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Kurukshetra News: कुत्तों के काटने के मामले बढ़े, रोजाना अस्पताल में पहुंच रहे 20 मरीज
Wed, 30 Jul 2025 03:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 30 Jul 2025 03:50 AM IST
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कुरुक्षेत्र। अगर कुत्ता काटे तो इसे गंभीरता से लें। थोड़ी सी लापरवाही आपके व आपके परिजनों पर भारी पड़ सकती है। सोमवार को कीर्ति नगर की घटना इसका संजीदा उदाहरण है।
कीर्ति नगर (36) निवासी बोना राम को 15 दिन पहले रात में आवारा कुत्ते ने काट लिया था। बोना राम ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। वह इसका इलाज करवाने की बजाय हरिद्वार से कांवड़ लेने चला गया। घर आने पर अचानक बोना राम की तबीयत बिगड़ गई।
बोना राम परिवार में अकेला ही था। तबीयत बिगड़ती देख पड़ोसी राकेश कुमार ने जिला अस्पताल में दाखिल कराया। जहां गंभीर हालत के चलते बोना राम ने सोमवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया। परिवार में बोना राम के अलावा कोई नहीं है।
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दो भाई पहले ही गुजर गए थे। शहर व ग्रामीण एरिया में कुत्तों का कहर है। अकेले जिला अस्पताल में ही कुत्ता काटने के 15 से 20 मरीज इलाज लेने पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में जून व जुलाई में ही एक हजार से ज्यादा लोग एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचे हैं।
सेक्टर में कुत्ते सबसे अधिक, लोगों को बना रहे शिकार : सबसे ज्यादा मामले शहर के सेक्टर क्षेत्रों से सामने आ रहे हैं, जहां आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लोग सुबह की सैर या बच्चों को स्कूल छोड़ने जाते समय इन कुत्तों का शिकार बन रहे हैं। कुछ इलाकों में तो कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते नजर आते हैं, जिससे आमजन में भय का माहौल है। एलएनजेपी अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि ड ॉग बाइट के मामले गंभीर हैं और इनसे बचाव के लिए समय पर वैक्सीन लगवाना जरूरी होता है। आमतौर पर चार से पांच डोज की जरूरत होती है, जो समय पर ली जानी चाहिए। अस्पताल में वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। संवाद
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कीर्ति नगर (36) निवासी बोना राम को 15 दिन पहले रात में आवारा कुत्ते ने काट लिया था। बोना राम ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। वह इसका इलाज करवाने की बजाय हरिद्वार से कांवड़ लेने चला गया। घर आने पर अचानक बोना राम की तबीयत बिगड़ गई।
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बोना राम परिवार में अकेला ही था। तबीयत बिगड़ती देख पड़ोसी राकेश कुमार ने जिला अस्पताल में दाखिल कराया। जहां गंभीर हालत के चलते बोना राम ने सोमवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया। परिवार में बोना राम के अलावा कोई नहीं है।
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दो भाई पहले ही गुजर गए थे। शहर व ग्रामीण एरिया में कुत्तों का कहर है। अकेले जिला अस्पताल में ही कुत्ता काटने के 15 से 20 मरीज इलाज लेने पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में जून व जुलाई में ही एक हजार से ज्यादा लोग एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचे हैं।
सेक्टर में कुत्ते सबसे अधिक, लोगों को बना रहे शिकार : सबसे ज्यादा मामले शहर के सेक्टर क्षेत्रों से सामने आ रहे हैं, जहां आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लोग सुबह की सैर या बच्चों को स्कूल छोड़ने जाते समय इन कुत्तों का शिकार बन रहे हैं। कुछ इलाकों में तो कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते नजर आते हैं, जिससे आमजन में भय का माहौल है। एलएनजेपी अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि ड ॉग बाइट के मामले गंभीर हैं और इनसे बचाव के लिए समय पर वैक्सीन लगवाना जरूरी होता है। आमतौर पर चार से पांच डोज की जरूरत होती है, जो समय पर ली जानी चाहिए। अस्पताल में वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। संवाद