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नए सत्र की शुरूआत से पहले ही स्कूलों में पहुंचा दीं किताबें : ढांडा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Apr 2025 01:50 AM IST
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Books were delivered to schools before the start of the new session: Dhanda
कुरुक्षेत्र। इस बार कक्षाएं लगने से पहले ही स्कूलों में बच्चों के लिए पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करवा दी गई हैं। इसके लिए पहले ही तैयारी की जा चुकी थी। जहां पुस्तकें नहीं पहुंची हैं, वहां भी जल्द पहुंच जाएंगी और लापरवाही बरतने वालों को भी छोड़ा नहीं जाएगा। यह दावा शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने किया।
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शिक्षा मंत्री सोमवार को धन्ना भगत पब्लिक स्कूल में आयोजित धन्ना भगत जयंती समारोह में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे। उन्होंने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बड़ी है और यही कारण है कि इस बार स्कूलों में पंजीकरण भी बढ़ा है। पिछले साल जो पंजीकरण था, वह आंकड़ा इस बार एक सप्ताह पहले ही पूरा कर लिया गया।
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20 अप्रैल अंतिम तिथि तय की थी जबकि अभी दाखिले जारी है। उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल के सरकारी स्कूलों पर दिए गए बयान पर तंज कसते हुए कहा कि वे नाच न जाने आंगन टेड़ा की स्थिति में हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि जो आज स्कूलों में बच्चों के लिए पुस्तकें उपलब्ध न होने का भ्रामक प्रचार कर रहे हैं उनके शासन के समय सत्र शुरू होने के आठ-आठ माह तक पुस्तकें नहीं मिल पाती थीं।
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14 लाख 14 हजार पुस्तकों के सेट्स बनने थे, 12 लाख भेज चुके
शिक्षा मंत्री ने कहा पूरे प्रदेश में 14 लाख 14 हजार पुस्तकों के सेट्स बनने थे, जिनमें से 12 लाख स्कूलों में पहुंच भी चुके हैं। सभी पुस्तकों को पहुंचाने के लिए 21 अप्रैल तक का लक्ष्य रखा गया था और उम्मीद है कि ये बाकी पुस्तकें भी पहुंच गई होगी। वे अधिकारियों के साथ इस बारे गहन चर्चा करेंगे और कहीं कमी पाई गई तो पैनल्टी का भी प्रावधान है।


संत शिरोमणि भगत धन्ना जाट को किया नमन

शिक्षा मंत्री ने संत शिरोमणि भगत धन्ना जाट को नमन किया और उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि की। उन्होंने कहा कि संत शिरोमणी धन्ना भगत ने पत्थर में भी जान डाल दी जो की भक्ति का एक सबसे बड़ा जीवंत उदाहरण है। उनका जीवन आदर्शों से परिपूर्ण रहा है, जिसे सबको आत्मसात करना चाहिए।
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