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‘चोंच भर पानी’ अभियान...न जाए पक्षियों की जान
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पक्षियों के लिए पेड़ पर कसोरे लगाते केयू के विद्यार्थी। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। सेवा सबसे बड़ा धर्म है और इसके लिए कोई उम्र नहीं होती। मन में करुणा का भाव और इरादे नेक हों तो छोटी उम्र में ही समाज के लिए कुछ करने की शक्ति खुद ब खुद पैदा हो जाती है। ऐसी ही शक्ति से परिपूर्ण कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के विद्यार्थी अनिल हैं, जिन्होंने दो माह पहले भीषण गर्मी को देखते हुए ‘चोंच भर पानी’ मुहिम की शुरुआत की थी। अब उनके साथ युवाओं का कारवां बन गया है। यही नहीं अब जिले की पुलिस अधीक्षक डॉ. अंशु सिंगला खुद इस अभियान से जुड़कर युवाओं का मार्गदर्शन कर रही हैं।
21 वर्ष की आयु में अनिल ने समाज सेवा का बीड़ा उठाया और इस पथ पर आगे बढ़ने का निश्चय किया। इसके तहत उन्होंने ‘चोंच भर पानी’ मुहिम की शुरुआत की, ताकि पक्षियों को भीषण गर्मी में पानी के बिना तड़पकर जान न गंवाना पड़े। पक्षियों को बचाने के साथ-साथ मिट्टी के बर्तन बनाने वालों के लिए भी यह मुहिम एक आस की तरह है। इससे उन्हें लगातार कार्य मिल रहा है, जिससे वह अपने बच्चों का भरण पोषण कर पा रहे हैं।
दरअसल अनिल ने अभियान के तहत अपने अन्य युवा साथियों संग मिलकर जगह-जगह 500 से अधिक कसोरे स्थापित किए हैं। इनमें रोजाना दाना-पानी के लिए साथियों की ड्यूटियां भी निर्धारित की गई हैं। अनिल ने बताया कि सकोरे की व्यवस्था लोगों के द्वारा दी गई आर्थिक सहायता से की जा रही है। इसमें जनसंचार विभाग की निदेशिका प्रो. बिंदु शर्मा, सहायक प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार और डॉ. रोशन मस्ताना सहित कई शिक्षक भी उनका मार्गदर्शन कर रहे हैं।
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‘दिवाली दिए संग’ अभियान भी चलाया
21 वर्षीय अनिल ने दीपावली पर भी इस बार ‘दिवाली दिए संग’ अभियान की शुरुआत की थी। इसके तहत अनिल ने टीम के साथ घर-घर जाकर लोगों से मिट्टी के दीये इस्तेमाल करने की अपील की थी। इतना ही नहीं उन्होंने मिट्टी के दीये बनाने वाले कई कारीगरों से दीये खरीदकर जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क वितरित किए, ताकि दिवाली पर उनके घर भी रोशन हो सकें।
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कुरुक्षेत्र। सेवा सबसे बड़ा धर्म है और इसके लिए कोई उम्र नहीं होती। मन में करुणा का भाव और इरादे नेक हों तो छोटी उम्र में ही समाज के लिए कुछ करने की शक्ति खुद ब खुद पैदा हो जाती है। ऐसी ही शक्ति से परिपूर्ण कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के विद्यार्थी अनिल हैं, जिन्होंने दो माह पहले भीषण गर्मी को देखते हुए ‘चोंच भर पानी’ मुहिम की शुरुआत की थी। अब उनके साथ युवाओं का कारवां बन गया है। यही नहीं अब जिले की पुलिस अधीक्षक डॉ. अंशु सिंगला खुद इस अभियान से जुड़कर युवाओं का मार्गदर्शन कर रही हैं।
21 वर्ष की आयु में अनिल ने समाज सेवा का बीड़ा उठाया और इस पथ पर आगे बढ़ने का निश्चय किया। इसके तहत उन्होंने ‘चोंच भर पानी’ मुहिम की शुरुआत की, ताकि पक्षियों को भीषण गर्मी में पानी के बिना तड़पकर जान न गंवाना पड़े। पक्षियों को बचाने के साथ-साथ मिट्टी के बर्तन बनाने वालों के लिए भी यह मुहिम एक आस की तरह है। इससे उन्हें लगातार कार्य मिल रहा है, जिससे वह अपने बच्चों का भरण पोषण कर पा रहे हैं।
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दरअसल अनिल ने अभियान के तहत अपने अन्य युवा साथियों संग मिलकर जगह-जगह 500 से अधिक कसोरे स्थापित किए हैं। इनमें रोजाना दाना-पानी के लिए साथियों की ड्यूटियां भी निर्धारित की गई हैं। अनिल ने बताया कि सकोरे की व्यवस्था लोगों के द्वारा दी गई आर्थिक सहायता से की जा रही है। इसमें जनसंचार विभाग की निदेशिका प्रो. बिंदु शर्मा, सहायक प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार और डॉ. रोशन मस्ताना सहित कई शिक्षक भी उनका मार्गदर्शन कर रहे हैं।
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‘दिवाली दिए संग’ अभियान भी चलाया
21 वर्षीय अनिल ने दीपावली पर भी इस बार ‘दिवाली दिए संग’ अभियान की शुरुआत की थी। इसके तहत अनिल ने टीम के साथ घर-घर जाकर लोगों से मिट्टी के दीये इस्तेमाल करने की अपील की थी। इतना ही नहीं उन्होंने मिट्टी के दीये बनाने वाले कई कारीगरों से दीये खरीदकर जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क वितरित किए, ताकि दिवाली पर उनके घर भी रोशन हो सकें।