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कागजों में कैटल फ्री शहर, गोवंश का जमावड़ा सड़कों पर
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शहर के रेलवे रोड पर भटकते गोवंश। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। आखिर कुरुक्षेत्र कैटल फ्री कब होगा ? जनमानस के बीच यह एक अहम सवाल बना हुआ है। शासन प्रशासन की ओर से शहर को कैटल फ्री करने के बड़े-बड़े दावे जरूर कर रहे हैं। जो धरातल पर धराशायी हो रहे हैं। प्रशासन ने कागजों पर शहर को कैटल फ्री जरूर दिखाया, लेकिन यहां सड़कों पर लग रहा गोवंश जमावड़ा इन दावों की पोल खोल रहा है।
शहर में गली मोहल्ला तो छोड़िए मुख्य मार्ग पर भी बड़ी संख्या में बेसहारा गोवंश को देखा जा सकता है। मार्ग पर बीचों बीच खड़े गोवंश से न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि लोगों की जान पर भी खतरा मंडराता रहता है। शहरवासी कई बार स्थानीय विधायक, जिला प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारियों के समक्ष शहर को कैटल फ्री करने की गुहार लगा चुके हैं।
प्रशासन ने कागजों पर शहर को कैटल फ्री जरूर दिखाया है, लेकिन शहर में गोवंश का अधिकांश सड़कों पर लग रहा जमावड़ा इन दावों की पोल खोल रहा है। रविवार को इस समस्या को लेकर शहर का जायजा लिया गया तो शेख चेहली मकबरा, कुरुक्षेत्र पुराना बाईपास, रेलवे मार्ग, पिपली-थर्ड गेट मार्ग, केडीबी मार्ग और अमीन मार्ग सहित अन्य मार्गों व गली मोहल्लों में गोवंश का जमावड़ा लगा हुआ था।
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प्रवीण कश्यप ने बताया कि प्रशासन शहर को कई बार कैटल फ्री घोषित कर चुका है। बेसहारा गोवंश को पकड़ने के साथ उनके लिए गोशाला तक की व्यवस्था करने का दावा किया गया। समस्या अपनी जगह बरकरार बनी हुई है।
सचिन कौशिक का कहना है शहर में बेसहारा पशुओं को लेकर हालत बहुत खराब है। जिला प्रशासन और नगर परिषद कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करती है। शहर में कहीं भी जाकर देखें तो बेसहारा पशु देखने को मिल जाएंगे। गोवंश के कारण आए दिन हादसे होते हैं।
सूरज का कहना है कि गली और मोहल्ले में बेसहारा पशु घूमते रहते हैं। सड़कों पर हर रोज पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। कैटल फ्री के नाम पर शहर में सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। धरातल पर समस्या ज्यों की त्यों है।
सुरेंद्र ने कहा कि रात के समय इन गोवंश से ज्यादा खतरा रहता है। शहर में अधिकतर सड़कों की लाइटें बंद रहने के कारण अंधेरे में सड़क पर बैठा गोवंश नजर नहीं आता, जिस कारण वाहन इनसे टकरा जाते हैं।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बलबीर रोहिला का कहना है कि नगर परिषद समय-समय पर कैटल फ्री अभियान चला रही है। शहर से बेसहारा गोवंश को पकड़ कर गोशालाओं में छोड़ा जा रहा है। अब फिर शहर में कैटल फ्री अभियान चलाया जाएगा।
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कुरुक्षेत्र। आखिर कुरुक्षेत्र कैटल फ्री कब होगा ? जनमानस के बीच यह एक अहम सवाल बना हुआ है। शासन प्रशासन की ओर से शहर को कैटल फ्री करने के बड़े-बड़े दावे जरूर कर रहे हैं। जो धरातल पर धराशायी हो रहे हैं। प्रशासन ने कागजों पर शहर को कैटल फ्री जरूर दिखाया, लेकिन यहां सड़कों पर लग रहा गोवंश जमावड़ा इन दावों की पोल खोल रहा है।
शहर में गली मोहल्ला तो छोड़िए मुख्य मार्ग पर भी बड़ी संख्या में बेसहारा गोवंश को देखा जा सकता है। मार्ग पर बीचों बीच खड़े गोवंश से न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि लोगों की जान पर भी खतरा मंडराता रहता है। शहरवासी कई बार स्थानीय विधायक, जिला प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारियों के समक्ष शहर को कैटल फ्री करने की गुहार लगा चुके हैं।
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प्रशासन ने कागजों पर शहर को कैटल फ्री जरूर दिखाया है, लेकिन शहर में गोवंश का अधिकांश सड़कों पर लग रहा जमावड़ा इन दावों की पोल खोल रहा है। रविवार को इस समस्या को लेकर शहर का जायजा लिया गया तो शेख चेहली मकबरा, कुरुक्षेत्र पुराना बाईपास, रेलवे मार्ग, पिपली-थर्ड गेट मार्ग, केडीबी मार्ग और अमीन मार्ग सहित अन्य मार्गों व गली मोहल्लों में गोवंश का जमावड़ा लगा हुआ था।
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प्रवीण कश्यप ने बताया कि प्रशासन शहर को कई बार कैटल फ्री घोषित कर चुका है। बेसहारा गोवंश को पकड़ने के साथ उनके लिए गोशाला तक की व्यवस्था करने का दावा किया गया। समस्या अपनी जगह बरकरार बनी हुई है।
सचिन कौशिक का कहना है शहर में बेसहारा पशुओं को लेकर हालत बहुत खराब है। जिला प्रशासन और नगर परिषद कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करती है। शहर में कहीं भी जाकर देखें तो बेसहारा पशु देखने को मिल जाएंगे। गोवंश के कारण आए दिन हादसे होते हैं।
सूरज का कहना है कि गली और मोहल्ले में बेसहारा पशु घूमते रहते हैं। सड़कों पर हर रोज पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। कैटल फ्री के नाम पर शहर में सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। धरातल पर समस्या ज्यों की त्यों है।
सुरेंद्र ने कहा कि रात के समय इन गोवंश से ज्यादा खतरा रहता है। शहर में अधिकतर सड़कों की लाइटें बंद रहने के कारण अंधेरे में सड़क पर बैठा गोवंश नजर नहीं आता, जिस कारण वाहन इनसे टकरा जाते हैं।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बलबीर रोहिला का कहना है कि नगर परिषद समय-समय पर कैटल फ्री अभियान चला रही है। शहर से बेसहारा गोवंश को पकड़ कर गोशालाओं में छोड़ा जा रहा है। अब फिर शहर में कैटल फ्री अभियान चलाया जाएगा।