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नप की अनदेखी से खराब हुआ सैनिटाइज करने के लिए लाया गया क्लोरीन गैस का पाउडर
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नगर परिषद की अनदेखी के चलते हजारों रुपये का क्लोरीन गैस युक्त ब्लीच पाउडर पार्किंग में रखे-रखे खराब हो गया। इसका इस्तेमाल नप को कोरोना महामारी के दौरान शहर को सैनिटाइज करने में करना था, लेकिन फिलहाल यह नप की पार्किंग में फैला हुआ है। बारिश से बचाने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं की गई।
पिछले साल कोरोना महामारी को लेकर हुए लॉकडाउन में नप ने शहर को सैनिटाइज करने के लिए क्लोरीन गैस युक्त ब्लीच पाउडर का इस्तेमाल किया था। नप के कर्मचारी कोरोना महामारी के दौरान इस ब्लीच पाउडर को पानी के साथ मिलाकर शहर को सैनिटाइज करते थे। इस ब्लीच पाउडर में मौजूद क्लोरीन गैस कोरोना के खिलाफ काफी असरदार मानी जाती है, जिसका असर छिड़काव के बाद करीब सात घंटे तक रहता था। लेकिन इन ब्लीच पाउडर के करीब 60-70 कट्टे नप की अनदेखी से खराब हो गए। ऐसा भी नहीं है कि अधिकारी इस मामले से अनभिज्ञ हों, क्योंकि अधिकतर अधिकारियों की गाड़ी पार्किंग स्थल में ही लगाई जाती है। बावजूद अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। मामले को लेकर नप ईओ बलबीर रोहिल्ला ने बताया कि इन कट्टों को वहां से उठाकर साफ जगह रख दिया जाएगा। इसमें जो कट्टे ठीक होंगे उनका रखरखाव और इस्तेमाल कराया जाएगा तथा जो खराब हो चुके हैं उसे डिस्पोज ऑफ कर दिया जाएगा।
स्प्रे सैनिटाइजर आने के बाद नहीं इस्तेमाल
कोरोना महामारी के आरंभ में ब्लीच पाउडर से ही शहर को सैनिटाइज किया गया था, मगर बाद में स्प्रे सैनिटाइजर आने पर इस ब्लीच पाउडर को नप की पार्किंग स्थल में रखवा दिया गया। उसके बाद किसी भी अधिकारी व कर्मचारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
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पिछले साल कोरोना महामारी को लेकर हुए लॉकडाउन में नप ने शहर को सैनिटाइज करने के लिए क्लोरीन गैस युक्त ब्लीच पाउडर का इस्तेमाल किया था। नप के कर्मचारी कोरोना महामारी के दौरान इस ब्लीच पाउडर को पानी के साथ मिलाकर शहर को सैनिटाइज करते थे। इस ब्लीच पाउडर में मौजूद क्लोरीन गैस कोरोना के खिलाफ काफी असरदार मानी जाती है, जिसका असर छिड़काव के बाद करीब सात घंटे तक रहता था। लेकिन इन ब्लीच पाउडर के करीब 60-70 कट्टे नप की अनदेखी से खराब हो गए। ऐसा भी नहीं है कि अधिकारी इस मामले से अनभिज्ञ हों, क्योंकि अधिकतर अधिकारियों की गाड़ी पार्किंग स्थल में ही लगाई जाती है। बावजूद अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। मामले को लेकर नप ईओ बलबीर रोहिल्ला ने बताया कि इन कट्टों को वहां से उठाकर साफ जगह रख दिया जाएगा। इसमें जो कट्टे ठीक होंगे उनका रखरखाव और इस्तेमाल कराया जाएगा तथा जो खराब हो चुके हैं उसे डिस्पोज ऑफ कर दिया जाएगा।
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स्प्रे सैनिटाइजर आने के बाद नहीं इस्तेमाल
कोरोना महामारी के आरंभ में ब्लीच पाउडर से ही शहर को सैनिटाइज किया गया था, मगर बाद में स्प्रे सैनिटाइजर आने पर इस ब्लीच पाउडर को नप की पार्किंग स्थल में रखवा दिया गया। उसके बाद किसी भी अधिकारी व कर्मचारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
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