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Kurukshetra News: रूट पर 20 चक्कर लगा रहीं बसें
Tue, 28 Oct 2025 02:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 28 Oct 2025 02:37 AM IST
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कुरुक्षेत्र। रोडवेज प्रबंधक शेर सिंह।
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। इलेक्ट्रिक बसों को 100 यात्रियों से भी कम का औसत समर्थन मिल रहा है। बसें रोजाना रूटों पर 20 से ज्यादा चक्कर लगा रही हैं। बसों में रोजाना करीब दो हजार यात्री ही सफर कर पा रहे हैं। इसका कारण स्पष्ट नहीं है। इससे पहले इलेक्ट्रिक बसों को पानीपत, अंबाला, करनाल, यमुनानगर में चलाया गया है। पानीपत को छोड़कर अन्य सभी जिलों में बस सेवा अलाभकारी साबित हो चुकी है।
पानीपत में बस सेवा को कामयाब बनाने के लिए प्रशासन ने ऑटो बंद कराए थे जिसके बाद बसों में सवारियां सफर करने लगीं। सरकार प्रदेशभर के 10 शहरों में 375 बसें और चलाना चाहती है। धर्मनगरी में भी 40 बसों को भेजा जाना है। सरकार इन बसों को पानीपत, यमुनानगर, करनाल, पंचकुला, हिसार, रोहतक, रेवाडी, सोनीपत, कुरुक्षेत्र और अंबाला में चलाना चाहती है।
यात्रियों को देना पड़ रहा दोगुना किराया : सामान्य बसों की तुलना में इलेक्ट्रिक बसों में दोगुना किराया लगता है। ऐसे में ग्रामीण रूटों पर सफर करने वाले लोग बसों में यात्रा करने से बच रहे हैं। सामान्य बसों में जहां इतने पैसे में यात्रियों का शहर आना-जाना हो जाता है, वहीं इन बसों में एक साइड के किराए में ही इतना पैसा लग जाता है। सामान्य बसों में मिलने वाली 42 कैटेगरी को भी सुविधा नहीं मिल पा रही।
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कुरुक्षेत्र। इलेक्ट्रिक बसों को 100 यात्रियों से भी कम का औसत समर्थन मिल रहा है। बसें रोजाना रूटों पर 20 से ज्यादा चक्कर लगा रही हैं। बसों में रोजाना करीब दो हजार यात्री ही सफर कर पा रहे हैं। इसका कारण स्पष्ट नहीं है। इससे पहले इलेक्ट्रिक बसों को पानीपत, अंबाला, करनाल, यमुनानगर में चलाया गया है। पानीपत को छोड़कर अन्य सभी जिलों में बस सेवा अलाभकारी साबित हो चुकी है।
पानीपत में बस सेवा को कामयाब बनाने के लिए प्रशासन ने ऑटो बंद कराए थे जिसके बाद बसों में सवारियां सफर करने लगीं। सरकार प्रदेशभर के 10 शहरों में 375 बसें और चलाना चाहती है। धर्मनगरी में भी 40 बसों को भेजा जाना है। सरकार इन बसों को पानीपत, यमुनानगर, करनाल, पंचकुला, हिसार, रोहतक, रेवाडी, सोनीपत, कुरुक्षेत्र और अंबाला में चलाना चाहती है।
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यात्रियों को देना पड़ रहा दोगुना किराया : सामान्य बसों की तुलना में इलेक्ट्रिक बसों में दोगुना किराया लगता है। ऐसे में ग्रामीण रूटों पर सफर करने वाले लोग बसों में यात्रा करने से बच रहे हैं। सामान्य बसों में जहां इतने पैसे में यात्रियों का शहर आना-जाना हो जाता है, वहीं इन बसों में एक साइड के किराए में ही इतना पैसा लग जाता है। सामान्य बसों में मिलने वाली 42 कैटेगरी को भी सुविधा नहीं मिल पा रही।
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कुरुक्षेत्र। रोडवेज प्रबंधक शेर सिंह।