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श्रद्धा व धूमधाम से मनाया बाबा श्री चन्द महाराज का 527वां प्रकाशोत्सव
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कुरुक्षेत्र।उदासीन ब्रह्म अखाड़ा मांडी में मंचासीन संत बाबा गुरविंदर सिंह व संत समाज।
- फोटो : Kurukshetra
कुरुक्षेत्र। उदासीन ब्रह्म अखाड़ा मांडी साहिब में बाबा श्री चंद महाराज का 527 वां प्रकाशोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में कीर्तनी और रागी जत्थों ने शबद कीर्तन से संगत को निहाल किया। साथ ही गुरबाणी और बाबा श्री चंद महाराज के जीवन पर प्रकाश डाला गया। अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए। संत महापुरुषों ने सिख पंथ के संस्थापक श्री गुरुनानक देव व बाबा श्री चंद द्वारा दिखाए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
बाबा गुरविंदर सिंह मांडी ने कहा कि भारत देश ऋषि मुनियों का देश है। समय-समय पर इस देश में पीर पैगंबरों ने जन्म लिया है। ऐसे ही महापुरुष बाबा श्री चंद महाराज थे, जो गुरुनानक देव के ज्येष्ठ पुत्र थे। बाबा श्री चंद जी ने भी अन्य महापुरुषों की तरह लोगों को सत्य के मार्ग पर चलने की राह दिखाई। गुरविंदर सिंह ने कहा कि हमें भी ऐसे महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेते हुए परमात्मा का सिमरन व सद्गुणों को धारण करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बाबा श्रीचंद महाराज के मुखारबिंद से निकला हर शब्द सत्य साबित होकर फलीभूत होता था। उन्होंने कहा कि आज के समय के हुक्मरान बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के ऊपर जोर दे रहे हैं, जबकि इस पुनीत कार्य को बरसों पहले कलगीधर पातशाह श्री गुरु गोबिंद ने ही आगाज किया था। मौके पर कथा वाचक बाबा बंता सिंह ने इलाही कीर्तन कर संगत को सराबोर किया। उन्होंने बताया कि बाबा श्रीचंद महाराज ने अपनी जन्म स्थली बारठ साहिब में 62 वर्ष तक तपस्या की थी। इस अवसर पर बाबा बंता सिंह, ज्ञानी ईशर सिंह, ज्ञानी दर्शन शास्त्री, ज्ञानी कुलवंत सिंह ,संत कश्मीरा सिंह, महेश मुनि, बाबा महेंद्र सिंह, बाबा जोगा सिंह, राज्यसभा सांसद बलविंदर सिंह भूंदड़, मेजर सिंह व संगत मौजूद रही।
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बाबा गुरविंदर सिंह मांडी ने कहा कि भारत देश ऋषि मुनियों का देश है। समय-समय पर इस देश में पीर पैगंबरों ने जन्म लिया है। ऐसे ही महापुरुष बाबा श्री चंद महाराज थे, जो गुरुनानक देव के ज्येष्ठ पुत्र थे। बाबा श्री चंद जी ने भी अन्य महापुरुषों की तरह लोगों को सत्य के मार्ग पर चलने की राह दिखाई। गुरविंदर सिंह ने कहा कि हमें भी ऐसे महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेते हुए परमात्मा का सिमरन व सद्गुणों को धारण करना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि बाबा श्रीचंद महाराज के मुखारबिंद से निकला हर शब्द सत्य साबित होकर फलीभूत होता था। उन्होंने कहा कि आज के समय के हुक्मरान बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के ऊपर जोर दे रहे हैं, जबकि इस पुनीत कार्य को बरसों पहले कलगीधर पातशाह श्री गुरु गोबिंद ने ही आगाज किया था। मौके पर कथा वाचक बाबा बंता सिंह ने इलाही कीर्तन कर संगत को सराबोर किया। उन्होंने बताया कि बाबा श्रीचंद महाराज ने अपनी जन्म स्थली बारठ साहिब में 62 वर्ष तक तपस्या की थी। इस अवसर पर बाबा बंता सिंह, ज्ञानी ईशर सिंह, ज्ञानी दर्शन शास्त्री, ज्ञानी कुलवंत सिंह ,संत कश्मीरा सिंह, महेश मुनि, बाबा महेंद्र सिंह, बाबा जोगा सिंह, राज्यसभा सांसद बलविंदर सिंह भूंदड़, मेजर सिंह व संगत मौजूद रही।
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