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सुरक्षा में लापरवाही पड़ सकती है वन्य जीवों पर भारी
अमर उजाला ब्यूरो/ कुरुक्षेत्र।
Updated Sat, 29 Oct 2016 11:58 PM IST
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कुरुक्षेत्र। पिपली स्थित लघु चिड़ियाघर में सुरक्षा में हो रही चूक जंगली जीवों पर भारी पड़ सकती है। दर्शक खुलेआम वन्य प्राणियों को खाद्य सामग्री परोसते हैं। दर्शकों को खाद्य सामग्री परोसने से हटाने के लिए न तो अधिकारी और न ही कोई कर्मचारी मौके पर होता। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति मिलावट करके दूषित या जहरीला पदार्थ खिला जाए तो वन्य प्राणियों के जीवन पर संकट आना स्वाभाविक है।
गौरतलब है कि लघु चिड़ियाघर में सुरक्षा कर्मी होने के बावजूद वन्य प्राणियों की सुरक्षा खतरे में है। दिनभर चिड़ियाघर में वन्य जीवों को देखने आने वाले बच्चों से लेकर वयस्क तक लंगूर एवं अन्य जंतुओं के आगे कुछ न कुछ खाने का डालते हैं। लेकिन, इन्हें हटाने को लेकर चिड़ियाघर के कर्मचारी गंभीर नहीं दिखाई देते। हालांकि चेतावनी बोर्ड पर साफ-साफ शब्दों में डोंट फीड मी लिखा हुआ है।
वहीं बड़ी बात ये भी है कि बच्चों को साथ लेकर आने वाले अभिभावक भी उन्हें ऐसा करने से नहीं रोकते, बल्कि सब कुछ देखते हुए भी चेतावनी बोर्ड को अनदेखा करके बच्चों का साथ देते हैं। दर्शकों की ओर से लंगूरों को बिस्कुट, चना, रोटी ही नहीं बल्कि लकड़ी के टुकड़े भी खाने को दिए जाते हैं। बता दें कि फिलहाल चिड़ियाघर में शेर, चीता, तेेंदुआ, लक्कड़बग्गा, मगरमच्छ, घड़ियाल, दरियाई घोड़े, गीदड़, सांबर, काले हिरण, लंगूर, मोर, जंगली मुर्गे, कलीज पीजेंट, तीतर समेत अन्य जीव शामिल हैं।
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सुरक्षा पर दिया जाए ध्यान: नीलकंठ
शहरवासी एवं वन्य जीव प्रेमी नीलकंठ ने कहा कि कुछ दिनों से देखने में आ रहा है कि कोई भी व्यक्ति जंगली जीवों को कुछ भी खाने की चीज फेंक जाता है। चिड़ियाघर की शोभा बढ़ा रहे अद्भुत जीवों की सुरक्षा पर अधिकारियों को समय रहते ध्यान देना चाहिए। कब, कौन और किस इरादे से वन्य प्राणियों को क्या मिलावटी सामग्री परोस जाए, बाद में पता करना काफी मुश्किल हो जाता है।
कर्मचारी की ड्यूटी लगाई है, मुस्तैद करेंगे: गर्ग
जिला वन्य प्राणी निरीक्षक राजीव गर्ग ने कहा कि कोई दर्शक या बाहरी व्यक्ति जंगली जीवों को कुछ सामग्री न परोसे, इसके लिए चिड़ियाघर परिसर में कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। वह मौके का निरीक्षक करते हैं और दर्शकों को खाद्य सामग्री डालने से रोकते भी हैं। फिर भी यदि कोई लापरवाही हुई है तो इस ओर ध्यान देेंगे और कर्मचारी को मुस्तैद करेंगे। वन्य जीवों की सुरक्षा बेहद जरूरी है।
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बर्ड फ्लू की आशंका पर चिड़ियाघर में हुआ चेकअप
कुरुक्षेत्र। दिल्ली चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू नाम की बीमारी का असर पिपली चिड़ियाघर में भी दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि बर्ड फ्लू की आशंका के चलते यहां चिड़ियाघर प्रशासन ने पक्षियों के अलावा एहतियात के तौर पर अन्य वन्य प्राणियों का भी चेकअप कराया, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा पक्षियों सहित सभी जंतुओं को जांच के दौरान स्वस्थ पाया गया। जिला वन्य जीव निरीक्षक राजीव गर्ग ने बताया कि दिल्ली चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू के बाद पिपली चिड़ियाघर में जांच कराने को लेकर निर्देश मिले थे। इसी के चलते उन्होंने सतर्कता अपनाई और जीवों का चेकअप कराया गया। फिलहाल जांच में सभी जंगली जीव स्वस्थ बताए गए हैं।
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गौरतलब है कि लघु चिड़ियाघर में सुरक्षा कर्मी होने के बावजूद वन्य प्राणियों की सुरक्षा खतरे में है। दिनभर चिड़ियाघर में वन्य जीवों को देखने आने वाले बच्चों से लेकर वयस्क तक लंगूर एवं अन्य जंतुओं के आगे कुछ न कुछ खाने का डालते हैं। लेकिन, इन्हें हटाने को लेकर चिड़ियाघर के कर्मचारी गंभीर नहीं दिखाई देते। हालांकि चेतावनी बोर्ड पर साफ-साफ शब्दों में डोंट फीड मी लिखा हुआ है।
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वहीं बड़ी बात ये भी है कि बच्चों को साथ लेकर आने वाले अभिभावक भी उन्हें ऐसा करने से नहीं रोकते, बल्कि सब कुछ देखते हुए भी चेतावनी बोर्ड को अनदेखा करके बच्चों का साथ देते हैं। दर्शकों की ओर से लंगूरों को बिस्कुट, चना, रोटी ही नहीं बल्कि लकड़ी के टुकड़े भी खाने को दिए जाते हैं। बता दें कि फिलहाल चिड़ियाघर में शेर, चीता, तेेंदुआ, लक्कड़बग्गा, मगरमच्छ, घड़ियाल, दरियाई घोड़े, गीदड़, सांबर, काले हिरण, लंगूर, मोर, जंगली मुर्गे, कलीज पीजेंट, तीतर समेत अन्य जीव शामिल हैं।
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सुरक्षा पर दिया जाए ध्यान: नीलकंठ
शहरवासी एवं वन्य जीव प्रेमी नीलकंठ ने कहा कि कुछ दिनों से देखने में आ रहा है कि कोई भी व्यक्ति जंगली जीवों को कुछ भी खाने की चीज फेंक जाता है। चिड़ियाघर की शोभा बढ़ा रहे अद्भुत जीवों की सुरक्षा पर अधिकारियों को समय रहते ध्यान देना चाहिए। कब, कौन और किस इरादे से वन्य प्राणियों को क्या मिलावटी सामग्री परोस जाए, बाद में पता करना काफी मुश्किल हो जाता है।
कर्मचारी की ड्यूटी लगाई है, मुस्तैद करेंगे: गर्ग
जिला वन्य प्राणी निरीक्षक राजीव गर्ग ने कहा कि कोई दर्शक या बाहरी व्यक्ति जंगली जीवों को कुछ सामग्री न परोसे, इसके लिए चिड़ियाघर परिसर में कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। वह मौके का निरीक्षक करते हैं और दर्शकों को खाद्य सामग्री डालने से रोकते भी हैं। फिर भी यदि कोई लापरवाही हुई है तो इस ओर ध्यान देेंगे और कर्मचारी को मुस्तैद करेंगे। वन्य जीवों की सुरक्षा बेहद जरूरी है।
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बर्ड फ्लू की आशंका पर चिड़ियाघर में हुआ चेकअप
कुरुक्षेत्र। दिल्ली चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू नाम की बीमारी का असर पिपली चिड़ियाघर में भी दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि बर्ड फ्लू की आशंका के चलते यहां चिड़ियाघर प्रशासन ने पक्षियों के अलावा एहतियात के तौर पर अन्य वन्य प्राणियों का भी चेकअप कराया, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा पक्षियों सहित सभी जंतुओं को जांच के दौरान स्वस्थ पाया गया। जिला वन्य जीव निरीक्षक राजीव गर्ग ने बताया कि दिल्ली चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू के बाद पिपली चिड़ियाघर में जांच कराने को लेकर निर्देश मिले थे। इसी के चलते उन्होंने सतर्कता अपनाई और जीवों का चेकअप कराया गया। फिलहाल जांच में सभी जंगली जीव स्वस्थ बताए गए हैं।