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जनगणना : जिले में 1703 में से 263 सेक्टर में अब तक भी शुरू नहीं हो पाया मकानों का सूचीकरण
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कुरुक्षेत्र। 16वीं जनगणना के प्रथम चरण में अब तक जिला प्रदेश में पांचवें नंबर पर है लेकिन अनेक समस्याओं को झेलना पड़ रहा है। कहीं कर्मी जनगणना करने को अभी भी पूरे मन से तैयार नहीं है तो कहीं नेटवर्क धोखा दे रहा है। अभी तक अनेक कर्मियाें के जनगणना कार्य से ड्यूटी हटवाने के प्रयास भी चल रहे हैं। यही कारण है कि अभी तक जिले में 1703 क्षेत्रों में से 263 में कार्य मकानों का सूचीकरण कार्य भी शुरू नहीं हो पाया है।
यहां तक कि 25 से ज्यादा कर्मचारी कार्य करने से लगातार किनारा करते रहे हैं। अब न केवल प्रशासन डयूटी हटवाने के साथ-साथ इसमें कोताही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की तैयारी कर चुका है। अब तक 400 से ज्यादा कर्मियों को नोटिस थमाए जा चुके हैं। इसके बाद बड़े स्तर पर कर्मी कार्य में जुट भी गए हैं। मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल रूप में ही यह जनगणना की जाएगी लेकिन अनेक क्षेत्रों में कर्मियों के समक्ष मौके पर नेटवर्क फेल होने की समस्या बड़ी चुनौती बनी हुई है। कार्य के बावजूद भी वे अपना डाटा पोर्टल पर अपलोड नहीं कर पा रहे। ऐसे में पूरी रिपोर्ट भी सही रूप से तैयार नहीं हो पा रही है।
इसके लिए जिलेभर में 1968 कर्मियों को फील्ड में उतार दिया गया है। इनमें सबसे अधिक करीब 1700 शिक्षक हैं। इनमें पीजीटी स्तर के शिक्षकों को सुपरवाइजर बनाया गया है जबकि 1695 जनगणना करने वाले कर्मी हैं। जिले में करीब 4500 शिक्षक हैं। शिक्षकों को स्कूल समय से पहले व बाद में यह कार्य करने के निर्देश दिए हुए हैं।
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बॉक्स
ड्यूटी हटवाने का जुनून, मंत्रियों के दरबार तक पहुंच रहे
अभी भी कई कर्मी ड्यूटी हटवाने के प्रयासों में हैं। पहले सप्ताह में इस गंभीर समस्या से प्रशासन को जूझना पड़ा। स्थानीय स्तर पर ही नहीं मंत्रियों के दरबार में भी ड्यूटी हटवाने के लिए अनेक कर्मियों ने दस्तक दी। एक कर्मी तो पांच मंत्रियों से भी सिफारिश करवा चुका है। वहीं कई ने एक निजी अस्पताल से मेडिकल प्रमाणपत्र बनवाकर भी प्रशासन को दिए हैं।
शाहाबाद में सबसे ज्यादा परेशानी
जिले के शाहाबाद क्षेत्र में सबसे ज्यादा परेशानी सामने आई है। दो दिन पहले तक यहां 25 से ज्यादा कर्मी ड्यूटी न करने पर अड़े रहे। प्रशासन भी इन पर कानूनी कार्रवाई करवाने की तैयारी कर चुका था।
इस तरह बनाई गई है व्यवस्था
ब्लॉक-- 1600
नोडल अधिकारी-- 1
चार्ज ऑफिसर-- 9 जिनमें पांच शहरी व चार ग्रामीण क्षेत्र में
छह जनगणना कर्मियों पर-- एक सुपरवाइजर
एक जनगणनाकर्मी पर पूरे माह में-- 150 से 200 घर
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मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल रूप में की जा रही जनगणना : सीटीएम
जनगणना कार्य के नोडल अधिकारी एवं सीटीएम आशीष कुमार ने कहा कि प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और आवासों की गणना और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को अपडेट करने का कार्य 30 मई तक चलेगा। इस बार जनगणना मोबाइल एप के माध्यम से टेबलेट व स्मार्ट फोन से डाटा एकत्रित करेंगे। अभी तक 84 फीसदी से ज्यादा कार्य कर भी लिया है और प्रदेश में पांचवें नंबर पर है। वहीं आनाकानी कर रहे कर्मियों को चिह्नित किया जा रहा है।
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यहां तक कि 25 से ज्यादा कर्मचारी कार्य करने से लगातार किनारा करते रहे हैं। अब न केवल प्रशासन डयूटी हटवाने के साथ-साथ इसमें कोताही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की तैयारी कर चुका है। अब तक 400 से ज्यादा कर्मियों को नोटिस थमाए जा चुके हैं। इसके बाद बड़े स्तर पर कर्मी कार्य में जुट भी गए हैं। मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल रूप में ही यह जनगणना की जाएगी लेकिन अनेक क्षेत्रों में कर्मियों के समक्ष मौके पर नेटवर्क फेल होने की समस्या बड़ी चुनौती बनी हुई है। कार्य के बावजूद भी वे अपना डाटा पोर्टल पर अपलोड नहीं कर पा रहे। ऐसे में पूरी रिपोर्ट भी सही रूप से तैयार नहीं हो पा रही है।
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इसके लिए जिलेभर में 1968 कर्मियों को फील्ड में उतार दिया गया है। इनमें सबसे अधिक करीब 1700 शिक्षक हैं। इनमें पीजीटी स्तर के शिक्षकों को सुपरवाइजर बनाया गया है जबकि 1695 जनगणना करने वाले कर्मी हैं। जिले में करीब 4500 शिक्षक हैं। शिक्षकों को स्कूल समय से पहले व बाद में यह कार्य करने के निर्देश दिए हुए हैं।
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ड्यूटी हटवाने का जुनून, मंत्रियों के दरबार तक पहुंच रहे
अभी भी कई कर्मी ड्यूटी हटवाने के प्रयासों में हैं। पहले सप्ताह में इस गंभीर समस्या से प्रशासन को जूझना पड़ा। स्थानीय स्तर पर ही नहीं मंत्रियों के दरबार में भी ड्यूटी हटवाने के लिए अनेक कर्मियों ने दस्तक दी। एक कर्मी तो पांच मंत्रियों से भी सिफारिश करवा चुका है। वहीं कई ने एक निजी अस्पताल से मेडिकल प्रमाणपत्र बनवाकर भी प्रशासन को दिए हैं।
शाहाबाद में सबसे ज्यादा परेशानी
जिले के शाहाबाद क्षेत्र में सबसे ज्यादा परेशानी सामने आई है। दो दिन पहले तक यहां 25 से ज्यादा कर्मी ड्यूटी न करने पर अड़े रहे। प्रशासन भी इन पर कानूनी कार्रवाई करवाने की तैयारी कर चुका था।
इस तरह बनाई गई है व्यवस्था
ब्लॉक
नोडल अधिकारी
चार्ज ऑफिसर
छह जनगणना कर्मियों पर
एक जनगणनाकर्मी पर पूरे माह में
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मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल रूप में की जा रही जनगणना : सीटीएम
जनगणना कार्य के नोडल अधिकारी एवं सीटीएम आशीष कुमार ने कहा कि प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और आवासों की गणना और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को अपडेट करने का कार्य 30 मई तक चलेगा। इस बार जनगणना मोबाइल एप के माध्यम से टेबलेट व स्मार्ट फोन से डाटा एकत्रित करेंगे। अभी तक 84 फीसदी से ज्यादा कार्य कर भी लिया है और प्रदेश में पांचवें नंबर पर है। वहीं आनाकानी कर रहे कर्मियों को चिह्नित किया जा रहा है।