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Kurukshetra News: आढ़त वसूली पर भाकियू किसानों के साथ, नहीं होने दिया जाएगा अन्याय

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 25 Jun 2025 02:14 AM IST
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Bhakiyu is with the farmers on the issue of commission collection, injustice will not be allowed
शाहाबाद। सूरजमुखी की खरीद पर अहम बैठक मंगलवार को किसान रेस्ट हाउस में हुई, जिसमें भारतीय किसान यूनियन चढूनी की कोर कमेटी के सदस्यों सहित, बड़ी संख्या में किसान भी शामिल हुए। बैठक में मार्केट कमेटी शाहाबाद के सचिव कृष्ण कुमार मलिक भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य किसानों से सूरजमुखी की खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और खरीद से जुड़ी शिकायतों का समाधान करना था।
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बैठक केउपरांत भाकियू प्रवक्ता राकेश बैंस ने मंडी में किसानों से जबरन आढ़त वसूली पर गहरा रोष प्रकट किया। उन्होंने बताया कि जब 16 जून से पहले मंडी में आढ़ती हड़ताल पर थे, तो मार्केट कमेटी सचिव द्वारा नोटिस मिलने के बाद आढ़तियों ने आपसी बैठक की थी। उस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सरकार से एक प्रतिशत आढ़त ली जाएगी, जबकि किसानों से 1.5 प्रतिशत प्रति क्विंटल आढ़त वसूल की जाएगी। उन्होंने इसे पूरी तरह गलत और गैरकानूनी बताया। उन्होंने कहा कि आढ़तियों की आढ़त पर लड़ाई सरकार से है, जिसमें किसान यूनियन उनके साथ है लेकिन किसानों पर इसका बोझ डालना पूरी तरह अनुचित है। किसानों से आढ़त वसूलना न केवल अवैध है बल्कि उनकी आर्थिक हालत को और बदतर करने जैसा है।
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किसान नेता जसबीर सिंह मामूमाजरा ने भी इस मुद्दे पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि हरियाणा की अन्य अनाज मंडियों में किसानों से आढ़त नहीं वसूली जा रही है लेकिन शाहाबाद मंडी में आढ़ती यह गैरकानूनी कार्य कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि प्रशासन तुरंत इस पर संज्ञान ले और दोषी आढ़तियों पर कार्रवाई करे।
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सचिव ने कहा होगी कार्रवाई इस मुद्दे पर मार्केट कमेटी सचिव कृष्ण कुमार मलिक ने भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने बताया कि मंगलवार को दोनों आढ़ती यूनियन के सदस्यों को बैठक में बुलाया गया था, लेकिन आढ़तियों ने किसी कारणवश बैठक में भाग नहीं लिया। सचिव ने कहा कि किसानों से आढ़त वसूलना पूर्ण रूप से गैरकानूनी है और यदि किसी किसान से वसूली की शिकायत मिलती है, तो संबंधित आढ़ती के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, यहां तक कि उसका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। सचिव ने यह भी बताया कि दोनों आढ़ती यूनियन के प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है, ताकि वे अपनी स्थिति स्पष्ट करें। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि मंडी में पारदर्शिता और कानून के दायरे में रहकर ही खरीद प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।



नहीं लिया यूनियन ने ऐसा कोई फैसला : प्रधान
इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए अनाज मंडी कच्चा आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान धनपत राय अग्रवाल ने लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उनकी यूनियन ने किसी भी बैठक में किसानों से आढ़त लेने का निर्णय नहीं लिया है। यदि कोई आढ़ती व्यक्तिगत रूप से किसानों से आढ़त ले रहा है तो मार्केट कमेटी उसे नोटिस दे और उस पर कार्रवाई करे। धनपत राय ने यह भी कहा कि सचिव द्वारा पूरी यूनियन को नोटिस भेजना गलत तरीका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को परेशानी न हो इसलिए आढ़तियों ने हड़ताल वापस ली थी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पहले आढ़तियों को 2.5 प्रतिशत आढ़त मिलती थी, लेकिन आज एक प्रतिशत में काम करने को मजबूर किया जा रहा है, जो उनकी आजीविका पर सीधा असर डाल रहा है। आढ़त को लेकर सरकार से उनकी लड़ाई अभी जारी है।
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