तिरुपति देवस्थानम के भगवान बालाजी विराजेंगे धर्मनगरी में
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दुनिया के सबसे अमीर भगवान तिरुपति बालाजी धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र में चरण रख चुके हैं। दक्षिण भारत में स्थित तिरुपति देवस्थानम से लंबी दूरी तय करके भगवान फिलहाल अपने निर्माणाधीन भवन में कुछ विश्राम करेंगे। क्योंकि अभी मंदिर को भव्य स्वरूप देने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल के आरंभ में सात दिन तक विधि विधान से होने वाले मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के साथ बालाजी भगवान लोक कल्याण के लिए ठीक वैसे ही खड़े दिखेंगे, जैसे सदियों दक्षिण भारत के तिरुपति मंदिर में दर्शन करने को मिलते हैं। जाहिर है कि ठीक ऐसे ही बालाजी भगवान दुनिया के सबसे अधिक चढ़ावे वाले तिरुपति मंदिर में विराजमान हैं, जबकि रात को कुरुक्षेत्र पहुंची यह मूर्ति भी उसी देवस्थानम में तैयार हुई है।
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड की निर्माण शाखा पिछले करीब चार साल से कुरुक्षेत्र में भी तेजी मंदिर का निर्माण कार्य कर रही है, जोकि अगले दिनों में कुरुक्षेत्र मुख्य आकर्षण और आस्था के केंद्रों में शामिल होगा। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने कांग्रेस के शासनकाल में तिरुपति देवस्थानम बोर्ड को मंदिर निर्माण के लिए पांच एकड़ भूमि प्रदान की थी, जहां यह मंदिर का निर्माण ग्रेनाइट पत्थर की बड़ी-बड़ी शिलाओं से दक्षिण भारत के कारीगरों द्वारा किया जा रहा है। धर्मक्षेत्र पहुंची भगवान तिरुपति बाला जी अद्भुत मूर्ति करीब 9 फुट की है। जिसे खास ग्रेनाइट पत्थर से तैयार किया गया है। केडीबी के संपदा प्रबंधक राजीव शर्मा के मुताबिक तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड मार्च के अंतिम
सप्ताह या अप्रैल में मंदिर के शुभारंभ की युद्ध स्तर पर तैयारी कर रहा है।
इसलिए हैं दुनिया में बालाजी सबसे अमीर भगवान
मंदिर के कोष में आठ लाख टन बेशकीमती आभूषण है।
50 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति है।
मंदिर में प्रतिदिन करीब 7 करोड़ दान आता है
650 करोड़ से अधिक वार्षिक आय है
तिरुपति देवस्थानम बोर्ड में 25 हजार कर्मचारी हैं
बोर्ड एक साल में सैलरी व सु
विधाओं पर 695 करोड़ खर्च करता है
पहले चरण में 18 करोड़ खर्च, ये है मंदिर के आकर्षण
राजगोपरम यानि मंदिर का करीब 55 फुट ऊंचा दक्षिण भारतीय शैली में बना यह प्रवेश द्वार श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। राजगोपरम से प्रवेश करने के बाद बलिपीठम, ध्वजमस्तंभम, गरूड मंदिर, मुखमडपम, महामंडपम, अर्धमंडपम और गर्भालय, इसी स्थान पर भगवान तिरुपति बालाजी विराजमान होंगे। मंदिर दाएं और बाएं दोनों ओर भू देवी और श्रीदेवी के मंदिर हैं। मंदिर के निर्माण के पहले चरण में 18 करोड़ खर्च हो चुके हैं,जबकि 35 करोड़ और खर्च होंगे।
11 गोल्ड प्लेटिड भव्य कलश भी पहुंचे
तिरुपति बालाजी मंदिर की भव्यता में चार चांद गोल्ड प्लेटिड कलश लगाएंगे। दक्षिण भारत से तैयार होकर आए इन 11 कलशों में एक मुख्य कलश भी शामिल है, जोकि मंदिर के शिखर पर सजेंगे। यहां बता दें कि 14 अगस्त 2012 में भूपेंद्र सिंह हुड्डा और तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड के चेयरमैन और तत्कालीन सांसद कनुमुरु बापी राजू ने मंदिर की आधार शिला रखी थी।