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Kurukshetra News: भाकियू चढूनी ने बीज संशोधन अधिनियम का किया स्वागत
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शाहाबाद। भारतीय किसान यूनियन चढूनी की एक ब्लॉक स्तरीय बैठक अनाज मंडी स्थित किसान विश्राम गृह में हुई, जिसमें किसानों ने हरियाणा सरकार द्वारा पारित बीज (हरियाणा संशोधन) विधेयक 2025 का स्वागत किया। किसानों ने इस अधिनियम को फसल के बीज और दवाइयों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में कारगर बताया, जिससे हर वर्ष होने वाले करोड़ों रुपये के आर्थिक नुकसान से बचा जा सकेगा।
बैठक में चर्चा हुई कि पूर्व में घटिया गुणवत्ता के बीज और दवाइयों के कारण किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ता था, और दोषियों पर मात्र 500 रुपये जुर्माना या 15 दिनों के लिए लाइसेंस रद्द करने जैसी सजा होती थी। नए अधिनियम में सजा का प्रावधान बढ़ाया गया है, जिससे दोषियों को तीन माह से तीन वर्ष तक की सजा और 50 हजार से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है ।
किसानों ने मांग की कि बिना सिफारिश के दवाइयां और बीज बेचने पर रोक लगाई जाए और कठोर सजा का प्रावधान हो। साथ ही हर जिले में गुणवत्ता जांच केंद्र (कृषि लैब) खोले जाने की भी मांग की गई ताकि किसान आसानी से खरीदे गए कृषि उत्पादों की जांच करवा सकें। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस ने की जबकि इस दौरान कार्यकारी प्रधान जसबीर सिंह मामूमाजरा, सुखचैन सिंह पाडलू, उपकार सिंह नलवी, पवन कुमार शाहाबाद, कुलदीप दिनारपुर, रामपाल चढूनी, नसीब सिंह त्यौड़ी सहित अनेक किसान मौजूद रहे।
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बैठक में चर्चा हुई कि पूर्व में घटिया गुणवत्ता के बीज और दवाइयों के कारण किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ता था, और दोषियों पर मात्र 500 रुपये जुर्माना या 15 दिनों के लिए लाइसेंस रद्द करने जैसी सजा होती थी। नए अधिनियम में सजा का प्रावधान बढ़ाया गया है, जिससे दोषियों को तीन माह से तीन वर्ष तक की सजा और 50 हजार से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है ।
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किसानों ने मांग की कि बिना सिफारिश के दवाइयां और बीज बेचने पर रोक लगाई जाए और कठोर सजा का प्रावधान हो। साथ ही हर जिले में गुणवत्ता जांच केंद्र (कृषि लैब) खोले जाने की भी मांग की गई ताकि किसान आसानी से खरीदे गए कृषि उत्पादों की जांच करवा सकें। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस ने की जबकि इस दौरान कार्यकारी प्रधान जसबीर सिंह मामूमाजरा, सुखचैन सिंह पाडलू, उपकार सिंह नलवी, पवन कुमार शाहाबाद, कुलदीप दिनारपुर, रामपाल चढूनी, नसीब सिंह त्यौड़ी सहित अनेक किसान मौजूद रहे।
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