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कोर्ट का निर्णय आने से पहले कोई भी निजी स्कूल ट्यूशन फीस के अलावा नहीं लेगा कोई अन्य चार्ज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 23 Nov 2021 02:30 AM IST
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Before the decision of the court, no private school will take any other charge apart from tuition fees.
निजी स्कूल और अभिभावकों के बीच वार्षिक शुल्क और अन्य फंड को लेकर एक मामला अदालत में विचाराधीन है। इसलिए कोर्ट का फैसला आने से पहले कोई भी निजी स्कूल विद्यार्थियों से ट्यूशन फीस के अलावा कोई अन्य चार्ज या फंड नहीं लेगा। अगर किसी स्कूल संचालक ने आदेशों की अवहेलना की तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ये आदेश अंबाला मंडल की आयुक्त रेणु एस फुलिया ने सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में फीस और फंड रेगुलेटरी कमेटी की बैठक में दिए। इससे पहले मंडल आयुक्त रेणु एस फुलिया ने जिला शिक्षा अधिकारी अरुण आश्री, अभिभावकों और निजी स्कूल प्रबंधकों और प्रिंसिपल से फीडबैक ली। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी अरुण आश्री ने निजी स्कूलों और अभिभावकों के बीच वार्षिक शुल्क, टयूशन फीस, यातायात सुविधा आदि विषयों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए तथ्य रखे।
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उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की तरफ से जिले के आठ स्कूलों को अभिभावकों की तरफ से मिली शिकायतों से संबंधित जवाब देने के लिए कहा गया था, लेकिन इसमें से केवल 3 स्कूलों ने ही जवाब दिया है, बाकी किसी स्कूल ने अभी तक जवाब नहीं आया। हालांकि सभी स्कूलों को रिमाइंडर भी डाला गया था। इतना ही नहीं आयुक्त ने अभिभावकों द्वारा रखी शिकायतों के आधार पर निजी स्कूलों को नोटिस जारी करने के भी आदेश दिए हैं और इन स्कूलों को आगामी 3 दिनों के अंदर जवाब देने को कहा गया है।
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मंडलायुक्त ने सभी पक्षों द्वारा रखी गई दलीलों को सुना और कहा कि वार्षिक शुल्क और अन्य फंड को लेकर मामला कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए किसी भी स्कूल संचालक को ट्यूशन फीस के अलावा कोई भी शुल्क बच्चों से नहीं लेना चाहिए। सभी स्कूल प्रबंधक अदालत के फैसले के बाद ही फंड से संबंधित कार्रवाई करें। अगर किसी स्कूल प्रबंधक ने नियमों की पालना नहीं की तो सख्त से सख्त कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। उन्होंने सभी स्कूल प्रबंधकों को यह भी आदेश दिए कि कोरोना काल के बाद सभी स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षा दी गई। इसलिए संवेदनशीलता के साथ स्कूल प्रबंधकों को कार्य करना चाहिए। किसी भी अभिभावक और बच्चे के खिलाफ द्वेष भावना से काम नहीं करना चाहिए।
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