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Kurukshetra News: शोध में एआई के उपयोग पर किया मंथन
Mon, 19 Feb 2024 02:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 19 Feb 2024 02:43 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रबंधन अध्ययन संस्थान द्वारा ट्रांसफॉर्मिंग रिसर्च लैंडस्केप हार्नेसिंग द मैजिक ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। वक्ता ग्रेट लेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के सहायक प्रो. सिमरजीत सिंह ने शोध में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग और साधनों के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी।
प्रो. सिमरजीत ने एससीआईस्पेस, रिजर्व रेबिट, सिमेंटिक स्काॅलर, परप्लेक्सिटी, एआई जैसे विभिन्न आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के टूल्स और सॉफ्टवेयर के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और लिटरेचर में इसके इस्तेमाल पर व्यवस्थित रूप से चर्चा की। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के साथ विभिन्न मैनेजमेंट के टूल पर भी मंथन किया।
निदेशक प्रो. अनिल कुमार मित्तल ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया और ऐसे कार्यक्रम में बढ़चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बढ़ती तकनीक के साथ खुद को भी आधुनिकतम बनाना चाहिए, जिससे भविष्य में आसानी मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान पौधरोपण भी किया गया, जिसमें इंस्टीट्यूट के फाउंडर निदेशक प्रो. डीडी अरोड़ा, पूर्व निदेशक प्रो. भाग सिंह बोदला, दिशा कक्कड़, विक्रम सहित संस्थान के शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रबंधन अध्ययन संस्थान द्वारा ट्रांसफॉर्मिंग रिसर्च लैंडस्केप हार्नेसिंग द मैजिक ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। वक्ता ग्रेट लेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के सहायक प्रो. सिमरजीत सिंह ने शोध में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग और साधनों के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी।
प्रो. सिमरजीत ने एससीआईस्पेस, रिजर्व रेबिट, सिमेंटिक स्काॅलर, परप्लेक्सिटी, एआई जैसे विभिन्न आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के टूल्स और सॉफ्टवेयर के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और लिटरेचर में इसके इस्तेमाल पर व्यवस्थित रूप से चर्चा की। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के साथ विभिन्न मैनेजमेंट के टूल पर भी मंथन किया।
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निदेशक प्रो. अनिल कुमार मित्तल ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया और ऐसे कार्यक्रम में बढ़चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बढ़ती तकनीक के साथ खुद को भी आधुनिकतम बनाना चाहिए, जिससे भविष्य में आसानी मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान पौधरोपण भी किया गया, जिसमें इंस्टीट्यूट के फाउंडर निदेशक प्रो. डीडी अरोड़ा, पूर्व निदेशक प्रो. भाग सिंह बोदला, दिशा कक्कड़, विक्रम सहित संस्थान के शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
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