने पर यह उड़कर पीछे चल रहे वाहन चालकों के चेहरे पर आ जाता है। ऐसा नहीं है कि अधिकारी इससे अनजान हैं, बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
शहर में रोजाना करीब 70 टन कूड़ा जनरेट होता है, जिसे घर घर से उठाने के लिए नगर परिषद के करीब 83 टिप्पर लगे हैं। टिप्पर शहर की करीब 60 हजार इकाइयों से कूड़ा कचरा एकत्रित कर पिपली राष्ट्रीय मार्ग स्थित डंपिग जोन में गिरा कर आते हैं। कचरे से भरे टिप्पर शहर के बीच से होकर ही वहां जाते हैं। दूसरा चक्कर न लगाना पड़ जाए, इसलिए चालक एक बार में टिप्पर में क्षमता से ज्यादा कूड़ा भर लेते हैं और इसे बिना ढके ही डंपिंग जोन की ओर चल पड़ते हैं।
टिप्पर से गिरने वाला कूड़ा एक ओर जहां राहगीरों के परेशानी बनता है, वहीं इससे पर्यावरण भी प्रदूषित होता है। टिप्परों में बिना तिरपाल से ढके ही कूड़ा ले जाया जा रहा है। नतीजा ब्रेक लगने या गड्ढे में वाहन फंसने पर पीछे चल रहे लोगों पर गंदगी गिर जाती है। कोर्ट के आदेश अनुसार कचरा परिवहन करते समय डंपिंग जोन तक उसे ढक कर ही ले जाना होगा। ऐसा न करने पर न करने पर संबंधित कर्मचारी के प्रति कार्रवाई का प्रावधान है। इसी तरह नगर परिषद थानेसर में भी बिना ढके कचरा ढोया जाता है। अभी तक किसी अधिकारी ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि सब कुछ उनकी आंखों के सामने ही होता है।
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कई जगह कूड़े में लगाई जाती है आग
शहर के अधिकांश इलाकों में कूड़ा कचरा एकत्रित करने के बाद उसे जलाया भी जाता है। इससे वायु प्रदूषण होने के साथ-साथ आसपास रह रहे लोगों को सांस लेना भी दूभर हो जाता है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
अधिकारियों को लेना चाहिए संज्ञान: सूरज
शहरवासी सूरज ने कहा कि यह मामला गंभीर है अधिकारियों को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। कोरोना महामारी में स्वच्छता का अधिक से अधिक ध्यान देने की बात की जा रही है, ऐसे में नगर परिषद के टिप्परों के कारण लोगों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ रहा है।
सफाई अभियान चलाने का क्या फायदा: राजेश
राजेश ने कहा कि नगर परिषद की ओर े इन दिनों शहर में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन सफाई के बाद गंदगी को टिप्पर में लोड कर सड़क पर गिराया जा रहा है। ऐसे में सफाई अभियान चलाकर लाखों रुपये खर्च का क्या फायदा। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
संबंधित कर्मचारी पर होगी कार्रवाई: संजय
नगर परिषद के सेनेटरी इंस्पेक्टर संजय ने बताया कि कर्मचारियों को सख्त आदेश हैं कि कूडे़ को टिप्पर में ढक कर ही लेकर जाना है, यदि कोई कर्मचारी बिना ढके कूड़ा लेकर जा रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कुरुक्षेत्र। कूड़ा कचरा ढोने वाले नगर परिषद के टिप्पर उलटा शहर में गंदगी फैलाने का काम कर रहे हैं। टिप्परों में बिना ढके ही रोजाना कूड़ा कचरा ढोया जा रहा है। गंतव्य की ओर जाते हुए कई बार यह उछलकर सड़क पर गिर जाती है तो कई बार टिप्पर के ज्यादा गति से चलने पर यह उड़कर पीछे चल रहे वाहन चालकों के चेहरे पर आ जाता है। ऐसा नहीं है कि अधिकारी इससे अनजान हैं, बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
शहर में रोजाना करीब 70 टन कूड़ा जनरेट होता है, जिसे घर घर से उठाने के लिए नगर परिषद के करीब 83 टिप्पर लगे हैं। टिप्पर शहर की करीब 60 हजार इकाइयों से कूड़ा कचरा एकत्रित कर पिपली राष्ट्रीय मार्ग स्थित डंपिग जोन में गिरा कर आते हैं। कचरे से भरे टिप्पर शहर के बीच से होकर ही वहां जाते हैं। दूसरा चक्कर न लगाना पड़ जाए, इसलिए चालक एक बार में टिप्पर में क्षमता से ज्यादा कूड़ा भर लेते हैं और इसे बिना ढके ही डंपिंग जोन की ओर चल पड़ते हैं।
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टिप्पर से गिरने वाला कूड़ा एक ओर जहां राहगीरों के परेशानी बनता है, वहीं इससे पर्यावरण भी प्रदूषित होता है। टिप्परों में बिना तिरपाल से ढके ही कूड़ा ले जाया जा रहा है। नतीजा ब्रेक लगने या गड्ढे में वाहन फंसने पर पीछे चल रहे लोगों पर गंदगी गिर जाती है। कोर्ट के आदेश अनुसार कचरा परिवहन करते समय डंपिंग जोन तक उसे ढक कर ही ले जाना होगा। ऐसा न करने पर न करने पर संबंधित कर्मचारी के प्रति कार्रवाई का प्रावधान है। इसी तरह नगर परिषद थानेसर में भी बिना ढके कचरा ढोया जाता है। अभी तक किसी अधिकारी ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि सब कुछ उनकी आंखों के सामने ही होता है।
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कई जगह कूड़े में लगाई जाती है आग
शहर के अधिकांश इलाकों में कूड़ा कचरा एकत्रित करने के बाद उसे जलाया भी जाता है। इससे वायु प्रदूषण होने के साथ-साथ आसपास रह रहे लोगों को सांस लेना भी दूभर हो जाता है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
अधिकारियों को लेना चाहिए संज्ञान: सूरज
शहरवासी सूरज ने कहा कि यह मामला गंभीर है अधिकारियों को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। कोरोना महामारी में स्वच्छता का अधिक से अधिक ध्यान देने की बात की जा रही है, ऐसे में नगर परिषद के टिप्परों के कारण लोगों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ रहा है।
सफाई अभियान चलाने का क्या फायदा: राजेश
राजेश ने कहा कि नगर परिषद की ओर े इन दिनों शहर में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन सफाई के बाद गंदगी को टिप्पर में लोड कर सड़क पर गिराया जा रहा है। ऐसे में सफाई अभियान चलाकर लाखों रुपये खर्च का क्या फायदा। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
संबंधित कर्मचारी पर होगी कार्रवाई: संजय
नगर परिषद के सेनेटरी इंस्पेक्टर संजय ने बताया कि कर्मचारियों को सख्त आदेश हैं कि कूडे़ को टिप्पर में ढक कर ही लेकर जाना है, यदि कोई कर्मचारी बिना ढके कूड़ा लेकर जा रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।